रविवार, 21 जनवरी 2018

टाई और डिग्री गले में पहनकर किया प्रदर्शन

राजधानी में आज रविवार को बोर्ड आफिस चौराहे पर बेरोजगार सेना के सदस्यों ने गले में टाई और डिग्री लटकाकर प्रदर्शन किया और नौकरी की मांग की.
मध्यप्रदेश में महंगी डिग्रियां लेने के बाद भी युवा बेरोजगार घूम रहे हैं. जिनके पास नौकरियां हैं उन्हें भी बेहद कम तनख्वाह मिल रही है, चाहे अतिथि विद्वान हो, अतिथि शिक्षक हों या संविदाकर्मी. पिछले 10 वर्षों में सरकारी नौकरियां बढ़ने की बजाय कम हो गयी हैं. हर 7 वें घर में एक शिक्षित युवा बेरोजगार है. हर 10 बेरोजगारों में से 9 शिक्षित हैं. पिछले 2 वर्ष में मध्यप्रदेश में 53 प्रतिशत बेरोजगार बढे हैं. मध्यप्रदेश में लगभग 1 लाख से अधिक सरकारी पद रिक्त हैं. इस बढ़ रही बेरोजगारी की समस्या के समाधान केवल एक है कि प्रदेश में शिक्षित युवाओं के लिए शिक्षित युवा गारंटी कानून बनाया जाए. इन मांग को लेकर बेरोजगार सेना के प्रमुख अक्षय हुंका के नेतृत्व में भोपाल के बोर्ड आफिस चौराहे पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में शहर के सैंकड़ों बेरोजगार शामिल हुए. प्रदर्शकारियों ने टाई और डिग्री लगाकर कानून बनाने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान सभी युवाओं ने कानून की मांग की और कहा कि अगर नौकरियां नहीं मिलेगी तो वोट भी नहीं देंगे. कार्यक्रम के अंत में अक्षय हुंका ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक कानून नहीं बन जाता तब तक प्रदेश का युवा चैन से नहीं बैठेगा. उन्होंने बताया कि यह आंदोलन पूरे प्रदेश में तेजी से फैल रहा है और जल्द ही संभाग स्तर पर घेराव और प्रदर्शन किए जाएंगे. पहले चरण में चल रहे हस्ताक्षर अभियान में हजारों युवा जुड़ रहे हैं और हस्ताक्षर अभियान भोपाल, रायसेन, ग्वालियर, छत्तरपुर, भिंड, सतना, रीवा, देवास, सिहोर समेत कई जिलों में शामिल हो चुका है. विक्रान्त राय ने बताया कि कि शिक्षित बेरोजगारों में बड़ी संख्या किसानों के बच्चों की है, और इस कानून के आने से किसानों को भी बहुत फायदा होगा. वहीं अशोक शर्मा ने कहा कि इस आंदोलन में केवल युवा ही नहीं ऐसे पालक भी जुड़ रहे हैं जिनके बच्चों को बेरोजगार नहीं मिल पा रहा है.


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