मंगलवार, 2 जनवरी 2018

भोई, निषाद जाति के लोगों को जनजाति का प्रमाण पत्र

प्रदेश  सरकार ने धीवर, कहार, भोई, केवट, मल्लाह, निषाद आदि जाति को नये साल का उपहार देते हुए उनके जनजाति प्रमाण-पत्र को मान्यता दे दी है तथा वे सरकारी नौकरी में बने रहेंगे. इस संबंध में राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने सोमवार को राज्य शासन के निर्णय को जारी किया. निर्णय में कहा गया है कि धीवर, कहार, भोई, केवट, मल्लाह, निषाद आदि जाति के जिन व्यक्तियों द्वारा मांझी अनुसूचित जनजाति के जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर 11 नवम्बर 2005 के पूर्व शासकीय सेवाओं में नियोजन व शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश प्राप्त कर लिया है, उन्हें संरक्षण प्रदान किया जाएगा, किन्तु उक्त दिनांक के पश्चात उन्हें अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत नहीं मानते हए आरक्षण का लाभ नहीं दिया जायेगा.
उल्लेखनीय है कि मांझी जाति के प्रमाण-पत्र निरस्त किये जाने से धीवर, कहार, भोई, केवट, मल्लाह, निषाद आदि जाति के लोगों के सामने संकट उत्पन्न हो गया था क्योंकि उन्होंने जनजाति के प्रमाण-पत्र लेकर आरक्षण का लाभ ले लिया था तथा अब उन्हें प्रमाण-पत्र निरस्त होने से शासकीय नौकरी जाने तथा शैक्षणिक संस्थाओं से प्राप्त डिग्री छिनने का खतरा उत्पन्न हो गया था. इसी कारण से राज्य सरकार ने अब उन्हें संरक्षण प्रदान कर दिया है लेकिन सिर्फ 11 नवम्बर, 2005 के पूर्व बने जनजाति प्रमाण-पत्रों के लिए. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव के.के. कातिया ने राज्यपाल के आदेश से सरकार का यह निर्णय जारी कर दिया है और सभी विभागों एवं सरकारी कार्यालयों एवं संस्थाओं को इसकी सूचना जारी कर दी है.

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