प्रदेश के स्कूलों के बच्चों को सरकार पढ़ाई के साथ-साथ तनाव-डिप्रेशन से बचने के तरीके भी सिखाएगी. सरकार बच्चों को विनम्रता से थैंक्यू और सारी कहने का सलीका भी समझाएगी. इसके साथ ही बच्चों को दूसरों में अच्छाई ढूंढने के साथ अपने अंदर क्षमा और कृतज्ञता का भाव बढ़ाने के टिप्स भी दिए जाएंगे. आनंद विभाग ने पायलट प्रोजेक्ट के लिए भोपाल जिले के 25 स्कूलों का चयन किया है. भोपाल जिले के स्कूलों में नौवीं और ग्यारहवीं के बच्चों पर हुए पायलट प्रोजेक्ट के नतीजों के आधार पर इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना बनाई जा रही है. राज्य आनंद संस्थान ने आनंद सभा के तहत जिन स्कूल शिक्षकों को यह जवाबदारी सौंपी है, उनके फीडबैक के आधार पर इसमें संशोधन का विकल्प भी रखा है.
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें