सोमवार, 22 जनवरी 2018

सस्ते दाम पर प्लाट का लालच देकर की धोखाधड़ी

 भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) के प्लाट सस्ते दामों पर दिलवाने का लालच देकर 64 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को भोपाल क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया गया है. यह जानकारी भोपाल डीआईजी धर्मेन्द्र चौधरी ने यह जानकारी दी.  डीआईजी चौधरी ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पकड़ाए गए आरोपियों की पहचान रूपेश सिरोड़े पिता मधुकर सिरोड़े निवासी मकान नंबर 66 छत्रसाल नगर अयोध्या भोपाल, अतुल श्रीवास्तव पिता जे.पी. श्रीवास्तव  निवासी ई डीलक्स 19 मीनाल रेसीडेंसी जे.के. रोड भोपाल और रवि कुमार महेश्वरी पिता दयालु प्रसाद निवासी ग्राम लालपुरा तहसील लहार जिला भिंड, के रूप में हुई है.  चौधरी ने कहा कि आरोपियों ने आईएसबीटी बस स्टैंड स्थित बीडीए के शासकीय प्लाट के फर्जी दस्तावेज बनाकर उसका सौदा वर्मा ट्रेवल्स के मालिक फरियादी दीपक वर्मा और एक अन्य फरियादी जगदीश सिंह के साथ किया था. बीडीए के प्लाट दिलाने के नाम पर आरोपियों ने दीपक वर्मा से 43 लाख रुपए और जगदीश सिंह से 20 लाख 51 हजार रुपए धोखाधड़ी करते हुए ऐंठे थे. बाद में तीन आरोपी करीब 64 लाख रुपए लेकर चंपत हो गए थे. जब फरियादियों को इस धोखाधड़ी का पता लगा, तो उन्होंने बीडीए आॅफिस के अधिकारियों के साथ संपर्क किया, बाद में बीडीए ने मामले की गंभीरता को समझते हुए भोपाल क्राइम ब्रांच में मामले की शिकायत दर्ज करवाई.  चौधरी का कहना है कि आरोपी रूपेश सिरोड़े प्रापर्टी डीलिंग, लोन दिलाने, स्वयं की कपड़े की दुकान और एमपी नगर में सार्थक एसोसिएट्स नामक दुकान का काम करत है. वहीं आरोपी अतुल श्रीवास्वत मार्केटिंग लाइफ कंपनी में और रवि कुमार महेश्वरी, प्रायवेट नौकरी करता है. पूछताछ में आरोपियों द्वारा बताया गया कि वह लोग बीडीए प्लाट क्रय करने के लिए ग्राहक की तलाश करते थे. ग्राहकों को वह झांसा देते थे कि बीडीए में उनकी अच्छी सेटिंग हैं. वह शासकीय प्लाट को सस्ते दामों में दिलवाने का लालच देते हुए लोगों से पैसे ठगा करते थे. डीआईजी का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है. पूछताछ में अन्य कई वारदातों का खुलासा होने की संभावना है.

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