नंदकुमार के बदले जाने की चर्चा को शिवराज ने किया खारिज
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| नंदकुमार सिंह चौहान |
कहा निराधार हैं खबरें, नंदकुमार सिंह ने कहा कि नहीं दिया मैंने इस्तीफा
मध्यप्रदेश भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान के इस्तीफे को लेकर चल रही अटकलों को आज मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने खारिज कर दिया. उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की खबरें निराधार हैं. वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें यथावत रहने का आशीर्वाद दिया है.
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| शिवराजसिंह चौहान, |
मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष के बदलाव को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे हैं. बीते दिनों जब संघ प्रमुख मोहन भागवत उज्जैन की यात्रा पर थे और उनसे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान सहित अन्य नेताओं ने मुलाकात की तो यह चर्चा चल पड़ी थी कि नंदकुमार सिंह चौहान का बदला जाना तय है, और इसे लेकर अटकलों का दौर शुरु हुआ और कैलाश विजयवर्गीय के नाम की चर्चा तेज हो गई, मगर खुद विजयवर्गीय ने अपने आप को प्रदेश वापसी से दूर रहना बताया. विजयवर्गीय ने कहा कि वे वापस प्रदेश नहीं लौट रहे हैं. इसके बाद शनिवार की दिनभर इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने इस्तीफा दे दिया. मगर पुष्टि कोई भी करता नजर नहीं आया. हालांकि बाद में खुद चौहान ने साफ किया कि उन्होंने कोई इस्तीफा नहीं दिया है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यथावत रहने का आशीर्वाद दिया है, तो मैं इस्तीफा क्यों दूं. वहीं आज रविवार को खुद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ग्वालियर में यह साफ कर दिया कि नंदकुमार सिंह चौहान हटाए नहीं जा रहे हैं. उन्होंने इस बात को खारिज करते हुए कहा कि वे अध्यक्ष बने रहेंगे. मुख्यमंत्री ने उनके इस्तीफे दिए जाने या फिर हटाए जाने की बातों को निराधार बताया.
लंबे समय से लग रहे कयास
नंदकुमार सिंह चौहान को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने की लंबे समय से चल रही हैं. चौहान के स्थान पर नरोत्तम मिश्रा, जबलपुर सांसद राकेश सिंह एवं गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह में से किसी एक को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. इस सूची में कैलाश विजयवर्गीय का नाम भी था परंतु उन्होंने प्रदेश में वापस आने की चर्चाओं को खुद ही खारिज कर दिया. कहा जा रहा है कि गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह भी इस पद पर काम करना नहीं चाहते एवं नरोत्तम मिश्रा ने अब तक कोई फैसला नहीं किया है. बीते दिनों उज्जैन में संघ प्रमुख मोहनराव भागवत ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं कैलाश विजयवर्गीय को मिलने के लिए बुलाया था. भागवत ने पहले अमित शाह से बात की फिर शिवराज और कैलाश को बुलाया. इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय को बाहर भेज दिया और अमित शाह व शिवराज सिंह से चर्चा की. इसके बाद माना जा रहा था कि नंदकुमार सिंह चौहान को कभी भी बदला जा सकता है.
यादव बने रहेंगे प्रदेश अध्यक्ष
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मध्यप्रदेश कांग्रेस में भी लगातार बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी विराम लग गया है. कांग्रेस आलाकमान ने कांग्रेस की कमान फिर से एक बार अरुण यादव को सौंपी है. वे ही प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे. राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस बात का फैसला लिया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने ये भी फैसला लिया है कि सभी प्रदेशों के कांग्रेस अध्यक्ष अपने-अपने पदों पर बने रहेंगे, इसके अलावा कांग्रेस की क्षेत्रीय कमेटियों और अन्य कमेटियों के पदाधिकारी भी बने रहेंगे. उल्लेखनीय है कि कांग्रेस में भी लंबे समय से प्रदेश अध्यक्ष के बदलाव को लेकर चर्चा का बाजार गर्म था, मगर राहुल गांधी के इस फैसले के बाद प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सक्रिय नेताओं को झटका लगा है.
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