मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के सभी संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों से चर्चा करते हुए विभिन्न विभागों की प्राथमिकताओं को नई ऊर्जा और प्रभावी कार्य-योजनाएं बनाकर पूरा करने के निर्देश दिये. मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग आपस में समवन्य स्थापित करें. नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलवाकर मध्यप्रदेश को पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प लें. उन्होंने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिये कि परस्पर समन्वय से काम करते हुए अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनायें. अपराधियों से निपटने में किसी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करें.
मुख्यमंत्री आज राजधानी भोपाल में मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टरों और संभागायुक्तों से चर्चा कर रहे थे. चौहान ने कहा कि विभागों की तय प्राथमिकताओं को प्रभावी रूप से जमीनी स्तर पर लागू करें. उन्होंने जिला कलेक्टरों से कहा कि नये लक्ष्यों को पूरा करने के लिये तैयारी करें. जिन परिवारों को घर मिल गये हैं, उनके लिए गृह प्रवेश का कार्यक्रम रखवाएं. भवन निर्माण की दूसरी किश्त की राशि देने में विलंब की स्थिति नहीं बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि दो अक्टूबर तक सभी जिलों को खुले में शौच जाने से मुक्त घोषित कराने की तैयारी करें. सूखा प्रभावित जिलों में 100 की बजाय 150 दिनों का रोजगार देने की तैयारी रखें. मुख्यमंत्री ने दो अप्रैल से जलाभिषेक अभियान चलाने के निर्देश दिये. उन्होंने जिला कलेक्टरों से कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा में नर्मदा के किनारे पर लगाये गये पौधों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करें. गर्मी के दिनों में विशेष कार्य-योजना बनाकर पौधों में नमी के लिये उपाय करें.
राजस्व विभाग की प्राथमिकताओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व मामलों के निराकरण की गति को ऐसे ही तीव्र बनाये रखें. छह जनवरी से होशंगाबाद से राजस्व मामलों के निराकरण के अभियान का दूसरा राउंड शुरू होगा. पट्टे वितरण का अभियान 26 जनवरी से शुरू किया जा रहा है. शहरी विकास के क्षेत्र में इस साल पांच लाख आवासीय इकाईयां बनाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने दीनदयाल रसोई योजना को और प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिये. मुख्यमंत्री ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना में किसानों को 900 करोड़ रुपए की भावांतर राशि का भुगतान समारोह पूर्वक किया जाएगा. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने भावांतर भुगतान योजना के क्रियान्वयन में विशेष रुचि दिखाई है. पूरा देश, मध्यप्रदेश की ओर देख रहा है. यह देश को दिशा देने वाली योजना साबित हुई. इसलिये इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहना चाहिए. नवकरणीय ऊर्जा के संबंध में मुख्यमंत्री ने कलेक्टरो को निर्देश दिये कि गांवों में एलईडी बल्व का उपयोग बढ़ाने के लिये प्रयास करें. अभी मध्यप्रदेश एलईडी के उपयोग में देश में आगे चल रहा है. सामाजिक न्याय विकास की प्राथमिताओं की चर्चा करते हुए चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और मुख्यमंत्री निकाह योजना का आयोजन अच्छी तरह किया जाना चाहिए. इन योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिलना चाहिये.उन्होंने दिव्यांगों के लिए विशेष आयोजन करने के निर्देश दिये.
मुख्यमंत्री आज राजधानी भोपाल में मंत्रालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टरों और संभागायुक्तों से चर्चा कर रहे थे. चौहान ने कहा कि विभागों की तय प्राथमिकताओं को प्रभावी रूप से जमीनी स्तर पर लागू करें. उन्होंने जिला कलेक्टरों से कहा कि नये लक्ष्यों को पूरा करने के लिये तैयारी करें. जिन परिवारों को घर मिल गये हैं, उनके लिए गृह प्रवेश का कार्यक्रम रखवाएं. भवन निर्माण की दूसरी किश्त की राशि देने में विलंब की स्थिति नहीं बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि दो अक्टूबर तक सभी जिलों को खुले में शौच जाने से मुक्त घोषित कराने की तैयारी करें. सूखा प्रभावित जिलों में 100 की बजाय 150 दिनों का रोजगार देने की तैयारी रखें. मुख्यमंत्री ने दो अप्रैल से जलाभिषेक अभियान चलाने के निर्देश दिये. उन्होंने जिला कलेक्टरों से कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा में नर्मदा के किनारे पर लगाये गये पौधों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करें. गर्मी के दिनों में विशेष कार्य-योजना बनाकर पौधों में नमी के लिये उपाय करें.
राजस्व विभाग की प्राथमिकताओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व मामलों के निराकरण की गति को ऐसे ही तीव्र बनाये रखें. छह जनवरी से होशंगाबाद से राजस्व मामलों के निराकरण के अभियान का दूसरा राउंड शुरू होगा. पट्टे वितरण का अभियान 26 जनवरी से शुरू किया जा रहा है. शहरी विकास के क्षेत्र में इस साल पांच लाख आवासीय इकाईयां बनाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने दीनदयाल रसोई योजना को और प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिये. मुख्यमंत्री ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना में किसानों को 900 करोड़ रुपए की भावांतर राशि का भुगतान समारोह पूर्वक किया जाएगा. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने भावांतर भुगतान योजना के क्रियान्वयन में विशेष रुचि दिखाई है. पूरा देश, मध्यप्रदेश की ओर देख रहा है. यह देश को दिशा देने वाली योजना साबित हुई. इसलिये इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहना चाहिए. नवकरणीय ऊर्जा के संबंध में मुख्यमंत्री ने कलेक्टरो को निर्देश दिये कि गांवों में एलईडी बल्व का उपयोग बढ़ाने के लिये प्रयास करें. अभी मध्यप्रदेश एलईडी के उपयोग में देश में आगे चल रहा है. सामाजिक न्याय विकास की प्राथमिताओं की चर्चा करते हुए चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और मुख्यमंत्री निकाह योजना का आयोजन अच्छी तरह किया जाना चाहिए. इन योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिलना चाहिये.उन्होंने दिव्यांगों के लिए विशेष आयोजन करने के निर्देश दिये.

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