भोपाल में तमिलनाडु की सुन्दरता का अहसास और अपनापन
भोपाल तमिल संगम ने पोंगल पर्व के उपलक्ष्य में रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन भोपाल के गोविंदपुरा, भेल स्थित कैरियर कॉलेज प्रेक्षागार में किया. कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू हुआ, जिसमें विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों सहित भोज भी संपन्न हुआ. पोंगल का शाब्दिक अर्थ है ‘उफनना’. किसानों के लिए सूर्य ही सबसे बड़े देवता हैं. इसलिए सूर्य की पूजा इस पर्व का प्रमुख अंग है. यह तीन दिनों तक मनाया जाता है. ‘पोंगल’ तमिलनाडु का फसलों से संबंधित त्योहार है. सौर पंचांग के अनुसार, पोंगल पर्व पौष मास की प्रथम तिथि को मनाया जाता है. इसे मूल रूप से किसानों का पर्व कहा जाता है, किन्तु समाज का हर वर्ग इसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाता है. किसान की आंखें इन्हीं दिनों में अपनी मेहनत का सुफल देखती हैं. धान, गन्ने , केले, नारियल, पान, कटहल, हल्दी इत्यादि फसलों से खेत-खलिहान, घर-आंगन भर जाते हैं.
भोपाल तमिल संगम के अध्यक्ष एम. राजी ने बताया कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद तिरु इला गणेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने कार्यकम में भाग लेने वाले सभी आगंतुकों को पोंगल पर्व की बधाई दी. गणेशन ने इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए भोपाल तमिल एसोसिएशन को बधाई देते हुए ऐसी सामूहिक गतिविधियों को सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया. भोपाल तमिल संगम के महासचिव ए. स्वामीदुराई ने बताया कि समारोह में पुरस्कार वितरण के साथ ही अनेक मनोरंजक कार्यक्रम पेश किए गए. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दिल्ली के मुत्थमिझ कलाइ कुझु द्वारा प्रस्तुत कॉमेडी डिबेटिंग सेशन रहा, जिसने उपस्थित लोगों को जमकर ठहाके लगाने पर मजबूर किया. इसके साथ ही बच्चों द्वारा पेश संगीत व नृत्य के कार्यक्रमों ने भी लोगों का भरपूर मनोरंजन किया.परिचय सत्र एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उपरांत पुरस्कार व प्रमाण पत्र वितरण किया गया. इसके साथ ही हर वर्ष की तरह कार्यक्रम के बाद दोपहर 2 बजे सभी अतिथियों, प्रतिभागियों व आगंतुकों के लिए भोज का भी आयोजन किया, जिसमे सभी ने विशेष रूप से बनाए गए स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया. कार्यक्रम के अयोजन से जुड़ी सारी व्यवस्थाओं का संचालन. भोपाल तमिल संगम की कार्यकारी समिति ने काफी कुशलता पूर्वक किया. गौरतलब है कि भोपाल तमिल संगम हर वर्ष पोंगल पर्व पर तमिल समाज के लोगों के मिलन के अवसर के रूप में इस प्रकार के वार्षिक कार्यक्रम का अयोजन करती है.
भोपाल तमिल संगम ने पोंगल पर्व के उपलक्ष्य में रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन भोपाल के गोविंदपुरा, भेल स्थित कैरियर कॉलेज प्रेक्षागार में किया. कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू हुआ, जिसमें विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों सहित भोज भी संपन्न हुआ. पोंगल का शाब्दिक अर्थ है ‘उफनना’. किसानों के लिए सूर्य ही सबसे बड़े देवता हैं. इसलिए सूर्य की पूजा इस पर्व का प्रमुख अंग है. यह तीन दिनों तक मनाया जाता है. ‘पोंगल’ तमिलनाडु का फसलों से संबंधित त्योहार है. सौर पंचांग के अनुसार, पोंगल पर्व पौष मास की प्रथम तिथि को मनाया जाता है. इसे मूल रूप से किसानों का पर्व कहा जाता है, किन्तु समाज का हर वर्ग इसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाता है. किसान की आंखें इन्हीं दिनों में अपनी मेहनत का सुफल देखती हैं. धान, गन्ने , केले, नारियल, पान, कटहल, हल्दी इत्यादि फसलों से खेत-खलिहान, घर-आंगन भर जाते हैं.
भोपाल तमिल संगम के अध्यक्ष एम. राजी ने बताया कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद तिरु इला गणेशन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने कार्यकम में भाग लेने वाले सभी आगंतुकों को पोंगल पर्व की बधाई दी. गणेशन ने इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए भोपाल तमिल एसोसिएशन को बधाई देते हुए ऐसी सामूहिक गतिविधियों को सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया. भोपाल तमिल संगम के महासचिव ए. स्वामीदुराई ने बताया कि समारोह में पुरस्कार वितरण के साथ ही अनेक मनोरंजक कार्यक्रम पेश किए गए. कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दिल्ली के मुत्थमिझ कलाइ कुझु द्वारा प्रस्तुत कॉमेडी डिबेटिंग सेशन रहा, जिसने उपस्थित लोगों को जमकर ठहाके लगाने पर मजबूर किया. इसके साथ ही बच्चों द्वारा पेश संगीत व नृत्य के कार्यक्रमों ने भी लोगों का भरपूर मनोरंजन किया.परिचय सत्र एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उपरांत पुरस्कार व प्रमाण पत्र वितरण किया गया. इसके साथ ही हर वर्ष की तरह कार्यक्रम के बाद दोपहर 2 बजे सभी अतिथियों, प्रतिभागियों व आगंतुकों के लिए भोज का भी आयोजन किया, जिसमे सभी ने विशेष रूप से बनाए गए स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया. कार्यक्रम के अयोजन से जुड़ी सारी व्यवस्थाओं का संचालन. भोपाल तमिल संगम की कार्यकारी समिति ने काफी कुशलता पूर्वक किया. गौरतलब है कि भोपाल तमिल संगम हर वर्ष पोंगल पर्व पर तमिल समाज के लोगों के मिलन के अवसर के रूप में इस प्रकार के वार्षिक कार्यक्रम का अयोजन करती है.

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