शुक्रवार, 1 जून 2018

किसान यूनियन ने कहा शर्मा आंदोलन का लेते हैं श्रेय

किसानों के गांव बंद आंदोलन को लेकर मध्यप्रदेश में किसान संगठनों के बीच मतभेद भी उभरे हें. भारतीय किसान यूनियन के महामंत्री अनिल यादव ने भारतीय किसान संघ के शिवकुमार शर्मा पर आंदोलन का श्रेय लेने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि किसान जब आंदोलन की पूरी फील्डिंग जमा लेता है, तब शर्मा कप्तान बन जाते हैं. 
राजधानी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए अनिल यादव ने कहा कि किसानों का आंदोलन किसी पार्टी या फिर कांग्रेस का नहीं है. सरकार कांग्रेस के नाम पर भ्रमित कर रही है. उन्होंने कहा कि जो काम आज हम याने किसान कर रहे हैं, उस काम को कांग्रेस को पहले से शुरु कर देना चाहिए. उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि वोट के चक्कर में आंदोलन की दिशा को राजनीति कहीं दूसरी दिशा में न मोड़ दे. इसके लिए हमने किसानों को सतर्क भी किया है. यादव ने कहा कि यदि 10 जून तक मांगे नहीं मानी गई, तो उसके बाद भी किसान शहर नहीं आएंगे. गांव में ही सामान बेचेंगे. कोई सामान मंडी नहीं लाया जाएगा और मंडी बंद आंदोलन किया जाएगा. इसका व्यापक असर 10 जून के बाद दिखाई देगा. यादव ने कहा कि किसान आक्रोशित हैं, हालांकि कहीं कोई हिंसक घटना नहीं हुई है. जो लोग सामान लेकर आ रहे थे, उन्हें समझाइश दी तो वे वापस लौट गए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसानों की पीड़ा नहीं समझ रहे हैं. 
वहीं अनिल यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने कहा कि कुछ लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर सरकार के लिए काम कर रहे हैं. ये लोग कोई और नहीं, बल्कि आरएसएस समर्थित भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी हैं. उन्होंने कहा कि बीते वर्ष 5 जून को आंदोलन की समाप्ति के बाद जब किसानों को लगा कि उनके साथ धोखा हुआ है , तब हिंसा भड़की थी. अब भी ये लोग कांग्रेस का सहारा लेकर किसानों के आंदोलन को सफल नहीं होने देना चाहते हैं.

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