आम आदमी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष आलोक अग्रवाल के नेतृत्व में बोर्ड आॅफिस चौराहे पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता को सांकेतिक रूप से लोकतंत्र का स्वरूप दिया गया और एक अन्य कार्यकर्ता को केंद्र सरकार के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में दिखाया गया. इस दौरान मोदी द्वारा लोकतंत्र की हत्या का सांकेतिक प्रदर्शन किया गया.
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक अग्रवाल ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ एलजी के मार्फत जिस तरह से काम कर रही है और यह लोकतंत्र की हत्या का सीधा उदाहरण है. आम आदमी पार्टी इसका कड़ा विरोध करती है. बीते सात दिनों से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इसके खिलाफ धरना दे रहे हैं, वहीं आज से मध्य प्रदेश में उनके धरने के समर्थन में प्रदर्शन की शुरूआत की जा रही है. आगामी दिनों में प्रदेश भर में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों का दौर जारी रहेगा.
अग्रवाल ने मोदी सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए कहा है कि अपने दंभ में मोदी सरकार एक चुनी हुई जन हितैषी सरकार को काम नहीं करने दी रही है. लोकतंत्र की हत्या को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. आखिर केंद्र सरकार को किस बात का डर है. उन्होंने कहा कि एक ईमानदार सरकार से डर चुकी मोदी सरकार पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है और भाजपा सरकार के इस चेहरे को जनता के सामने लाने के लिए मध्य प्रदेश में लगातार प्रदर्शन किए जाएंगे.
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि दिल्ली की जनता ने भारी जनसमर्थन से 70 में से 67 सीट देकर आम आदमी पार्टी की सरकार को निर्वाचित किया था. यह देश में एक अलग प्रकार की ईमानदार व्यवस्था परिवर्तन की राजनीति को दिया गया बहुमत था. अब केंद्र सरकार उप राज्यपाल के जरिये दिल्ली के आईएएस अफसरों पर दबाव बना रही है और अफसरों के जरिये आम आदमी पार्टी की सरकार को काम नहीं करने दिया जा रहा है. यही नहीं शनिवार को जब देश के चार राज्यों के मुख्यमंत्री दिल्ली में केजरीवाल जी से मिलने पहुंचे तो उन्हें भी नहीं मिलने दिया जा रहा है. यह सीधे तौर पर लोकतन्त्र की हत्या है. इसके खिलाफ आम आदमी पार्टी तीखा संघर्ष करेगी.

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