शुक्रवार, 1 जून 2018

साफ्टवेयर जाम होने से रुके वेतन, भत्ते

अधिकारियों, कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन

मध्यप्रदेश सरकार के अधिकांश सरकारी अधिकारी, कर्मचारी पहली तारीख को खुश नहीं है, क्योंकि सरकार द्वारा करोड़ों रुपए देकर बनवाया गया साफ्टवेयर जाम हो गया है, जिसके चलते सरकारी कर्मचारियों के वेतन,ऐरियर एवं अन्य देयक स्वीकार नही किए जा रहे है जिससें कर्मचारियों अधिकारियों पर बडा आर्थिक संकट मंडराने लगा है .
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा मध्यप्रदेश में राज्य सरकार ने 1 मई से सभी तरह के सरकारी बिलों के भुगतान की आनलाईन भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव कर नवीन प्रणाली स्थापित कर दी है. ऐसा बिलों के त्वरित भुगतान की दृष्टि से किया गया है. दरअसल पहले एकीकृत कोषालयीन कम्प्यूटराईजेशन परियोजना के अंतर्गत राज्य वित्तीय प्रबंधन प्रणाली यानि एसएफएमएस स्थापित की गई थी. इसके अंतर्गत तीन सब सिस्टम तथा सोलह माड्यूल हैं जिनमें से स्ट्रांग रुम, ईएसएस, पे-रोल, बजट एवं प्लान माड्यूल के पायलट समाप्त होकर लाईव किए जा चुके हैं. इसके अतिरिक्त सर्विस मेटर के अंतर्गत वेतन निर्धारण माड्यूल भी लाईव किया जा चुका है. साफ्टवेयर से ईएसएस माडयूल हट गया जिससे के चलते साफटवेयर वेतन देयक स्वीकार नही कर रहा है. इसके साथ ही ऐरियर देयक सामान्य भविष्य निधि देयक आदि भी स्वीकार नही किये जा रहे है जिसके चलते कर्मचारियों में भारी नाराजगी है. ये हालात पूरे प्रदेश के है. 
भोपाल में जिला कोषालय अधिकारी अल्पना ओझा का कहना है कि साफ्टवेयर को लागइन करने का कार्य आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय के है.  8 लाख से अधिक पूर्व व वर्तमान कर्मचारियों के भुगतान समेत तमाम व्यवस्थाओं के कम्प्यूटराइेजशन का काम आई टी सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी टीसीएस को सौंपा गया है. टीसीएस ओर सरकार के बीच तनातनी बहुत पुरानी है जिसका खामियाजा अधिकारी कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है. सरकार ने टीसीएस को लगभग 50 करोड रुपए कम्प्यूटराइजेशन के काम के लिए दिये है वही करार के अनुसार प्रोजेक्ट का काम समय अवधि में पूरा न करने पर टीसीएस पर सरकार ने 7 करोड़ की पेनाल्टी लगाई और दबाब के चलते इसे माफ कर दिया गया.  वहीं  दूसरी और टीसीएस का कहना है कि इस कार्य में उसे 70 करोड रुपएं से अधिक का नुकसान हो चुका है.
टीसीएस द्वारा सहयोग न करने के कारण आनलाइन व्यवस्था पूरे तरह से गड़बढ़ा गई है जिसके कारण 8 लाख से ज्यादा पूर्व व वर्तमान अधिकारी कर्मचारियों के वेतन देयक, पेंशन, सामान्य भविष्य निधि भुगतान एवं अन्य भुगतान नही हो पा रहे है. आयुक्त कोष एवं लेखा के जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे है जिसके चलते कोषालय अधिकारियों एवं आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को कर्मचारियों के कोप का भाजन बनना पड रहा है.
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा, उपप्रातांध्यक्ष रविकांत बरोलीया, प्रांतीय सचिव भानु प्रकाश तिवारी ने मुख्य सचिव को ज्ञापन प्रेषित कर साफटवेयर को दुरस्त कराने एवं समय पर वेतन का भुगतान कराने की मांग की है.

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