शुक्रवार, 15 जून 2018

प्रेग्नेंसी टेस्ट के दौरान झांक रहे थे पुलिस वाले


मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के कार्यक्रम में प्रदर्शन करने वाली लड़कियों का जेल में बंद करने के दौरान प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया. लड़कियों का आरोप है कि यह टेस्ट जब कराया गया था, तब पुलिस कर्मी चेंजिंग रुम में झांक रहे थे.इस दौरान उन्हें हत्या के आरोप में जेल में बंद कैदियों के साथ बैठाया गया था.
राजधानी में पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए ऊंचाई में छूट दिए जाने की मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के बाद भी छूट न मिलने पर 9 लड़कियां धरने पर बैठ गई थी. इस दौरान बुधवार की रात जब उन्हें पता चला कि मुख्यमंत्री का लाल परेड मैदान पर कार्यक्रम चल रहा है, तब ये लड़कियां वहां पहुंची और मुख्यमंत्री से मिलने जा रही थी, तभी पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इससे खफा लड़कियों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन कर डाला. इसके बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया और सेंट्रल जेल भेज दिया. यहां पर लड़कियों का प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया था.   इस टेस्ट को लेकर लड़कियों ने पुलिस पर आरोप लगाया है. लड़कियों का आरोप था कि टेस्ट के दौरान चेजिंग रुम में पुलिस वाले झांक कर देख रहे थे. छात्राओं का कहना है कि पुलिस ने उनके साथ जेल में बदसलूकी की. उन्होंने पुलिस से सवाल पूछते हुए कहा है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्यों उनका जेल प्रबंधन ने प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया. पुलिस वालों पर अभ्रदता करने का आरोप लगाने वाली लड़कियों का कहना है कि उन्हें हत्या के आरोप में जेल में बंद कैदियों के साथ बैठाया गया, आखिर हमारा गुनाह क्या है? 
 पुलिस ने दी सफाई
अपने ऊपर लगे गंभीर आरोपों पर पुलिस ने सफाई भी दी है. भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक दिनेश नरगावे ने कहा है कि जेल मैन्युअल के अनुसार महिलाओं को जेल में डालने से पहले प्रेगनेंसी टेस्ट के लिए यूरिन टेस्ट कराने पड़ते हैं. जेल अधीक्षक ने लड़कियों के सभी आरोपों को गलत बताया है और कहा कि किसी भी पुरूष पुलिसकर्मी के सामने इनका टेस्ट नहीं करवाया गया है.

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