गुरुवार, 21 जून 2018

मध्यप्रदेश में निरंतर गिर रहा महिलाओं का मत प्रतिशत

 महिला एवं बाल विकास मंत्री हुई चिंतित, विभाग चलाएगा जागरुकता अभियान

मध्यप्रदेश में महिलाओं का मत प्रतिशत पुरुषों की अपेक्षा कम होने को लेकर महिला बाल विकास विभाग चिंतित हो उठा है. महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसे लेकर महिलाओं में जागरुकता लाने के लिए जागरुकता अभियान चलाने का फैसला लिया है. इसके अलावा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने मुलाकात कर स्वीप प्लान में महिलाओं के लिए विशेष गतिविधियों में शामिल करने का आग्रह किया है.
 मंत्री अर्चना चिटनिस ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  सलीना सिंह से भेंट कर स्वीप प्लान में महिला मतदाताओं को लक्षित कर विशेष गतिविधियों में शामिल करने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि महिला बाल विकास विभाग महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत महिलाओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाएगा. तीन माह तक चलने वाले इस अभियान में महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने और वोटिंग में महिला और पुरूष के अंतर को कम करने के लिए गतिविधियां संचालित की जाएगी. 
अभियान के अंतर्गत आंगनवाड़ी स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. सास-बहू सम्मेलन की तर्ज पर महिलाओं के सम्मेलन के साथ-साथ स्व-सहायता समूह और शौर्य दलों के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. छात्र-छात्राओं को अभियान से प्रेरक के रूप में जोड़ा जाएगा. वातावरण निर्माण के लिए दीवार लेखन और स्टीकर के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा. 
मंत्री चिटनिस ने कहा है कि सभी क्षेत्रों में अच्छी प्रगति के बाद भी लोकसभा और विधानसभा निर्वाचनों में महिलाओं को वोटिंग प्रतिशत कम होना चिंंता की बात है. अपने मताधिकार के लिए सजग और जिम्मेदार मतदाता ही सफल लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार होता है. महिला बाल विकास विभाग प्रदेश में बच्चों व महिलाओं के स्वास्थ्य-पोषण तथा उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य करता है. मताधिकार का उपयोग महिला सशक्तिरण की अभिव्यक्ति है. 
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में महिला और पुरूषों के मतदान प्रतिशत में औसत अंतर विधानसभा निर्वाचन 1990 में 3.08 प्रतिशत था जो बढ़कर वर्ष 2013 के विधानसभा निर्वाचन में 5.27 प्रतिशत हो गया. यही स्थिति लोकसभा निर्वाचनों में भी है. लोकसभा निर्वाचन 2014 में प्रदेश में वोटिंग का कुल प्रतिशत 61.61 था, किन्तु महिला मतदाताओं में वोटिंग का प्रतिशत 56.55 था. मध्यप्रदेश में कुल वोटिंग प्रतिशत एवं महिला वोटिंग के प्रतिशत का यह अंतर देश के किसी भी राज्य अथवा केन्द्र शासित राज्यों की तुलना में सर्वाधिक है. मंत्री  अर्चना चिटनिस ने महिलाओं के मतदान प्रतिशत में वृृद्धि के लिए भारत निर्वाचन आयोग से भी आवश्यक कार्यवाही का अनुरोध किया है.

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