गुरुवार, 21 जून 2018

ई-टेंडरिंग घोटाले की निष्पक्ष जांच हों

अजय सिंह
 नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग की है कि वे ई-टेंडरिंग घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए सख्त कदम उठाएं क्योंकि शिवराज सरकार इस घोटाले का सच छुपाने की साजिश में लग गई है. उन्होंने कहां कि प्रदेश में जहां आपकी मंशा के विपरित डिजिटल इंडिया को इस घोटाले से आघात पहुंचाया है वहीं आपकी नीति के उलट पूरे प्रदेश में ‘खाऊंगा और खाने दूंगा’ का वातावरण बनाया गया है.
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने कहां कि आपने पूरे देश के लोगों से डिजिटल इंडिया बनाने में सहयोग देने की पहल की, लेकिन मध्यप्रदेश में ई-टेंडरिंग घोटाला कर इसे बदनाम किया गया है. इससे आपकी इस योजना को गहरा धक्का लगा हैं. सिंह ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र बताया कि- ई-टेंडरिंग  घोटाले का खुलासा स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 1000 करोड़ रुपए के तीन टेंडरों में की गई टेम्परिंग से हुआ है. तीन टेंडरों में से दो टेंडर वह भी शामिल हैं जिसका शिलान्यास आप 23 जून को राजगढ़ जिले में करने वाले हैं. इस टेम्परिंग के खुलासे से 2014 से अब तक हुए तीन लाख करोड़ के टेंडर संदेह के घेरे में है. यहीं नहीं प्रदेश के पांच निर्माण विभाग लोक निर्माण, महिला बाल विकास, पीएचई, एनबीडीए और पीआईयू में भी ई-टेंडरिंग व्यवस्था में बड़ा घोटाला हुआ हैं.
सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में ई-टेंडरिंग घोटाले से आपके डिजिटल इंडिया को गहरा धक्का लगा है. लोगों का सूचना प्रौद्योगिकी पर से विश्वास उठ गया है. मध्यप्रदेश सरकार ने घोटाले का पता चलते ही इसे दबाने के प्रयास शुरू कर दिये. दिलचस्प यह हैं कि जिसे यह जांच सौंपी उसमें सायबर एक्सपर्ट ही नहीं है. इसके अलावा ईओडब्ल्यू को सरकार ने पंगु बनाकर रखा है. इसमें जो पोस्टिंग है वह इस बात का परिचायक है कि मनमाने तरीके से आर्थिक अपराध के मामलों की जांच होगी. सिंह ने कहा कि इस ब्यूरो में पिछले 6 साल जो प्रभारी एसपी है शशिकांत शुक्ला वे मंत्री नरोत्तम मिश्रा के रिश्तेदार हैं. इसी तरह एआईजी धनंजय शाह है वे मंत्री विजय शाह के रिश्तेदार हैं. एक और पुलिस अधिकारी राजेन्द्र वर्मा ई.ओ.डब्ल्यू. में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मन्नुलाल कोरी के रिश्तेदार हैं. जब सारे मंत्रियों, नेताओं के रिश्तेदार होंगे तो कोई भी जांच कैसे निष्पक्ष होगी.
सिंह ने पत्र में प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि अपने देश की जनता से वायदा किया था न खाऊंगा न खाने दूंगा, लेकिन मध्यप्रदेश में आपकी भावना के विपरित ‘खाऊंगा और खाने दूंगा’ की नीति पर अमल हो रहा है. नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे मध्यप्रदेश में हो रहे व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगायें और ई-टेंडरिंग घोटाले की जांच निष्पक्षता से करवाएं ताकि डिजिटल इंडिया पर लोगों का भरोसा कायम रहे. जो आपका उद्देश्य भी हैं.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें