शुक्रवार, 15 जून 2018

मुख्यमंत्री ने घंटी बजाकर शुरु किया स्कूल चले हम अभियान

 बच्चों से कहा गुरु का सम्मान करो और खूब पढ़ो
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज राजधानी के समन्वय भवन में स्कूल चलें हम अभियान की शुरुआत घंटी बजाकर की. इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री  ने कहा कि बिना झिझक बोलने, मन लगाकर पढ़ाई करने के साथ सच बोलना तीसरा मंत्र है. देश भक्त रहेंगे, अच्छे रास्ते पर चलेंगे, माता-पिता और गुरु का सम्मान करेंगे तो तुम सबको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि सभी बच्चों में प्रतिभा और योग्यता एक समान होती है. शिक्षा बच्चों की बुनियादी जरूरत के साथ अधिकार भी है. हम सभी की जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रह जाए. यही बच्चे भविष्य में प्रदेश-देश के निर्माता बनेंगे. आज भोपाल के समन्वय भवन में स्कूल चलें हम अभियान का शुभारंभ किया और बच्चों को जीवन में सफलता के मंत्र दिए. इस अवसर पर मिल बांचे कार्यक्रम में रजिस्ट्रेशन की शुरूआत खुद के पंजीकरण के साथ किया. आप सभी से आह्वान करता हूँ कि आप भी अपना रजिस्ट्रेशन कराएं और कुछ समय स्कूल में बच्चों के बीच बिताएं, उन्हें सफलता के सूत्र बताएं. समारोह में बच्चों को स्कूल बैग, शिक्षण सामग्री और लैपटॉप वितरित किया. साथ ही इ-लर्निंग मॉड्यूल का लोकार्पण किया. एकाग्रता केवल पढ़ाई में ही नहीं जीवन के प्रत्येक पड़ाव के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, इसीलिए जो भी पढ़ें या करें पूर्ण एकाग्रता के साथ करें. मेरे बच्चों जीवन में पढ़ाई के साथ खेलकूद भी जरूरी है. खूब मेहनत से पढ़ो और खेलो भी. जीवन में सफलता के लिए सिर्फ किताबी ज्ञान ही जरूरी नहीं है, बल्कि स्वस्थ शरीर भी जरूरी है. 
दो अक्षर का मेरा नाम, बच्चे बोले मामा
मुख्यमंत्री ने इस दौरान बच्चों के साथ उन्होंने बच्चों से पहेलियां पूछीं. उन्होंने जब बच्चों से कहा दो अक्षर का मेरा नाम बताओं, तो बच्चों के बीच से अवाज आई मामा, यह सुनकर सीएम मुस्करा उठे. उन्होंने कहा अच्छा भाषण देना तब सीखा जब चौपाइयों का अर्थ निकालता था. ऐसा करते-करते झिझक खत्म हो गई और आज मुख्यमंत्री बन गया.  मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में  सभी से अपील की कि हर बच्चे को स्कूल जाने में मदद करें. सारे कलेक्टर यह ध्यान रखेंगे कि जो पन्नी बीनते हैं या स्टेशन पर रहते हैं, उन बच्चों को स्कूल भेजना है. कोई भी स्कूल जाने से वंचित न रहने वाले.
 गरीब के बच्चे नहीं पढ़े तो बाकी को निपटाएंगे
स्कूल शित्रा मंत्री विजय शाह ने कहा कि अपने बच्चे को बड़े स्कूल में पढ़ाने, किताबें देने से प्रदेश का विकास नहीं होने वाला है. लोगों से गुजारिश है कि गरीब बस्ती के बच्चों को एडमिशन दिलाएं, किताब और बस्ते की व्यवस्था करें अन्यथा जो गरीब नहीं पढ़ पाएंगे वे आपके बच्चों को निपटा देंगे. यानी उनकी सामाजिक प्रवृत्ति खराब हो जाएगी.

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