नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आरोप लगाया की ई-टेंडरिंग घोटाले को दबाने के लिए सरकार ने जान बूझकर ईओडब्ल्यू को जांच सौंपी हैं, जहां मंत्रियों के रिश्तेदार कई सालों से जमे बैठे हैं.
नेता प्रतिपक्ष सिंह ने कहा कि वे शुरू से यह कह रहे है की सरकार व्यापमं महाघोटाले की तरह डिजिटल इंडिया के इस बड़े घोटाले को दबाने और असली अधिकारियों को बचाने की साजिश रच रही है. उन्होंने कहा की ईओडब्ल्यू में एसपी शशीकांत शुक्ला मंत्री नरोत्तम मिश्रा के, एआईजी धनंजय शाह मंत्री विजय शाह, दिलीप सिंह तोमर केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के रिश्तेदार हैं और राजेन्द्र वर्मा उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मनुलाल कोरी के रिश्तेदार हैं. इनके रहते ई-टेंडरिंग जांच कैसे निष्पक्ष होगी. सिंह ने कहा दूसरी ओर ई-टेंडरिंग में साइबर क्राइम के विशेषज्ञों की जरुरत होगी जो ईओडब्ल्यू में नहीं है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने घोटाला खुलते ही जिस तरह प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी को हटाया उसी से यह स्पष्ट हो गया था की सरकार शीर्ष स्तर के संरक्षण में हुए इस घोटाले को दबाने में लग गई है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा इस मुद्दे पर सरकार को बख्शा नहीं जाएगा जो भी इस घोटाले को दबाने में शामिल हैं उन्हें कांग्रेस सरकार आने पर दंडित किया जाएगा.

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