मंगलवार, 19 जून 2018

आयकर विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों ने दिया धरना


केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नई दिल्ली की अधिकारी-कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ आयकर विभाग के राजपत्रित और अरापत्रित अधिकारियों ने आज राजधानी  में आयकर भवन के समक्ष राष्ट्रव्यापी धरना दिया. देशव्यापी धरने पर विभाग के 97 प्रतिशत कर्मचारी-अधिकारियों ने जन-श्रम विरोध नीतियों के खिलाफ में हैं.
राजधानी में आयकर विभाग के कर्मचारियों ने मैदा मिल के समाने आयकर भवन के समक्ष केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के खिलाफ में नारेबाजी कर विरोध जताया और धरने पर बैठे. धरने पर बैठे कर्मचारियों की 10 सूत्री मांगे  आयकर अधिकारी से सहायक आयकर आयुक्त के पद पर पदोन्नति, लंबित भर्ती नियमों को पूरा करना, खाड़ी पड़े पदों पर शीघ्र भर्ती, 7250 रुपए का उच्चतर वेतन प्रदान करना, सहायक आयकर आयुक्तों का नियमित करना, आयकर निरीक्षकों के पदों का अस्थाई पुर्नआवंटन किया जाना, स्टेगनेशन हटाने और प्रशासनिक अधिकारी, निज सहायक कैडरों को आनुपातिक पद सृजित करना, व्यवस्थाओं में सुधार और प्रशिक्षण देना, एकमुश्त नीति के तहत नियमित, अस्थाई हैसियत प्रदान करना और स्टाफ कार ड्रायवरों को मुख्यधारा के संवर्गों में संविलियन करते हुए उनके पदोन्नति में रूकावट को कम कराना शामिल हैं. संयुक्त कार्यवाही परिषद आयकर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आज मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में संयुक्त रूप से धरना दिया गया. सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.

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