शनिवार, 16 जून 2018

दिग्विजय सिंह को जनता बनायेगी कांग्रेस के मिस्टर बंटाढार रिटर्न


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि सागर में एक बार फिर कांग्रेस ने यह जता दिया कि वह 44 से भी 4 होने तक कभी हिन्दू आतंकवाद तो कभी भगवा तो कभी संघी आतंकवाद की संज्ञा देते रहेंगे. यहां मध्यप्रदेश में कांग्रेस को लगातार विपक्ष में भी सबसे कमतर सीटें लाने की होड़ में  दिग्विजय सिंह सबसे आगे हैं. 10 वर्षों तक  दिग्विजय सिंह ने प्रदेश का बंटाढार किया. जिसके बाद उन्होंने मध्यप्रदेश से किनारा कर लिया. चुनाव आते ही दिग्विजय सिंह की वापसी प्रदेश में हुई है, लेकिन जनता उन्हें कांग्रेस के मिस्टर बंटाढार रिटर्न बनायेगी. 
उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह ने संघी आतंकवाद बोलकर उजागर कर दिया कि वे स्वयं को भी नेहरू खानदान की तरह न्यायालय से ऊपर समझते हैं ? क्या वे उन लाखों स्वयंसेवक की आस्था को आघात नहीं करते जो स्वयं देश के जिम्मेदार पदों पर रहकर देश की सेवा करते हैं और संघ पर न केवल आस्था रखते हैं बल्कि उसमें अपनी सक्रिय भूमिका का निर्वहन करते हैं ? अब ये बात  उल्लेखनीय है कि उन्हें आतंकवाद के कई प्रतीक  और कारण सम्मानीय नजर आये है. कोई ‘जी’ से के सम्मान से नवाजा गया तो किसी को ‘शांति का दूत’ बताया गया. उन्हें तो 26ध्11 में भी पाकिस्तान का नहीं संघ का हाथ नजर आता है ? दरअसल दिग्विजय सिंह का यह दृष्टिदोष नहीं बल्कि वैचारिक विकृति है जो गाहे-बगाहे उजागर हो जाती है. अग्रवाल ने कहा कि दिग्विजय सिंह इन दोनों विचित्र दिमागी अवस्था में हैं जहां उन्हें बार बार  अपनी नर्मदा परिक्रमा को उदाहरण बताकर प्रस्तुत करना पड़ता है. उनके पहले भी लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा की परिक्रमा की है. करोड़ों श्रद्धालुओं ने चित्रकूट, ओंकारेश्वर, मथुरा में भी परिक्रमा की है, परंतु दिग्विजय सिंह की आस्था भयानक अहंकार से ग्रसित है.आखिरकर दिग्विजय सिंह ने माँ नर्मदा परिक्रमा को राजनीति करने का माध्यम मान ही लिया. दिग्विजय सिंह परिक्रमा को आध्यात्मिक बता रहे थे पर ये शुद्ध सियासी थी. वे कभी किसी को ये फिटनेस चैलेंज का विषय बताते है. तो कभी स्वयं को  अन्य नेताओं से बड़ा परिक्रमाकारी बताते हैं. सिंह आज भी 80 साल पार श्रद्धालु परिक्रमा करते है. आपने तो इसे अपनी छवि चमकाने का जरिया मान लिया है.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें