भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर ने कहा कि किसान हिंसा में विश्वास नहीं करता है। किसान आंदोलन की आड़ में कांग्रेस ने वोटों की फसल काटना चाही, लेकिन किसान कांग्रेस के बहकावे में नहीं आए. किसानों ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे भारतीय जनता पार्टी सरकार की नीतियों और योजनाओं में विश्वास व्यक्त करते है. भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के किसान भाईयों को धन्यवाद देती है, जिन्होंने कांग्रेस की कारस्तानी को समझा.
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कांग्रेस नेताओं ने किसान आंदोलन के बीच घुसकर हिंसा को अंजाम दिया. 1 से 10 जून के बीच किसान आंदोलन में कांग्रेस अपने मंसूबे दोहराना चाहती थी लेकिन प्रदेश का किसान कांग्रेस की चाल समझ चुका है. मध्यप्रदेश के किसानों का मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान के साथ अटूट रिश्ता है. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान किसानों के साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी किसानों की मौत पर राजनीति करने से भी पीछे नहीं हटे. श्रद्धांजलि सभा के नाम पर जिस तरह कांग्रेस ने राजनीति करने का काम किया, वह दुर्भाग्यपूर्ण है. राहुल गांधी की अपरिपक्वता और उनके खेती, किसानी के ज्ञान को इस बात से ही समझा जा सकता है कि वे मंदसौर का लहसुन बीजिंग को बेचना चाहते है, जबकि बीजिंग पूरे विश्व में लहसुन बेचता है. राहुल गांधी का यह कहना कि मंदसौर में मोबाइल की फैक्टरी लगवाकर उस पर मेड इन मंदसौर लिखवाना चाहते है. मैं उनसे पूछना चाहता हंू कि उन्होंने कभी अपने लोकसभा क्षेत्र अमेठी जहां से उनके परिवार का पिछले 70 वर्षो से कब्जा रहा, वह एक माचिस की फैक्टरी भी लगवाकर मेड इन अमेठी लिखवा पाए ?
गुर्जर ने कहा कि राहुल गांधी अपने भाषण में सिर्फ किसान हितैषी बाते करते है, जबकि उन्हें किसानी का अक्षर ज्ञान भी नहीं है. मंदसौर जिले में कौन सी फसल पैदा होती है और कहां बिकती है, यह उन्हें ज्ञान नहीं. वे कलौंजी, कालमेद्य, इसबगोल, चन्द्रसुर (असारिया) तक को नहीं जानते. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने फसलों की लागत का डेढ़ गुना कीमतें देने का वादा पूरा किया है, जो कि खेती के इतिहास में एक ऐतिहासिक कदम है. मोदी सरकार की पहल का ही परिणाम है कि खाद्यान्न उत्पादन 9.35 प्रतिशत एवं बागवानी उत्पादन में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. यूपीए सरकार के समय कृषि विकास दर ऋणात्मक थी. खेती घाटे का सौदा बन चुकी थी. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने खेती को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में ठोस निर्णय लिए. जिसका परिणाम है कि कृषि विकास दर बढ़कर 4.9 प्रतिशत तक पहुंची है. किसानों के लिए यूरिया का संकट समाप्त हुआ है. जबकि यूपीए के समय किसानों को यूरिया के लिए लाइन में खड़े होकर लाठिया खाना पड़ती थी. मोदी सरकार ने 100 प्रतिशत नीम कोटेड यूरिया किसानों को देकर न सिर्फ यूरिया की कालाबाजारी रोकी बल्कि नीम कोटेड यूरिया से लागत घटी, उत्पादन बढ़ा और यूरिया की उपलब्धता शत प्रतिश हुई. 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में मोदी सरकार तेजी से काम कर रही है.
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