रविवार, 3 जून 2018

बट्टी ने फिर थामा गोंगपा का दामन

विधानसभा चुनाव को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने महाकौशल में सक्रियता को बढ़ा दिया है. महाकौशल के विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी द्वारा आदिवासी सम्मेलनों के आयोजन शुरु हो गए हैं. इन सम्मेलनों में कर्नाटक की तर्ज पर गोंडवाना का मुख्यमंत्री बनाने की बात मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ में कही जा रही है. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने गठबंधन की चर्चा के बीच बिखरे दलों और साथियों के साथ एकता ली है. गोंगपा छोड़कर गए भारतीय गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन शाह बट्टी फिर हीरासिंह मरकाम के साथ हो गए हैं. उन्हें पार्टी ने राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष भी बना दिया है. 
मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस द्वारा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से गठबंधन को लेकर प्रयास तेज हैं, वहीं पार्टी ने फिर से एकता दिखानी शुरु कर दी है. सालों पूर्व बिखरे धड़ों में एकता आई है. साथ ही भारतीय गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनमोहन शाह बट्टी ने एक बार फिर दादा हीरासिंह मरकाम के साथ गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से नाता जोड़ लिया है. मनमोहन शाह बट्टी को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाते हुए उन्हें मध्यप्रदेश में श्याम मरकाम के साथ प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. अब पार्टी एक बार फिर एकता का राग अलाप रही है. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस बार फिर महाकौशल के अलावा विंध्य में हम अपनी ताकत दिखाएंगे. इसके तहत पार्टी ने अब आदिवासी अंचलों में सम्मेलनों की शुरुआत भी कर दी है. हाल ही में मंडला जिले के भुआ बिछिया में में किसान और आदिवासी सम्मेलन का आयोजन किया गया. पार्टी ने इस बार आदिवासियों के साथ-साथ सम्मेलनों में किसानों को भी जोड़ा है. 

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