राज्यपाल आनंदीवेन पटेल ने कहा है कि केन्द्र एवं राज्य सरकार शिक्षा के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. इसलिए शिक्षक छात्रों का ज्ञानवर्धन करने की दिशा में कदम उठाएं, जिसमें सप्ताह के 6 दिन कार्यक्रम निर्धारित कर सामान्य ज्ञान की दिशा में भी प्रेरणा दी जाए.
राज्यपाल आज भिंड जिले के विधानसभा क्षेत्र गोहद के कस्बा ग्राम सर्वा के जनशिक्षा केन्द्र शाउमावि पर बच्चों को पुस्तक, पौधारोपण के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी. इस अवसर पर सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लालसिंह आर्य, जनपद अध्यक्ष प्रवेश अशोक सिंह गुर्जर, सरपंच निर्मला देवी, कलेक्टर आशीष कुमार गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरूकरन सिंह, एसडीएम एमके शर्मा, डीपीसी संजीव शर्मा, प्राचार्य डॉ. सरोज त्रिपाठी, जिला शिक्षा अधिकारी सिकरवार, जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री एमएस अम्ब, संबंधित विभागीय अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राऐं उपस्थित थी.
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि लक्ष्मीबाई बीरांगना द्वारा क्षेत्र में अपना नाम रोशन किया था. उनकी याद में आज छात्राओं ने गीत प्रस्तुत किया है. उनको हमेशा याद रखा जावेगा. उन्होंने कहा कि सप्ताह में दो दिन छात्रों को योग की शिक्षा प्रदान की जाए. इसके लिए सोमवार, रविवार का दिन निश्चित कर योग की दिशा में कार्यवाही सुनिश्चित की जावे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पहल पर स्कूल चलो अभियान संचालित किया जा रहा है. जिसके अन्तर्गत कई बच्चों ने दाखिला लिया है. उन्होंने कहा कि नये विद्यार्थियों का पुराने विद्यार्थी स्वागत करें. विद्यालय में पदस्थ शिक्षक छात्रों के ज्ञानवर्धन के लिए न्यूज पेपर में प्रकाशित खेल से संबंधित खबरो के प्रति उनका उत्साह जाग्रत कर सकते है.
पटेल ने कहा कि छात्रों को पिकनिक की दिशा में ग्वालियर का किला और केडवरी फैक्ट्री मालनपुर का भ्रमण कराकर उनके मस्तिस्क और दिमाक को स्वच्छ रखने में सहायक हो सकते है. उन्होंने कहा कि विभिन्न विषयों के अन्तर्गत सुन्दर बोली और तालमेल के माध्यम से देशभक्ति के गीत और कविताओं की प्रेरणा दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि सामान्य ज्ञान की दिशा में सबसे बडी दीवार, सबसे बडा पर्वत और अन्य प्रमुख तीर्थस्थल और प्रतिष्ठित स्थानों की जानकारी प्रदान कर उनके ज्ञान में बढोत्तरी की जा सकती है. उन्होंने कहा कि जिन स्थानों का भ्रमण छात्रों से कराया जावे. उन पर आधारित निबंध लिखवाने से बच्चों के ज्ञान में और बढोत्तरी होगी.

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