मध्यप्रदेष में उपचुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही राजनीति गर्मा गई है। भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। कांग्रेस द्वारा कमलनाथ के हनुमान भक्त होने की बात कहकर उनके मंगल होने की याने सत्ता में वापसी की बात कहने पर राज्य के गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसा और कहा कि हनुमान भक्त तो हम भी हैं, देखते हैं, हनुमानजी किसका मंगल करते हैं।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हनुमान भक्त कहे जाने के मुद्दे पर तंज कसते हुए कहा कि हनुमान भक्त तो हम भी हैं, हनुमान भक्त कोई भी हो सकता है। अगर वो (कमलनाथ) इतने ही हनुमान भक्त होते तो अमंगल होता ही क्यों? साथ ही कहा कि कहा कि कांग्रेस दिन में सपना देख रही है। 10 नवंबर को सबको पता चल जाएगा क्योंकि प्रदेश की जनता तय कर चुकी है कि अबकी बार, पूर्ण बहुमत भाजपा सरकार।
गृह मंत्री ने अतिथि शिक्षकों के मामले में कहा कि अब वो लोग (कांग्रेस) घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, जिन्होंने वचनपत्र में वादा करने के बाद भी पूरा नहीं किया। इस बात का जवाब दे कि 15 महीने सरकार में रहने के बाद भी उसने अतिथि शिक्षकों के लिए क्यों कुछ नहीं किया। प्रदेष में कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर मंत्री मिश्रा ने कहा कि, देश में कोरोना के सक्रिय मरीज बढ़ने की दर घट रही है। यह राहत का संकेत है लेकिन अभी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाना ही सबसे बड़ी सावधानी है। सभी लोगों को कोरोना की गाइडलाइन का पालन गंभीरता से करना चाहिए।
बुधवार, 30 सितंबर 2020
हनुमान भक्त हम भी देखते हैं, हनुमान किसका करते हैं मंगल
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर कसा तंज
कमलनाथ का भाजपा पर हमला
भाजपा पर लगाया सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप
मध्यप्रदेष कांग्रेस के प्रदेष अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पंद्रह साल के कार्यकाल में प्रदेश में भ्रष्टाचार, मिलावट, महिला अत्याचार का बोलबाला रहा। प्रदेश के किसान, महिला, युवा परेशान रहे।
मंदसौर जिले के सुवासरा में कांग्रेस प्रत्याषी राकेष पाटीदार के समर्थन में आज पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सभा ली। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार कृषि बिल लाई है। यह बिल किसान विरोधी है। इससे किसानों को फायदा नहीं, नुकसान होगा। किसानों की मंडियां खत्म की जा रही हैं। कमलनाथ ने कहा कि वे काम पर विश्वास करते हैं घोषणाओं पर नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिवराज चैहान केवल घोषणा करते हैं, उन पर अमल नहीं किया जाता है। भाजपा केवल दिखावे और शोबाजी का काम करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी घोषणाओं की राजनीति में यकीन नहीं करती, काम करने में यकीन करती है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि भाजपा ध्यान भटकाने की राजनीति करती है। चाहे वे प्रधानमंत्री हो या प्रदेश के मुख्यमंत्री वादे करने में बहुत उस्ताद हैं। भाजपा ने दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था। उन्होंने सवाल किया कि कहां है रोजगार। देश और प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश के प्रधानमंत्री चुनाव में पकिस्तान को याद करते हैं। चीन को याद करते हैं, लेकिन देश के किसान और नौजवान की बात कभी नहीं करते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वोटों से सरकार बनाई थी। लेकिन भाजपा ने नेताओं की खरीद फरोख्त करके नोटों से सरकार बनाई है। संविधान के खिलाफ जाकर उपचुनाव की स्थिति निर्मित की है। यह चुनाव जनता पर जबरन थोपा गया है।
इस चुनाव के बाद हम मनाएंगे दीवाली
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता ने हम पर विश्वास किया था, 15 वर्ष बाद हमें प्रदेश सौंपा था। शिवराज ने जो प्रदेश हमें सौंपा था, वह किसानों की आत्महत्या में, बेरोजगारी में, भ्रष्टाचार में नंबर वन था और खुद को मामा कहने वाले शिवराज के राज में प्रदेश महिलाओं के अत्याचार में भी नंबर वन था। हमने 15 माह में किसानों की आर्थिक मजबूती, युवाओं को रोजगार को लेकर कई काम किए। हमने प्रदेश की एक नई तस्वीर बनाने का काम किया क्योंकि भाजपा सरकार में प्रदेश की पहचान माफियाओं से और मिलावटखोरों से थी। इन्होंने बाबासाहेब के बनाए हुए संविधान के साथ भी खिलवाड़ किया, सौदेबाजी व बोली से सरकार बना ली, लेकिन इस चुनाव के बाद हम दीपावली साथ में मनाएँगे।
एक एक से जनता को गवाह बनाकर लेंगे हिसाब
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं क्षेत्र की जनता से कहना चाहता हूं कि वह शासकीय तंत्र जो भाजपा का एजेंट बनकर काम कर रहे हैं, उनसे डरने की, घबराने की जरूरत नहीं। हमारी सरकार आने पर एक-एक से जनता को गवाह बनाकर हिसाब लेंगे। हमारा प्रदेश 5 राज्यों से घिरा हुआ है, हमारे प्रदेश में निवेश क्यों नहीं आ सकता क्योंकि विश्वास का माहौल नहीं था। हम रोजगार की बात करते हैं, यह बेरोजगार बनाने की बात करते हैं। हम किसान हित की बात करते हैं, यह मंडी के निजीकरण का, किसानो को बर्बाद करने वाले कानून ले आए। इन्होंने सदैव देश की जनता को ठगा है।
मंगलवार, 29 सितंबर 2020
उपचुनाव की घोशणा, कांग्रेस ने कहा हनुमान भक्त कमलनाथ मिला हनुमान का वरदान
उपचुनाव के लिए मतदान की तारीखें घोषित होते ही चुनावी राजनीति गर्मा गई है। कांग्रेस और भाजपा द्वारा जीत के दावे किए जाने लगे है। वहीं आयोग द्वारा तारीख की घोशण करने को लेकर कांग्रेस में उत्साह ज्यादा नजर आया। कांग्रेस ने घोषित तारीखों को लेकर टवीट किया कि आज मंगलवार 29 सितंबर को चुनाव की घोषणा हुई, मंगलवार 3 नवंबर को वोटिंग होगी और मंगलवार 10 नवंबर को काउंटिंग होगी। हनुमान भक्त कमलनाथ को मिला हनुमान का वरदान मिला है।
नतीजे भाजपा के पक्ष में होंगे
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का बयान सामने आया है। उन्होंने टवीट कर कहा कि चुनाव आयोग द्वारा मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर 3 नवंबर को उपचुनाव की घोषणा का स्वागत। कांग्रेस इन उपचुनावों को लेकर पूरी तरह से तैयार है। हमने अभी तक 24 प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए है, शेष नाम भी हम शीघ्र घोषित करेंगे। उन्होंने टवीट कर कहा कि कांग्रेस का परचम इन सीटों पर निश्चित लहराएगा और हम भाजपा को इन सीटों पर परास्त करेंगे। यह उप चुनाव जनादेश का अपमान , संवैधानिक मूल्यों व लोकतंत्र की हत्या करने वालों को कड़े जवाब के रूप में होगा। उन्होंने बताया कि 2 अक्तूबर से 10 अक्तूबर तक मंडल सम्मेलन किए जाएंगे. इन सम्मेलनों में राष्ट्रीय और प्रांतीय नेता भी सम्मिलित होंगे। प्रत्येक बूथ पर भाजपा की कमेटियों का पुनर्गठन कर दिया गया है. महाजनसंपर्क अभियान के तहत बीजेपी ने 6000 बूथों पर 11 लाख लोगों से सीधा संपर्क किया है। सिंह ने कहा कि बीजेपी पहले ही उपचुनाव की जोरों शोरों से तैयारियों में जुट गई थीं. 3 नवंबर को मतदान के बाद 10 नवंबर को नतीजे भाजपा के पक्ष में ही आएंगे।
आईपीएस पुरुषोत्तम शर्मा द्वारा पत्नी की पिटाई मामले में नया मोड़
आईपीएस पुरुशोत्तम ष्षर्मा का पत्नी को मारते हुए वीडियो वायरल होने के मामले में अब नया मोड आया है। आईपीएस की बेटी उनके पक्ष में सामने आई है। बेटी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पिता को ईमानदार और मां को मानसिक बीमार बताया है।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डीजी पुरुषोत्तम शर्मा द्वारा पत्नी को पीटने के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। अब उनकी बेटी देवांशी गौतम खुलकर पिता के समर्थन में आ गई है। बेटी ने मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री के अलावा उसने गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा और पुलिस महानिदेषक विवेक जौहरी को भी पत्र लिखा है। बेटी का कहना है कि पिता को ईमानदार बताया और कहा कि उसकी मां मानसिक तौर पर बीमार है। वो अपने घर को भी न सिर्फ आग लगाने की कोशिश कर चुकी है बल्कि खुद को मारने के प्रयास भी कर चुकी हैं। देवांषी ने भाई को मां के हाथों की कठपुतली बताया है।
बेटा मां के साथ, बेटी पिता की तरफ
आइपीएस पुरुषोत्तम शर्मा द्वारा उनकी पत्नी को पीटने के वीडियो के साथ उनके बेटे का पार्थ गौतम शर्मा का एक संदेश में चल रहा था, जिसमें उन्होंने इस घटना की शिकायत सीएम सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से करने की बात कही थी, लेकिन अब आइपीएस शर्मा की बेटी देवांशी गौतम ने सीएम शिवराज सिंह चैहान को पत्र लिखकर कहा है कि उनकी मां मानसिक रूप से बीमार हैं।
यह है पूरा मामला
वरिश्ठ आईपीएस अधिकारी पुरूषोत्तम शर्मा को उनकी पत्नी ने संदिग्ध रूप से एक महिला के घर रंगे हाथ पकड़ा। इसके बाद शर्मा ने घर पहुंचकर पत्नी से मारपीट की. उनके बेटे पार्थ गौतम शर्मा ने दोनों घटना के वीडियो गृहमंत्री, मुख्य सचिव व डीजीपी को भेजकर पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की लगाई गुहार लगाई थी। बेटे की तरफ से मांग की गई कि पिता के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। जिस पर एमपी सरकार ने पुरुषोत्तम शर्मा पर कार्रवाई कर दी.पुरुषोत्तम शर्मा को उनके पद से हटा दिया गया।
महिला भी पुलिस में कर चुकी है षिकायत
आईपीएस अधिकारी पुरुशोत्तम ष्षर्मा को जिस महिला के घर के ष्षर्मा की पत्नी पकड़ा था, उस महिला ने भी पुलिस को षिकायत की है। पुलिस को की षिकायत में उसने कहा है कि मैं एक चैनल में सीनियर एंकर के पद पर कार्यरत हूं. मेरे साथ मेरा 11 साल का बेटा रहता है, क्योंकि पत्रकारिता से जुड़े होने के कारण मेरा मिलना जुलना कई अधिकारियों और राजनेताओं से होता है. बीते रविवार 27 सितंबर को शाम 7 बजे डीजी पुरुषोत्तम शर्मा का फोन मेरे पास आया कि वह मेरे घर के पास ही हैं. मैंने उन्हें चाय पर आमंत्रित कर दिया। डीजी साहब मेरे लिए पिता तुल्य जैसे हैं. वह मेरे घर आए मैंने उनके लिए चाय और नाश्ता लगा दिया। शाहपुरा थाने में जो शिकायत की गई है, उसमें महिला ने आरोप लगाया है कि पुरुषोत्तम शर्मा के बेटे पार्थ शर्मा ने मेरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर के अनर्गल आरोप लगाए हैं। जैसे उसे प्रस्तुत किया जा रहा है ऐसा कुछ भी नहीं है. डीजी मेरे पितातुल्य हैं। वह मुझसे बेटा बेटा कहकर बात करते हैं। उनका मेरे घर पर चाय पीना आना इतना बड़ा काम बन जाएगा इसका मुझे अंदाजा नहीं था। मेरे उस वीडियो को सोशल मीडिया में गलत तरीके से प्रस्तुत और प्रचारित किया गया जिससे मेरे मान सम्मान का हनन हो रहा है।
सोमवार, 28 सितंबर 2020
पुलिस हिरासत में युवक की मौत, कमलनाथ ने उठाए सवाल
जानकारी के अनुसार राज्य के सतना जिले के सिंहपुर में पिछले दिनों चोरी हुई थी। चोरों ने राइफल समेत लाखों रुपए का सामान चुरा लिया था। चोरी की विवेचना कर रही है सिंहपुर पुलिस ने एक संदेह के आधार पर छापा मारकर राजपति कुशवाहा को हिरासत में लिया था। इसके साथ 2 अन्य लोगों से पुलिस हिरासत में पूछताछ की जा रही थी। 38 वर्ष के राजपति की थाना प्रभारी की सर्विस रिवाल्वर से गोली लगने से मौत हुई है। वहीं इस मामले में पुलिस का कहना है कि युवक ने खुद को गोली मारी थी, जिसके बाद उसे सतना के बिरला अस्पताल और फिर रीवा मेडिकल कालेज इलाज के लिए ले गए थे, जहां उसकी मौत हो गई।
घटना को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने टवीट कर कहा कि शिवराज सरकार में ये कैसी कानून व्यवस्था ? सतना जिले के सिंहपुर थाने में पूछताछ के लिए लाए गए राजपति कुशवाह नाम के व्यक्ति को रात में लॉकअप में गोली मार दी गयी , परिजन यह आरोप लगा रहे है। उन्होंने कहा कि परिजन व ग्रामीण शव लेने व घटना का विरोध करने जब थाने पहुँचे तो उन पर बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया गया , उन्हें शव भी नहीं दिया जा रहा है। मैं सरकार से माँग करता हूँ कि इस घटना की उच्चस्तरीय जाँच हो , दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो , परिवार को इंसाफ मिले।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का पत्नी को पीटते वायरल हुआ वीडियो
अधिकारी ने कहा कि यह दुर्भाग्य है, जिसे मैं झेल रहा हूं
मध्यप्रदेष के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का पत्नी के साथ मारपीट करने का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लेकर पुलिस अधिकारी का कहना है कि मैंने कोई क्राइम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मेरी जिंदगी का यह दुर्भाग्य है, जिसे मैं झेल रहा हूं, यदि मेरा स्वभाव मारपीट करने का होता तो अभी तक क्या यह मेरे घर में होती। वहीं इस मामले को लेकर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इस मामले में षिकायत नहीं मिली है, षिकायत मिलने पर कार्यवाही की जाएगी। घटना के वीडियो वायरल होने के बाद डीजी को सरकार ने पद से हटा दिया है। उन्होंने पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डीजी पुरशोत्तम ष्षर्मा द्वारा पत्नी की पिटाई किए जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारी हैं, जो अपनी पत्नी की पिटाई कर रहे है। इस वीडियो में नजर आ रहा है कि पुलिस अधिकारी पत्नी को जमीन पर गिरा देते है और उसकी बेरहमी से पिटाई कर रहा है। इस दौरान घर में मौजूद कर्मचारी बीच बचाव करने की कोशिश करते हैं। घटना की षिकायत उनके बेटे पार्थ गौतम ष्षर्मा ने पुलिस महानिदेषक से की है। बेटे ने मांग की है कि उनके पिता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जानकारी के अनुसार पुलिस अधिकारी के पत्नी ने अधिकारी को दूसरी महिला के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया था। इसके बाद यह विवाद की स्थिति बनी। षर्मा ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट करते हुए यहां तक कहा कि वे उनके निजी मामलों में हस्तक्षेप न करें।
घटना के वीडियो को लेकर राज्य के गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उन्हें अभी कोई षिकायत नहीं मिली है, अगर मिलेगी तो कार्यवाही होगी। वहीं सरकार ने डीजी पुरुषोत्तम शर्मा को संचालक लोक अभियोजन पद से हटा दिया है। उनकी पत्नी ने राज्य महिला आयोग में मामले की शिकायत की है। शर्मा के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामले में एफआईआर दर्ज हो सकती है।
मामले की पूरी जांच होगीः शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है। जिम्मेदारी वाले पद पर बैठा हुआ कोई भी व्यक्ति यदि गैरकानूनी काम करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में पूरी जांच होगी।
मंत्री ने कहा हमारा उद्देश्य है कि किसी का घर न टूटे
संस्कृति और पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने कहा है कि खुद संज्ञान लेने में कई बार बात बिगड़ जाती है। उन्होंने कहा कि हमें घर के सभी सदस्यों को समझा-बुझाकर एक करना है। अगर उनकी पत्नी शिकायत करेगी, तो शासन-प्रशासन उनकी पत्नी के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी, हमारा उद्देश्य है कि किसी का घर न टूटे।
पत्नी, बेटा यही कर रहा है, सुख सुविधा ले रहे हैं
मामले को लेकर पुलिस के आला अधिकारी मौन हैं। वे कुछ बोलने को तैयार नहीं है। वहीं पुरशोत्तम ष्षर्मा घटना के वीडियो वायरल होने के बाद मीडिया में आए और उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई क्राइम नहीं किया है। जो भी घटना हुई है और जो पारिवारिक मामला है वह मुझे ही झेलना है। मैं अभी घर में रहता हूं तो समस्या है और बाहर जाता हूं तो समस्या होती है। घर से बाहर जाता हूं तो मेरे सूटकेस, कमरे का ताला तोड़ दिया जाता है। मेरा दूसरा सामान तोड़ देते हैं. उन्होंने कहा कि यदि मेरा स्वभाव मारपीट करने का होता तो यह इतने सालों तक घर में नहीं रहते. शिकायत को लेकर उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी और बेटा यही कर रहे हैं, लेकिन जब उन्हें यही करना है तो फिर सुख सुविधाएं क्यों ले रहे हैं।
हनीट्रैप में भी आया था नाम
एसटीएफ के डीजी रहते हुए भी पुरुषोत्तम शर्मा सुर्खियों में रहते थे। हनीट्रैप कांड के दौरान इनका नाम उछला गया था। साथ ही प्रदेश से बाहर एसटीएफ के एक प्लैट की चर्चा भी हुई थी। जानकारी के मुताबिक पुरुषोत्तम शर्मा के बेटे पार्थ गौतम शर्मा भी आईआरएस अधिकारी हैं। चर्चा है कि बेटे ने ही यह वीडियो जारी किया है। वहीं, पुलिस के बड़े अफसर का मामला होने की वजह से तमाम आलाधिकारी पूरी तरह से चुप्प हो गए है।
सरकार को करनी चाहिए कार्रवाईः ओझा
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने इस घटना की कड़ी निंदा की हं शोभा ओझा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की हैं इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शिवराज सरकार पर भी सवाल उठाए हैं, ओझा ने कहा कि जब डीजी की पत्नी सुरक्षित नहीं है, तो प्रदेश की अन्य महिलाओं की स्थिति को लेकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो कितनी सुरक्षित होगीं।
कांग्रेस को देषद्रोही बताया मंत्री उषा ठाकुर ने
कांग्रेस ने की चुनाव आयोग को षिकायत
मध्यप्रदेष की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर के बयान से बवाल मच गया है। मंत्री ने कांग्रेस को देशद्रोही बताया, जिसे लेकर कांग्रेस ने आज निर्वाचन आयोग को षिकायत की है।
मध्यप्रदेष की संस्कृति मंत्री उशा ठाकुर के बयान से एक बार फिर बवाल मच गया है। कुछ दिनों पहले उन्होंने युवा आदिवासी संगठन जयस को देषद्रोही बताया था, इसके बाद अब उन्होंने कांग्रेस को देषद्रोही बताया है। मंत्री ने कांगे्रस उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद दिए बयान में कहा कि उपचुनाव वैचारिक युद्ध की लड़ाई है, और इस बार की राजनीतिक जंग देशभक्त और देशद्रोहियों के बीच की जंग है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद से प्यार करने वाले लोग भाजपा के साथ है और जिन्हें राष्ट्रवाद से प्रेम नहीं है, वे कांग्रेस के साथ है। वहीं मंत्री के इस बयान को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग का षिकायत की है। कांग्रेस की ओर से की गई षिकायत मांग की है कि मंत्री को इस तरह के बयान देने पर पद से हटाया जाए।
भाजपा के किस नेता ने लिया आजादी के आंदोलन में भाग
प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने मंत्री के इस बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा की मंत्री के पास कुछ काम नहीं है इसलिए प्रमाण पत्र बांट रही हैं। सलूजा ने कहा है कि मंत्री उषा ठाकुर कभी आदिवासी हितों के लिए काम कर रहे संगठन जयस को देशद्रोही कहती हैं, कभी गरबे को लेकर विवादित बयान देती हैं। जयस पर दिए बयान की तो माफी मांग ली। कांग्रेस का तो देशभक्ति का इतिहास रहा है। वे बताएं भाजपा के किस नेता ने आजादी के आंदोलन में भाग लिया था?
मध्यप्रदेष की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर के बयान से बवाल मच गया है। मंत्री ने कांग्रेस को देशद्रोही बताया, जिसे लेकर कांग्रेस ने आज निर्वाचन आयोग को षिकायत की है।
मध्यप्रदेष की संस्कृति मंत्री उशा ठाकुर के बयान से एक बार फिर बवाल मच गया है। कुछ दिनों पहले उन्होंने युवा आदिवासी संगठन जयस को देषद्रोही बताया था, इसके बाद अब उन्होंने कांग्रेस को देषद्रोही बताया है। मंत्री ने कांगे्रस उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद दिए बयान में कहा कि उपचुनाव वैचारिक युद्ध की लड़ाई है, और इस बार की राजनीतिक जंग देशभक्त और देशद्रोहियों के बीच की जंग है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद से प्यार करने वाले लोग भाजपा के साथ है और जिन्हें राष्ट्रवाद से प्रेम नहीं है, वे कांग्रेस के साथ है। वहीं मंत्री के इस बयान को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग का षिकायत की है। कांग्रेस की ओर से की गई षिकायत मांग की है कि मंत्री को इस तरह के बयान देने पर पद से हटाया जाए।
भाजपा के किस नेता ने लिया आजादी के आंदोलन में भाग
प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने मंत्री के इस बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा की मंत्री के पास कुछ काम नहीं है इसलिए प्रमाण पत्र बांट रही हैं। सलूजा ने कहा है कि मंत्री उषा ठाकुर कभी आदिवासी हितों के लिए काम कर रहे संगठन जयस को देशद्रोही कहती हैं, कभी गरबे को लेकर विवादित बयान देती हैं। जयस पर दिए बयान की तो माफी मांग ली। कांग्रेस का तो देशभक्ति का इतिहास रहा है। वे बताएं भाजपा के किस नेता ने आजादी के आंदोलन में भाग लिया था?
रविवार, 27 सितंबर 2020
कांग्रेस ने दूसरी सूची में घोषित किए 9 प्रत्याषी
दो दिन दिल्ली में रहने के दौरान कमलनाथ ने उम्मीदवारों के नामों पर राज्य कांग्रेस प्रभारी मुकूल वासनिक से भी चर्चा की थी। एक दिन पहले कमलनाथ ने बताया था कि कुछ उम्मीदवारों के नामों का ऐलान आज हो सकता है। इसके बाद आज दोपहर को कांग्रेस प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की गई है। इसमें 9 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया गया है। ग्वालियर पूर्व से सतीश सिंह सिकरवार को टिकट मिला है। सतीश सिंह सिकरवार कुछ ही दिन पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। सिकरवार मुन्नालाल गोयल के सामने चुनाव लड़ेंगे। वही सुरखी से पारूल साहू के नाम पर मुहर लगी है। कांग्रेस की उम्मीदवार पारूल भाजपा के गोविंद सिंह राजपूत के सामने चुनाव लड़ेंगी। वहीं पोहरी से हरिवल्लभ शुक्ला को मैदान में उतारा गया है। सुमावली से अजब सिंह कुशवाह को टिकट मिला है। जौरा से पंकज उपाध्याय को टिकट मिला है। मुंगावली से कन्हैयाराम लोधी को टिकट मिला है जबकि मांधाता से उत्तम राज नारायण सिंह को टिकट दिया गया है साथ ही बदनावर से अभिषेक सिंह टिंकू को टिकट मिला है। सुवासरा से राकेश पाटीदार को टिकट दिया गया है। कांग्रेस ने आज घोशित की दूसरी सूची के पहले 11 सितंबर को 15 प्रत्याषियों की पहली सूची जारी की थी। अब 4 प्रत्याषियों के नामों की घोषणा किए जाना बाकी है।
प्रदर्शन कर रहे अतिथि शिक्षकों को मंत्री ने धक्का मारकर निकाला बंगले से
फालेन आउट अतिथि विद्वान पिछले एक साल से नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. इस मांग को लेकर उन्होंने 6 महीने पहले भोपाल के शहजहानी पार्क में धरना प्रदर्शन किया था। जिसके चलते करीब 25 सौ अथिति विद्वानों को फालेन आउट कर दिया गया। अब ये अतिथि विद्वान नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मांग को लेकर उन्होंने तरह-तरह के प्रदर्शन भी किए. कभी हवन किया, तो कभी मुंडन करवाया, लेकिन उनकी मांगे नहीं मानी गईं।
अतिथि विद्वानों का कहना है कि जब हम कांग्रेस सरकार में धरने पर बैठे थे तो यही शिवराज हमारे पास आए थे और कहा था कि हमारी सरकार आते ही सभी अतिथि विद्वानों को नियुक्ति मिलेगी, लेकिन जब वे नियुक्ति की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के बंगले पर पहुंचे तो उन्होंने धक्का मारकर बाहर निकाल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारें केवल बेवकूफ बनाने का काम कर रहीं हैं और अतिथि विद्वान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। अब अतिथि विद्वानों ने उच्च शिक्षा मंत्री से मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की मांग की है। अतिथि विद्वानों का कहना है कि वह उप चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान से मिलना चाहते हैं, अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई, तो अतिथि विद्वान उपचुनाव का बहिष्कार करेंगे।
क्या मैं आत्महत्या कर लूं
उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव आज अतिथि विद्वानों पर नाराज हो गए, अतिथि विद्वानों से चर्चा के दौरान मंत्री मोहन यादव उस समय नाराज हुए जब अतिथि विद्वानों ने आत्महत्या की बात कह दी। जवाब देते हुए मंत्री ने कहा क्या मैं आत्महत्या कर लूं। वहीं सीएम शिवराज से मिलवाने पर मंत्री ने कहा कि मैं कैसे मिलवाऊं?
सिंधिया के गढ़ में सेंधमारी की तैयारी में कांग्रेस
कमलनाथ ने खुद संभाली कमान, भाजपा षिवराज, ज्योतिरादित्य की जोड़ी मैदान में
मध्यप्रदेष में 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर ग्वालियर चंबल अंचल की सीटों पर कांग्रेस सेंधमारी की तैयारी कर चुकी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाली इन सीटों पर कांग्रेस फिर से कब्जा जमाने के लिए पूरी ताकत के साथ लगी हुई है। उपचुनाव की कमान कांग्रेस की ओर से खुद प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ संभाले हुए हैं। वहीं भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया इस क्षेत्र में जमकर मेहनत कर सिंधिया समर्थकों की जीत के लिए मैदानी मोर्चा संभाले हुए हैं। देखना यह है कि बिना महाराज के कांग्रेस इन सीटों पर कैसे अपना कब्जा जमाएगी।
मध्यप्रदेष में चुनाव आयोग ने अभी उपचुनाव की तारीखों का ऐलान तो नहीं किया है, मगर संभावना इस बात की है कि 29 सितंबर को इसका फैसला हो जाएगा। इसके पहले दोनों ही दल भाजपा और कांग्रेस पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं। कांग्रेस की ओर से स्वयं कमलनाथ ने मोर्चा संभाला हुआ है। वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के माने जाने वाले ग्वालियर चंबल अंचल के गढ़ में सेंधमारी की पूरी तैयारी कर चुके हैं। उन्होंने अपने पसंददीदा नेताओं की तैनाती भी की है, जो इस अंचल की सभी 16 सीटों पर मैदानी मोर्चा संभाले हुए है। प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष का प्रयास है कि कांग्रेस के पक्ष वाली रही इन सीटों के परिणाम एक बार फिर कांग्रेस के पक्ष में ही आएं, याने सभी 16 सीटों पर कांग्रेस की जीत हो और वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में अपनी ताकत दिखाने में सफल रहें। इसके लिए वे प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और सचिन पायलट जैसे युवा नेताओं को मैदान में उतारने की तैयारी कर चुके हैं।
वहीं भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया स्वयं कमान संभाले हुए हैं। इनके अलावा केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी सक्रियता दिखा रहे है। इन नेताओं ने अब तक प्रायः सभी 16 सीटों पर पहुंचकर मतदाताओं के अलावा भाजपा नेताओं से संपर्क कर यह प्रयास किया कि उनकी नाराजगी को दूर किया जाए। वहीं सरकारी भूमिपूजन और षिलान्यास के जरिए षिवराज सिंह चैहान एक बार फिर जनता के बीच अपनी पुरानी छवि के चलते मतदाता को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं ।
नेताओं की नाराजगी भाजपा के लिए संकट
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि ग्वालियर चंबल अंचल में कांग्रेस की तरफ से कोई व्यक्ति विशेष नहीं, बल्कि पार्टी के दम पर वोट मिल रहे है जो भाजपा की हार को पुख्ता कर रहे है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सिंधिया प्रभाव की 16 सीटें हैं, लेकिन अधिकांश इलाकों में सिंधिया के साथ भाजपा नेताओं के प्रति खासा रोष देखा जा रहा है। कई इलाके तो ऐसे हैं जहां कांग्रेस की तरफ से जीते हुए वे विधायक जो अब भाजपा के खेमे में जा चुके हैं, उनकी एंट्री तक बंद कर दी गई है, या उनके खिलाफ अच्छी खासी नाराजगी है।
संघ के सर्वे से चिंतित है भाजपा
उपचुनाव को लेकर कांग्रेस 15 प्रत्याशियों का चयन कर चुकी है जबकि भाजपा की ओर से 25 उम्मीदवार करीब करीब फाइनल हैं। तीन सीटों पर गहन मंथन जारी है। इसी बीच आरएसएस के द्वारा करवाए गए एक सर्वे की आई रिपोर्ट के बाद भाजपा की चिंता बढ़ गई है। सर्वे रिपोर्ट में भाजपा 28 में से केवल एक सीट पर जीत दर्ज करने की बात सामने आई है। वहीं सर्वे में 27 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार जीत रहे हैं। चूकिं यह सर्वे आरएसएस द्वारा कराया गया है इसलिए इस बात से भाजपा की चिंता और भी बढ़ गई है। यही वजह है कि संघ भी उपचुनाव को गंभीरता से ले रहा है और लगातार संघ पदाधिकारी अपनी सक्रियता दिखा रहे हैं।
शनिवार, 26 सितंबर 2020
भ्रष्ट अधिकारी को हटाएं, नहीं तो कमलनाथ को हटाएंगे
पटवारी ने यह बात आज धरने पर बैठी गाडरवारा की कांग्रेस विधायक सुनीता पटेल से मुलाकात करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहीं। उनके साथ कांग्रेस विधायक कुणाल चैधरी भी थे। पटवारी आज पटेल के धरना स्थल विधायक विश्राम गृह पहुंचे और विधायक के साथ धरने पर भी बैठे। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि खाना ठंडा देने पर एक अधिकारी पर कार्रवाई कर दी गई दूसरी और भ्रष्टाचार में लिप्त एडिशनल एसपी को सरकार संरक्षण दे रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान एडिशनल एसपी राजेश तिवारी को तुरंत हटाएं। नहीं तो अगले महीने कमलनाथ सरकार तो हटाएगी ही।
उल्लेखनीय है कि गाडरवारा से कांग्रेस विधायक सुनीता पटेल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश तिवारी के तबादले की मांग कर रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान को पत्र लिख कर कहा था कि मेरे विधानसभ क्षेत्र गाडरवारा में अवैध उत्खनन गांव में जुआं-सट्टा और अवैध शराब के विक्रय जैसे असामाजिक कार्य प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। कुछ महीनों से अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हुए हैं। रेत खदानों पर फायरिंग जैसी घटनाएं होने लगी हैं। इससे आम जनता में भय और आक्रोश का वातावरण हो रहा है।
शिवराज का टवीट हाथ सेनेटाइज कर पूरी तरह साफ कर देना
प्रदेष में उपचुनाव की तारीखों की घोषणा तो नहीं हुई, मगर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के बीच राजनीति तेज हो गई है। भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमला बोल रही है, तो कांग्रेस भी पलटवार करने से नहीं चूक रही। चुनाव आयोग द्वारा बिहार में चुनाव की तारीखों की घोषणा किए जाने के बाद आज मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान के एक टवीट से फिर प्रदेष की राजनीति गर्मा गई। मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने आज टवीट कर कहा कि मेरे प्रिय दोस्तों! मध्यप्रदेश, बिहार, कर्नाटक सहित देश भर में कई जगह चुनाव होने वाले है। हमें कोरोना काल को देखते हुए चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का पूरा ध्यान रखना है। ‘हाथ’ पूरी तरह ‘सैनीटाइज’ कर ‘साफ’ कर देना है।
मुख्यमंत्री के इस टवीट पर कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। कांग्रेस की ओर से प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने टवीट कर कहा कि कोरोना काल में मध्यप्रदेष में उपचुनाव होंगे कि नहीं,इसका फैसला चुनाव आयोग 29 सितम्बर को एक बैठक में करेगा। आपको क्या चुनाव आयोग ने पहले से ही बता दिया है क्या कि एमपी में चुनाव होने जा रहे है ? ये कैसा गठबंधन ? जनता गद्दारों को सेनेटाइज कर भाजपा से दो गज की दूरी बना लेगी।
हम तो स्वतः ही सेनेटाइज हो गए
कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने षिवराज सिंह के टवीट पर कटाक्ष किया है। लक्ष्मण सिंह ने टवीट कर कहा कि कहा कि शिवराज सिंह का भाषण सुना” कह रहे हैं,”हाथ”को सेनेटाइज करके “साफ”कर दो। भाई साहब, सिंधिया के बाहर जाने से हम तो स्वतः सेनेटाइज हो गए,”साफ” तो वह आपकी पार्टी करने वाले हैं,बचकर राहियेगा।
शुक्रवार, 25 सितंबर 2020
कृषि मंत्री ने ब्लेक लिस्टेड सोसायटी को सर्वे सूची में लाने लिखी चिट्ठी
हरदा में एक किसान सूरज द्वारा जहर पी लेने और आत्महत्या का प्रयास करने के मामले में कृषि मंत्री कमल पटेल के अफसरों से रिश्ते सामने आ गए हैं । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने ब्लैक लिस्टेड चोपड़ा सोसाइटी को वापस सर्वे सूची में लाने के लिए कलेक्टर पर दबाव बनाने पत्र लिखा था।
गुप्ता ने यह भी उजागर किया है कि जिस भ्रष्ट अधिकारी ने किसानों की प्रताड़ना की और किसान आत्मघात के लिए मजबूर हुए ,उस अधिकारी ने किसान के बाजू में खड़े होने के बावजूद उसे जहर पीने से नहीं रोका।ऐसे निर्दय अधिकारी के लिए भी कृषि कल्याण मंत्री कमल पटेल ने प्रशस्ति पत्र जारी किया था । गुप्ता ने कहा कि ब्लैक लिस्टेड चोपड़ा समिति को ब्लैक लिस्ट की सूची से बाहर करने के लिए 14 अप्रैल 2020 को कमल पटेल ने कलेक्टर हरदा को पत्र क्यों लिखा? उन्होंने जानना चाहा कि किसानों को प्रताड़ित करने के आरोपी असिस्टेंट रजिस्ट्रार अखिलेश चैहान को अगस्त 2020 में प्रशस्ति पत्र क्यों दिया?, मंत्री कमल पटेल बताएं कि चोपड़ा की समिति के वरिष्ठ प्रबंधक को बचाने में उनके क्या स्वार्थ जुड़े हुए हैं?, 100 से अधिक किसानों का चना का भुगतान बाकी क्यों है?
गुप्ता ने मांग की है कि कृषि कल्याण मंत्री कमल पटेल की आरोपियों के साथ सांठगांठ की किसान पुत्र मुख्यमंत्री जांच कराएं और ऐसे किसान विरोधी मंत्री को तत्काल बाहर का रास्ता दिखाएं।
उपचुनाव की घोषणा के पहले थोक में तबादले, कांग्रेस ने जताई आपत्ति
प्रदेष में उपचुनाव की तारीखों की घोषणा आज चुनव आयोग में हो जाने की संभावना था। इसके पहले आज सरकार ने पुलिस महकमें में बड़ी सर्जरी कर 90 पुलिस अधिकारियों के तबादले कर दिए। उपचुनाव से पहले किए गए तबादलों पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा व मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने बताया कि पहले तो भाजपा ने प्रदेश में एक जनादेश प्राप्त सरकार को गिराया और अब हार के डर से शिवराज सरकार उपचुनावों की घोषणा के पहले ताबड़तोड़ तबादले कर रही हैं। भाजपा इन तबादलों के माध्यम से अपने चहेतों अफसरों की उपचुनाव वाले क्षेत्रों में पोस्टिंग कर चुनाव जीतना चाहती है।
चलाया जा रहा तबादला उद्योग
प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि इस कोरोना महामारी में भी क्या कारण है कि इतने थोक बंद ताबड़तोड़ तबादले शिवराज सरकार द्वारा किए जा रहे हैं, बड़े पैमाने पर ट्रांसफर उद्योग चलाया जा रहा है? जब चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेंस होने वाली थी, जिसमें प्रदेश के उपचुनाव की घोषणा संभावित थी, उसके कुछ मिनट पूर्व ही ताबड़तोड़ इतनी बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के तबादले बता रहे हैं कि शिवराज सरकार को जनमत पर भरोसा नहीं है, वह अधिकारियों के भरोसे पिछले दरवाजे से चुनाव जीतना चाहती है।
गुरुवार, 24 सितंबर 2020
सिंधिया को भी झूठ बोलना सीखा दिया भाजपा
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने किया भाजपा पर हमला
भाजपा लगातार प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पर निशाना साध रही है और अब भाजपा के वार पर कमलनाथ ने पलटवार किया। किसान कर्जमाफी को लेकर कमलनाथ ने कहा कि विधानसभा में सच आ गया मगर भाजपा नेता लगातार झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी झूठ बोलना सीखा दिया साथ ही भाजपा के घोटाले के आरोपों पर भी कमलनाथ ने जवाब दिया और कहा कि उपचुनाव में भाजपा को जनता जवाब देगी।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि विधानसभा सच आने के बाद किसान कर्ज माफी को लेकर भाजपा के नेता लगातार झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने तो अब ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी झूठ बोलना सीखा दिया है। भाजपा के पंद्रह साल के घोटालों का जवाब जनता चुनाव में देगी। कमलनाथ ने केंद्र के कृषि बिल को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज तक किसानों के हित में कदम नहीं उठाया। केंद्र सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही। सुशांत सिंह राजपूत केस को लेकर भी कमलनाथ बोले कि भाजपा बिहार चुनाव में फायदा लेना चाहती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात करके जल्द ही जिन सीटों पर प्रत्याषियों के नामों की घोशणा करनी है, उनकी घोशणा करेंगे। वहीं कांग्रेस के संगठन महामंत्री चंद्रप्रभाष शेखर के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों में कांग्रेस के टिकट फाइनल हो जाएंगे साथ ही कमलनाथ अब 28 सितंबर को सांची का दौरा करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री का आज का सांची दौरा पानी गिरने के कारण रदद कर दिया था। शेखर ने कहा कि कांग्रेस कर्जमाफी पर विधानसभा में दिए गए आंकड़ों को लेकर अब कानून का सहारा लेने पर विचार कर रही है।
भाजपा लगातार प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पर निशाना साध रही है और अब भाजपा के वार पर कमलनाथ ने पलटवार किया। किसान कर्जमाफी को लेकर कमलनाथ ने कहा कि विधानसभा में सच आ गया मगर भाजपा नेता लगातार झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी झूठ बोलना सीखा दिया साथ ही भाजपा के घोटाले के आरोपों पर भी कमलनाथ ने जवाब दिया और कहा कि उपचुनाव में भाजपा को जनता जवाब देगी।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि विधानसभा सच आने के बाद किसान कर्ज माफी को लेकर भाजपा के नेता लगातार झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने तो अब ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी झूठ बोलना सीखा दिया है। भाजपा के पंद्रह साल के घोटालों का जवाब जनता चुनाव में देगी। कमलनाथ ने केंद्र के कृषि बिल को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज तक किसानों के हित में कदम नहीं उठाया। केंद्र सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही। सुशांत सिंह राजपूत केस को लेकर भी कमलनाथ बोले कि भाजपा बिहार चुनाव में फायदा लेना चाहती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात करके जल्द ही जिन सीटों पर प्रत्याषियों के नामों की घोशणा करनी है, उनकी घोशणा करेंगे। वहीं कांग्रेस के संगठन महामंत्री चंद्रप्रभाष शेखर के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों में कांग्रेस के टिकट फाइनल हो जाएंगे साथ ही कमलनाथ अब 28 सितंबर को सांची का दौरा करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री का आज का सांची दौरा पानी गिरने के कारण रदद कर दिया था। शेखर ने कहा कि कांग्रेस कर्जमाफी पर विधानसभा में दिए गए आंकड़ों को लेकर अब कानून का सहारा लेने पर विचार कर रही है।
जनता से किया एक भी वचन नहीं निभया कमलनाथ ने
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने आज अषोकनगर जिले के पिपरई में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने किसानों, युवाओं, महिलाओं सबको धोखा दिया। कमलनाथ जी ने जनता से किया गया एक भी वचन नहीं निभाया। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने बोला कि शिवराज नालायक है। अगर वो लायक हैं तो किसानों से झूठ क्यों बोला? अगर वो लायक हैं तो बेरोजगारों से झूठ क्यों बोला? अगर वो लायक हैं तो मेरी गरीब बहनों से झूठ क्यों बोला? अगर वो लायक हैं तो मेरे भांजे-भांजियों से झूठ क्यों बोला?
मुख्यमंत्री ने कहा कि 37 लाख गरीबों को एक रुपए किलो गेहूं, चावल, नमक देने की योजना में हमने नए नाम जोड़ दिए, हम नालायक हैं और कमलनाथ ने गरीबों के कल्याण की योजनाओं को बंद किया, फिर भी वो स्वयं को लायक समझते हैं! उन्होंने कहा कि कमलनाथ के पास गरीबों को देने के लिए कभी पैसे नहीं होते थे। अब मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। इस सरकार के खजाने गरीबों के विकास के लिए खोल दिए जाते हैं। आज हमने प्रदेश के अपने 20 हजार ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर्स के खाते में 10-10 हजार रूपए डालने का काम किया, ताकि उनकी भी रोजी-रोटी चलती रहे। हर गरीब के साथ हमारी सरकार पूरी ताकत के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कमलनाथ को तो किसानों की बर्बाद हुई फसलों से कोई मतलब नहीं होता था, लेकिन यह किसानों की ही सरकार है। प्रत्येक किसान की खराब हुई फसल का आंकलन होगा और राहत की राशि बाँटी जाएगी। हम न जनता के कल्याण के कामों में कमी आने देंगे और न विकास के कामों में बाधा उत्पन्न होने देंगे। हम कमलनाथ की तरह पैसे के अभाव का रोना नहीं रोएंगे। किसी काम को रुकने नहीं देंगे।
मास्क को लेकर दिए बयान पर खेद जताया गृह मंत्री ने
गृह मंत्री ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए यह खेद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मास्क के बारे में मेरा बयान पूर्णतरू गलत और प्रधानमंत्री की भावनाओं के विपरीत था। अपने शब्दों को लेकर मुझे भी बेहद आंतरिक पीड़ा महसूस हुई है। मैं खेद प्रकट करते हुए सभी से मास्क पहनने और कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करने की अपील करता हूं। मैं स्वयं भी मास्क पहनूँगा और समाज से भी अपील करूँगा कि सभी मास्क पहने और सोशल डिस्टन्सिंग के नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें।
गौरतलब है कि इंदौर में मास्क के सवाल पर गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने दो टूक जवाब दिया था कि मैं नहीं पहनता। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। दबाव बढ़ा तो भोपाल लौट कर डॉ मिश्रा ने कहा कि उन्हें सांस की तकलीफ है इसलिए फेस मास्क नहीं पहनते। मैंने कई कार्यक्रमों में मास्क लगाया है।
देर आए, दुरूस्त आए गृह मंत्री
गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने मास्क को लेकर बयान देने और फिर खेद व्यक्त करने को लेकर प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने टवीट कर कहाकि सुबह बयान दिया मै मास्क नहीं पहनता। ष्षाम को कहा मुझे साँस संबंधी ( पालीपस ) तकलीफ है। अगले दिन आज कहा मैं गलती मानता हूँ , खेद व्यक्त करता हूँ। मेरा बयान प्रधानमंत्री की भावनाओं के अनुरूप नहीं है। अब मै मास्क पहनूँगा। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने इन बयानों में जो भी सच्चाई हो,लेकिन गृह मंत्री देर आए- दुरुस्त आए।
बुधवार, 23 सितंबर 2020
किसान कर्ज माफी को लेकर तेज हुई सियासत
सरकार ने विधानसभा की जानकारी को ठीक नहीं बताया, जांच के दिए आदेश
मध्यप्रदेष में एक बार फिर किसान कर्ज माफी को लेकर सियायस गर्मा गई है। विधानसभा में दी जानकारी के बाद हमलावर हुई कांग्रेस को घेरने के लिए अब सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकार की ओर से कहा गया कि विधानसभा में जो आंकड़े दिए गए वे ठीक नहीं हैं, इनकी जांच कराई जा रही है।
मध्यप्रदेष में किसान कर्ज माफी को लेकर कांग्रेस को घेरती आ रही भाजपा विधानसभा में दी जानकारी के बाद अब खुद घिरती नजर आ रही है। उपचुनाव के पहले भाजपा के लिए किसान कर्ज माफी का मुददा गले की हडडी बन गया। विधानसभा में किसान कर्ज माफी को लेकर जो जानकारी सरकार की ओर से दी गई उसके बाद से कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस के हमलों के जवाब में आज सरकार के मंत्री मैदान में उतरे और आंकड़ों को गलत बताया। राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि विधानसभा में जो जानकारी दी गई है वह ठीक नहीं थी, जांच के आदेश दिए गए हैं। कांग्रेस सरकार में कर्ज माफ नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आंकड़ों का खेल खेला गया था। सदन में कृषि विभाग की तरफ से एक लिखित जवाब दिया गया था कि 26 लाख किसानों का कर्जा माफ हुआ है, जिसमें किसानों का 50 लाख से एक लाख तक का कर्जा माफ हुआ है।
कमलनाथ देश के सबसे बड़े झूठे नेता: पटेल
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कमल पटेल ने हरदा में पत्रकारों से बातचीत में कमलनाथ को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि उन्हीं के कारण प्रदेश के किसानों को फसल बीमा के 1553 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि किसानों की कर्जमाफी के जिन आंकड़ों को लेकर कांग्रेस और कमलनाथ फूले नहीं समा रहे वह दरअसल कागजी आंकड़े हैं, हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही 48 लाख किसानों के 2 लाख रुपए तक के 54 हजार करोड़ रुपए के कर्ज माफ करने का आदेश निकाला था, लेकिन हरदा में ही दो भाइयों के 80-80 हजार रुपए के ऋण अब तक माफ नहीं किए गए हैं। पटेल ने कहा कि कमलनाथ ने जो किया उससे सहकारी सोसायटी आर्थिक तंगी में आ गई और वह किसानों को लोन नहीं दे सके। कमलनाथ ने फसल बीमा के लिए स्केल आफ फाइनेंस भी घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया जिससे प्रीमियम कम हो, लेकिन यह प्रीमियम भी जमा नहीं कराया जिससे किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलना मुश्किल हो गया था।
मंत्री के बयान पर कांग्रेस ने बोला हमला
मंत्री भूपेंद्र सिंह के बयान के बाद कांग्रेस ने सरकार पर पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया कि अबमंत्री भूपेन्द्र सिंह कह रहे है कि अधिकारियों ने गलत जानकारी दी है, कर्ज माफी नहीं हुई। विधानसभा में सच्चाई स्वीकार ली, झूठ की पोल खुल गई तो अब एक और झूठ? यह तो विधानसभा की अवमानना है? क्या शिवराज सिंह, कृषिमंत्री सब झूठे हैं? हमें झूठों का प्रमाण-पत्र नहीं चाहिए। सलूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री, आपके वरिष्ठ मंत्री भूपेन्द्र सिंह को विधानसभा में सरकार की ओर से दिए प्रश्नों के जवाब की जानकारी नहीं है। कृपया कर उनका ज्ञान बढ़ाएं। उन्हें विधानसभा की कार्यवाही की जानकारी प्रेषित करें। वो आपका व आपके कृषि मंत्री का भी मजाक उड़ा रहे है।
मध्यप्रदेष में किसान कर्ज माफी को लेकर कांग्रेस को घेरती आ रही भाजपा विधानसभा में दी जानकारी के बाद अब खुद घिरती नजर आ रही है। उपचुनाव के पहले भाजपा के लिए किसान कर्ज माफी का मुददा गले की हडडी बन गया। विधानसभा में किसान कर्ज माफी को लेकर जो जानकारी सरकार की ओर से दी गई उसके बाद से कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस के हमलों के जवाब में आज सरकार के मंत्री मैदान में उतरे और आंकड़ों को गलत बताया। राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि विधानसभा में जो जानकारी दी गई है वह ठीक नहीं थी, जांच के आदेश दिए गए हैं। कांग्रेस सरकार में कर्ज माफ नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आंकड़ों का खेल खेला गया था। सदन में कृषि विभाग की तरफ से एक लिखित जवाब दिया गया था कि 26 लाख किसानों का कर्जा माफ हुआ है, जिसमें किसानों का 50 लाख से एक लाख तक का कर्जा माफ हुआ है।
कमलनाथ देश के सबसे बड़े झूठे नेता: पटेल
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कमल पटेल ने हरदा में पत्रकारों से बातचीत में कमलनाथ को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि उन्हीं के कारण प्रदेश के किसानों को फसल बीमा के 1553 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि किसानों की कर्जमाफी के जिन आंकड़ों को लेकर कांग्रेस और कमलनाथ फूले नहीं समा रहे वह दरअसल कागजी आंकड़े हैं, हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही 48 लाख किसानों के 2 लाख रुपए तक के 54 हजार करोड़ रुपए के कर्ज माफ करने का आदेश निकाला था, लेकिन हरदा में ही दो भाइयों के 80-80 हजार रुपए के ऋण अब तक माफ नहीं किए गए हैं। पटेल ने कहा कि कमलनाथ ने जो किया उससे सहकारी सोसायटी आर्थिक तंगी में आ गई और वह किसानों को लोन नहीं दे सके। कमलनाथ ने फसल बीमा के लिए स्केल आफ फाइनेंस भी घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया जिससे प्रीमियम कम हो, लेकिन यह प्रीमियम भी जमा नहीं कराया जिससे किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलना मुश्किल हो गया था।
मंत्री के बयान पर कांग्रेस ने बोला हमला
मंत्री भूपेंद्र सिंह के बयान के बाद कांग्रेस ने सरकार पर पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया कि अबमंत्री भूपेन्द्र सिंह कह रहे है कि अधिकारियों ने गलत जानकारी दी है, कर्ज माफी नहीं हुई। विधानसभा में सच्चाई स्वीकार ली, झूठ की पोल खुल गई तो अब एक और झूठ? यह तो विधानसभा की अवमानना है? क्या शिवराज सिंह, कृषिमंत्री सब झूठे हैं? हमें झूठों का प्रमाण-पत्र नहीं चाहिए। सलूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री, आपके वरिष्ठ मंत्री भूपेन्द्र सिंह को विधानसभा में सरकार की ओर से दिए प्रश्नों के जवाब की जानकारी नहीं है। कृपया कर उनका ज्ञान बढ़ाएं। उन्हें विधानसभा की कार्यवाही की जानकारी प्रेषित करें। वो आपका व आपके कृषि मंत्री का भी मजाक उड़ा रहे है।
सियासत में प्रियंका के बाद राहुल की एंट्री
मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल एक दूसरे पर हमलावर है। प्रदेष के नेताओं के अलावा अब राश्टीय नेताओं ने भी प्रदेष की राजनीति की ओर रूख किया है। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर पहले से ही भाजपा की ओर से ग्वालियर चंबल अंचल की सीटों को लेकर सक्रिय हैं। वे कई बार क्षेत्र का दौरा भी कर चुके हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से अब तक यह माना जा रहा था कि प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ अकेले की सक्रिय हैं,मगर ऐसा नहीं हैं पिछले एक सप्ताह में जो खबरें सामने आई हैं, वे स्पश्ट तौर पर संकेत दे रही हैं कि राश्टीय नेताओं का साथ अब कमलनाथ को मिलने वाला है। इन नेताओं में कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी का नाम सामने आया है। प्रियंका गांधी को ग्वालियर चंबल अंचल में सक्रिय करके कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनके गढ़ ग्वालियर चंबल अंचल में घेरने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस प्रियंका गांधी की सभाएं इस अंचल की सीटों पर कराकर सिंधिया को करारा जवाब देने की तैयारी कर रही है। प्रियंका गांधी के अलावा सिंधिया के मित्र सचिन पायलट को भी कांग्रेस उपचुनाव में सिंधिया के खिलाफ मैदान में लाने की तैयारी कर रही है।
वहीं आज राहुल गांधी ने अचानक लंबे समय के बाद प्रदेष की राजनीति में सक्रियता दिखाई है। राहुल गांधी ने टवीट कर आज प्रदेष की षिवराज सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट कर प्रदेश की भाजपा सरकार पर किसान कर्ज माफी को लेकर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा है कि कांग्रेस ने जो कहा सो किया, भाजपा के सिर्फ झूठे वादे। हालांकि राहुल गांधी का टवीट केवल दो लाइन का है, मगर संकेत उन्होंने दिए हैं कि वे उपचुनाव को लेकर मध्यप्रदेष में सक्रिय होने जा रहे हैं।
पटेल के बयान पर बोला हमला
राहुल गांधी ने राहुल गांधी ने इस ट्वीट में प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के बयान का हवाला दिया है। गौरतलब है कि किसान ऋण माफी को लेकर भाजपा कांग्रेस पर हमलावर रही है, साथ ही राहुल गांधी को भी घेरती रही है। हाल ही में कृषि मंत्री कमल पटेल विधानसभा में एक प्रश्न का जवाब देते हुए कहा है कि प्रदेश में 51 जिलों में किसान कर्ज माफी हुई है। उन्होंने विधानसभा में बताया कि 27-12-2019 से पहले किसान कर्ज माफी का पहला चरण और 27-12-2019 के बाद किसान कर्ज माफी का दूसरा चरण चलाया गया था। राज्य सरकार ने यह भी माना है कि प्रदेश में किसानों का एक लाख रुपए तक का कर्जा माफ हुआ है। राज्य सरकार ने गुना, बमोरी, राघोगढ़, मधुसूदनगढ़, चाचैड़ा, कुंभराज और आरोन में भी 17403 किसानों का एक लाख रुपए तक का कर्जा माफ होने की जानकारी दी।
मंगलवार, 22 सितंबर 2020
मृत जेल प्रहरी का कर दिया तबादला
मध्यप्रदेष में मृत जेल प्रहारी के तबादले का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस विधायक ने जेल मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा को पत्र लिखा है। मसूद ने मांग की है कि इस मामले में हुए भ्रष्टाचार की जांच करके डीजी जेल संजय चैधरी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। दरअसल, सोशल मीडिया पर जेल विभाग का एक तबादला आदेष वायरल हो रहा है। मसूद ने इस ट्रांसफर ऑर्डर को सही बताते हुए आरोप लगाया है कि जेल विभाग ने 9 सितंबर को 10 प्रहरियों का तबादला करके उन्हें नई पदस्थापना भी दे दी थी। तबादले की इस लिस्ट में छठे नंबर पर रशीद खान का नाम है। जबकि सच्चाई यह है कि रशीद खान का तीन महीने पहले ही निधन हो चुका है।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि सरकार को कोरोना से लड़ना चाहिए लेकिन पूरी सरकार और सीएम चुनाव प्रचार व्यस्त हैं, उन्हें जनता की कोई चिंता नहीं है. मसूद ने आरोप लगाया कि जेल डीजी पहले भी ऐसा कारनामा कर चुके हैं, इस मुद्दे को उन्होंने विधानसभा में भी उठाया था लेकिन तब भी सरकार और विपक्ष ने उनका साथ दिया था. लेकिन भ्रष्ट डीजी जेल ने सभी को मैनेज कर लिया और आज तक वो उसी पद पर बना हुआ है।
हाथ छोड़ हाथी पर सवार हुए पूर्व मंत्री महेन्द्र बौद्ध
पूर्व मंत्री महेन्द्र बौद्ध दतिया जिले के भांडेर से कांग्रेस के टिकट के दावेदार थे, मगर कांग्रेस ने यहां से फूलसिंह बरैया को अपना प्रत्याषी बनाया था। इसके बाद से बौद्ध नाराज चल रहे थे। उन्होंने अपनी नाराजगी भी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को जताई थी। मगर उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद उन्होंने पहले तो पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया और आज कांग्रेस ने नाता तोड़ दिया। बौद्ध ने आज बसपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके साथ ही यह तय हो गया है कि बसपा अब भांडेर से बौद्ध को मैदान में उतारेगी।
बौद्ध के बसपा में ष्षामिल होने के साथ ही भांडेर में उपचुनाव का मुकाबला रोचक होता नजर आ रहा है। कांग्रेस ने जहां बसपा के नेता रहे फूलसिंह बरैया को मैदान में उतारा है तो भाजपा ने यहां से कांग्रेस से आई रक्षा सिरोनिया पर दांव खेला है। वहीं बसपा बौद्ध को मैदान में उतारेगी। याने तीनों प्रत्याषी दलबदलू हैं जिनका सामना इस उपचुनाव में होना हैं।
षिवराज, ज्योतिरादित्य सिंधिया बोलते हैं झूठ, मांगे माफी
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जारी बयान में कहा है कि प्रदेश की जनता से सफेद झूठ बोलने और गुमराह करने की घृणित राजनीति के लिए शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया को तत्काल प्रदेश की जनता से माफी मांगना चाहिए। ग्वालियर दौरे के दौरान मैंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को किसानों की ऋण माफी के मुद्दे पर खुली बहस करने की चुनौती दी थी। वे इस मुद्दे पर खुली बहस करते, उसके पहले ही उनकी सरकार ने विधानसभा में स्वीकार कर लिया कि कांग्रेस सरकार ने 26 लाख 95 हजार किसानों का ऋण माफ किया था और स्वीेकृति की प्रकिया में शेष पांच लाख नब्बे हजार किसानों की संख्या को भी स्वीकार किया है, जिसकी स्वीकृति मेरी सरकार के समय की जा रही थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन के पटल पर जो सच्चाई भाजपा सरकार ने स्वीकार की है, इससे शिवराज सिंह व भाजपा की झूठ की राजनीति का पर्दाफाश हो चुका है और मेरे द्वारा पहले दिन से ही किसान ऋण माफी की जो संख्या और सूची दी जा रही थी ,वह अंततः सच साबित हुई है।
षिवराज सिंह हैं किसान विरोधी
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं शुरू से ही यह कहता आ रहा हूं कि भाजपा चाहे जितना झूठ बोल ले लेकिन जो सच्चाई है , वह इस प्रदेश की जनता जानती है और हमारे किसान इसके गवाह है। इसी सच्चाई को सदन में भाजपा सरकार के कृषि मंत्री ने लिखित में स्वीकार भी किया है। नाथ ने कहा कि इस सच्चााई को स्वीकार करने के बाद शिवराज सरकार को शेष किसानों की ऋण माफी की प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करना चाहिएं।उन्होने कहा कि विधानसभा में जो बहाना ऋण माफी योजना की समीक्षा का बनाया गया है , वह यह बताता है कि भाजपा और शिवराज सिंह किसानों के विरोधी है।
भाजपा है किसान विरोधी
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के साथ हमेशा से भाजपा छलावा करती रही है। उनके वोट पाने के लिए झूठे सब्जबाग दिखाकर भाजपा को किसानों को धोखा दिया है। यही कारण है कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार में इतनी बड़ी संख्या में किसान आत्महत्या को मजबूर हुए। नाथ ने कहा कि हाल ही में संसद में गैर संवैधानिक तरीके से जो कृषि विधेयक पास हुए है , उससे भी स्पष्ट हो गया है कि भाजपा मूलतः किसान विरोधी है , वह किसानो का भला नहीं चाहती है।
सोमवार, 21 सितंबर 2020
उपचुनाव में कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन कराए आयोग
उन्होंने कहा की मध्यप्रदेश ही नहीं अपितु पूरा देश और विश्व इस महामारी कोरोना से पीड़ित है। आज अर्थव्यवस्था से लेकर मानवता तक संकट के दौर से गुजर रही है। मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले 1 लाख के पार हो गये हैं और 1900 से ज्यादा मृत्यु हो चुकी हैं। प्रदेश के सभी जिलों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही हैं और छोटे शहरों से लोग भोपाल, इंदौर, जबलपुर व ग्वालियर जैसे महानगरों की तरफ भाग रहे हैं। महानगरों की स्वास्थ्य सुविधओं की स्थिति बेहद दयनीय है।
उन्होंने कहा कि उपचुनाव को जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी एवं कांग्रेस के नेता हजारों की भीड़ जुटा कर बड़े-बड़े आयोजन कर रहे हैं। इन आयोजनों में न केवल प्रदेश की जनता का पैसा खर्च हो रहा है बल्कि जनता तेजी से कोरोना जैसी जानलेवा बीमारी की चपेट में आ रही है। सिंह ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अपील की है कि, महामारी और आर्थिक संकट के दौर में कोरोना महामारी को रोकने के लिए बने नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और प्रदेश की आर्थिक स्थिति एवं जनता के जीवन को बचाने के लिए अन्य जरूरी नियम बनाये एवं लागू किए जाएं, जिससे की उपचुनाव के दौरान हो रही लापरवाही पर रोक लग सके और लापरवाही करने वाले राजनैतिक दलों के नेताओं को कड़ा सबक मिल सके।
पुरानी जमींदारी प्रथा को वापस लाना चाहती है मोदी सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने टवीट कर कहा कि मोदी सरकार के अध्यादेश पूरी तरह से किसान विरोधी व खेतिहर मजदूर विरोधी है। यह दिन इतिहास में काले दिवस के रूप में दर्ज होगा। इसको लेकर ना किसानो की सहमति ली गयी ना अन्य राजनैतिक दलो से चर्चा की गई। मोदी सरकार तानाशाही तरीके से देश को चलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि पुरानी जमींदारी प्रथा वापस लाना चाहती है। वादा किसानो की आय दोगुनी का किया था लेकिन भाजपा सरकार किसानो की रोजी- रोटी छिनना चाहती है। देश भर के किसानो की इस लड़ाई को कांग्रेस लड़ेगी। सदन से लेकर सड़क तक कांग्रेस किसानो के हित में इस काले कानून के विरोध में संघर्ष करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवराज सरकार स्पष्ट करे कि वो किसानांे के साथ है या इन किसान विरोधी काले कानून के साथ ? प्रदेश का किसान इस सच्चाई को जानता चाहता है कि कौन उसके साथ है और कौन किसान विरोधी काले कानून के साथ ?
मध्यप्रदेष में लाकडाउन लगाने का विचार नहींः नरोत्तम मिश्रा
गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में दोबारा लाकडाउन लगाने का अभी कोई विचार नहीं है। लाकडाउन के दुष्परिणाम हम सभी देख चुके हैं। अतः अब सभी को अपेक्षित सावधानी के साथ ही दैनिक जीवन की आदत डालनी होगी। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर कहा है कि दर्जन से ज्यादा मंत्री संक्रमित हो चुके है मध्यप्रदेश में लाकडाउन को लेकर मप्र में कोई विचार नही है, सावधानी के साथ प्रतिदिन आदत डालें।
किसान कर्जमाफी कांग्रेस नेताओं के दौरे और बयानों को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने किसान को धोखे में रखा कर्जमाफी में नया कर्जा नही मिल पाया है। कांग्रेस मध्यप्रदेष को किसानों के साथ किए गए झूठे वादों के दुष्परिणाम तो भुगतना ही पड़ेंगे। उसे अब तो स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर वो अपने वचनपत्र में किए गए वादे क्यों नहीं पूरे कर पाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उपचुनावों में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए जनता के बीच जाने के बजाय फर्जी वीडियो वायरल कर डर्टी पॉलिटिक्स कर रही है। लेकिन प्रदेश की जनता बहुत समझदार है। वो असली और नकली का अंतर बखूबी जानती है।
रविवार, 20 सितंबर 2020
किसानों, गरीबों का पैसा खा गए कमलनाथ
मंदसौर जिले के सीतामऊ (सुवासरा), में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने कहा कि जनता ही अपनी जिंदगी है। मैं मुख्यमंत्री रहते हुए भी और नहीं रहते हुए भी, जनता के बीच ही रहा, लेकिन कमलनाथ तो वल्लभ भवन से बाहर निकलने को ही तैयार नहीं हुए। बाढ़ के दौरान भी वे जनता के बीच नहीं आए और राहत की राशि भी खा गए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दस दिन में कर्ज माफी का वादा किया और बाद में लाल-पीले फार्म बांटकर ज्यादातर किसानों को कर्ज माफी के अयोग्य बता दिया। जिनका कर्जा माफ किया, उन्हें भी झूठे प्रमाण पत्र बांट दिए, अब बैंक वो पैसा मुझसे मांग रहे हैं। प्रदेश में जल्द ही पुलिस एवं अन्य नौकरियों में शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ की जाएगी। मैं बेरोजगारी भत्ता नहीं, रोजगार देकर युवाओं को समर्थ बनाऊंगा।
किसानों के कल्याण के लिए मैंने फिर से जीरो पर्सेंट ब्याज पर कर्ज देने की योजना प्रारम्भ कर दी है। अनेक योजनाओं के माध्यम से किसान को समर्थ और कर्जमुक्त बनाने का प्रयास करूंगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कमलनाथ किसानों और गरीबों का पैसा खा गए। गरीबों के कल्याण की योजना संबल को बंद कर दिया। इन्होंने बच्चों को छात्रवृत्ति, लैपटॉप और स्मार्ट फोन देना बंद कर दिया और मुझे वे नालायक कहते हैं। मंदसौर में 1 लाख 12 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता वाली योजना को स्वीकृत करता हूं। इस सिंचाई योजना से हमारे किसान भाइयों की समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे।
नेता पुत्रों की जंग भी दिखेगी उपचुनाव में
मध्यप्रदेष में 28 विधानसभा क्षेत्रों के लिए होने वाले उपचुनाव में नेता पु़त्रों के बीच भी जंग दिखाई देगी। इसकीष्षुरूआत कल सोमवार से सांची विधानसभा क्षेत्र से भाजपा करने जा रही है। सांची विधानसभा क्षे़त्र में युवा सम्मेलन में पहली बार कल मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान के पुत्र कार्तिकेय चैहान और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महाआर्यमन ष्षामिल होने जा रहे हैं।
मध्यप्रदेष में होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच तो घमासान मचा हुआ है, मगर अब मुकाबलों को दिलचस्प बनाने के लिए नेता पुत्रों की सक्रियता भी दिखाई देगी। भाजपा ने उपचुनाव में नेता पुत्रों को मैदान में उतारने का फैसला लिया है। इसके तहत मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान के पुत्र कार्तिकेय चैहान और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महाआर्यमन मैदान में दिखाई देंगे। दोनों नेता पुत्र कल सोमवार को सांची विधानसभा क्षेत्र में भाजयुमो द्वारा आयोजित किए गए युवा सम्मेलन मेंष्षामिल होंगे। वैसे कार्तिकेय लंबे समय से अपने पिता मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान के विधानसभा क्षेत्र बुधनी में सक्रिय रहे हैं। वहीं महाआर्यमन भी अपने पिता के संसदीय क्षेत्र गुना में सक्रियता दिखाते रहे है। पहली बार कल वे सांची विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस सम्मेलन मेंष्षामिल होने आएंगे। सांची विधानसभा क्षेत्र से सिंधिया समर्थक मंत्री प्रभुराम चैधरी को भाजपा फिर से मैदान में उतार रही है। इस लिहाज से महाआर्यमन और कार्तिकेय की जोड़ी एक तरह से युवा सम्मेलन में ष्षामिल होकर युवाओं को सक्रिय करने का काम करेंगे।
गौरतलब है कि प्रदेश में बदली राजनीतिक परिदृश्य के बाद उनका चुनाव प्रचार में एक साथ आना प्रदेश की भविष्य की राजनीति के लिहाज के काफी अहम माना जा रहा है। भाजपा में एक तरफ जहां शिवराज और महाराज की जोड़ी इन दिनों एक साथ नजर आ रही है, वैसे ही कार्तिकेय और महाआर्यमान की जोड़ी भी एक साथ उतरने को तैयार है।
दिग्विजय, कमलनाथ के बेटे भी तैयार
भाजपा ही नहीं कांग्रेस में भी नेता पुत्र उपचुनाव के लिए मैदान में उतरने को तैयार हैं। दिग्विजय सिंह के पुत्र विधायक जयवर्धन सिंह और कमलनाथ के बेटे सांसद नकुलनाथ भी सक्रिय हैं। नकुलनाथ भोपाल में अपने पिता के साथ बैठकांे में नजर आए हैं, तो जयवर्धन सिंह भी ग्वालियर चंबल अंचल में मैदान में सक्रियता दिखा रहे है। दोनों नेता पुत्रों को उम्मीद है कि जल्द ही पार्टी द्वारा तय कार्यक्रम में उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। संभावना इस बात की जताई जा रही है कि पार्टी दोनों नेतापुत्रों के लिए एक मंच पर कोई कार्यक्रम तय करेगी।
शनिवार, 19 सितंबर 2020
कमलनाथ ने शिवराज का नाम लेकर कभी नालायक नहीं कहा
कांग्रेस ने दी सफाई
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज को लेकर अपने संबोधन में कभी भी नालायक शब्द का उपयोग नहीं किया लेकिन पता नहीं क्यों शिवराज सिंह बार-बार कमलनाथ के हवाले से खुद को नालायक बताने पर तुले हुए हैं ?सलूजा ने बताया कि पूर्व में भी कमलनाथ ने भोपाल में एक पत्रकार वार्ता में कहा था कि “कुछ मित्र लायक होते हैं, कुछ नालायक “ उसमें भी उन्होंने शिवराज जी का नाम नहीं लिया था लेकिन शिवराज सिंह कई दिनों तक बार-बार यह दोहराते रहे कि मुझे कमलनाथ ने नालायक बताया। उन्होंने कहा कि आज भी ग्वालियर में पत्रकार वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि हमने 26 लाख किसानों का कर्ज माफ किया ।53 लाख किसानों के कर्ज माफी के आवेदन आए थे ,उसको लेकर पूरी प्रक्रिया का पालन करना पड़ा क्योंकि कई किसानों के चार-चार खाते थे । हमने फसल ऋण माफी की घोषणा की थी लेकिन कईयों ने मकान-ट्रैक्टर व अन्य लोन ले रखे थे , जिसके कारण वह पात्र नहीं थे। उन्होंने कहा कि अब यदि कोई 26 लाख किसानों की हमारी कर्ज माफी पर सवाल उठाए या कहे कि 53 लाख किसानो के ऋण माफी के आवेदन की प्रक्रिया को 10 दिन में पूरा करो तो वह नालायक वाली ही बात होगी, मतलब वह अक्लमंदी वाली बात नहीं होगी, लेकिन पता नहीं क्यों उनके बयान को तोड़ मोड़ कर शिवराज सिंह द्वारा गलत संदर्भ में उपयोग किया जा रहा है ?
जनता जानती है मैं कैसा हूं
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने कहा कि कमलनाथ द्वारा उनके नालायक कहे जाने पर अगर उन्हें मुझे नालायक कहने से संतुष्टि मिलती है तो वो बोलकर प्रसन्न हो, मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है। चैहान ने कहा कि जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। शिवराज सिंह ने कहा कि मैंने तो कभी किसी को नालायक नहीं कहा है, उन्होंने तो पहले भी मुझे नालायक कह दिया था, प्रदेश की जनता जानती है कि मैं कैसा हूं।
लव जिहाद की शिकार युवतियों के बेहतर जीवन के लिए काम करेगा विहिप
विहिप ने कहा ष्प्रषासन को करना चाहिए तेजी से काम
विश्व हिन्दू परिषद लव जिहाद की शिकार युवतियों के बेहतर जीवन के लिए काम करेगा। विश्व हिन्दू परिषद का मानना है कि इस तरह की घटनाएं प्रदेष में बढ़ी है। हालांकि इसके लिए ष्षासन प्रषासन को तेजी से काम करना चाहिए।
यह बात आज विश्व हिन्दू परिषद की दो दिवसीय बैठक के बाद विहिप के अंतरराश्टीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि लव जिहाद को लेकर दुर्गा वाहिनी और बजरंग दल बेहतर कार्य कर रहे हैं। लव जिहाद की घटनाएं लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विहिप लव जिहाद की शिकार युवतियों के पुनर्वास और आगे के जीवन को बेहतर करने के बारे में भी संगठन काम कर रहा है। हालांकि, लव जेहाद की बढ़ती बीमारी को शासन और प्रशासन के स्तर से भी रोकने की कोशिशें तेज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी संस्थाएं हिंदुओं का धर्मांतरण कराने में लगी हैं, उनके आर्थिक स्रोत पर चोट जरूरी है। विदेशी ताकतों के इशारे पर हिंदुओं का धर्मांतरण कराने की कोशिशें चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि आदिवासियों के बीच बढ़ते चर्च के प्रभाव को खत्म का काम भी होना चाहिए। इस मामले को सरकार तक भी पहुंचाया जाएगा। विहिप के महामंत्री ने सुर्खियों में आए जकात फाउंडेशन की आय के सोर्स की भी जांच करने पर जोर दिया। उन्होंने कोरोना काल में विहिप के कार्यो की भी जानकारी दी और बताया कि जरूरतमंदों में 2 करोड़ भोजन के पैकेट बांटे गए। 4 लाख गौवंश की भी देखरेख हुई। बता दें कि भोपाल में गुरुवार और शुक्रवार को दो दिनों तक विहिप की केंद्रीय बैठक हुई, जिसमें में संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भी हिस्सा लिया।
राम मंदिर निर्माण के लिए लंेगे प्रति व्यक्ति 10 रूपए
ेविहिप के अंतरराश्टीय महामंत्री मिलिंद परांडराम मंदिर निर्माण के लिए सहायता राशि के रूप में 11 करोड़ परिवारों के पास जाकर उनसे प्रति व्यक्ति 10 रुपए लिया जाएगा। इसके साथ ही इस अभियान में समाज को जोड़ने, हिंदू जीवन मूल्यों के साथ संस्कृति को सुरक्षित करने की भी कवायद होगी और इस अभियान में विश्व हिंदू परिषद देशभर के करीब चार लाख गांव में भी जाएगा और ये कार्य राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र न्यास के साथ मिलकर किया जाएगा।
टिकट कटने से नाराज पूर्व मंत्री ने पदों से इस्तीफा
मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर कांग्रेस में टिकट वितरण के साथ ही दावेदारों में नाराजगी भी दिखाई देने लगी है। नाराज नेता अपने आकाओं से तो नाराजगी जता रहे हैं, वहीं आज राज्य के पूर्व मंत्री महेन्द्र बौद्ध ने भांडेर से टिकट कटने के बाद पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। कयास इस बात के भी लगाए जा रहे हैं कि अगर पार्टी ने अब भी विचार नहीं किया तो वे बसपा का दामन भी थाम सकते हैं।
मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर शजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को नाराज नेताओं से जूझना पड़ रहा है। भाजपा संगठन रूठों को मनाने में जुटा है,वहीं कांग्रेस ने अभी 15 प्रत्याषियों की सूची जारी की है, उसके साथ ही टिकट कटने से नाराज नेताओं की नाराजगी सामने आने लगी है। नाराजगी के चलते राज्य के पूर्व मंत्री महेन्द्र बौद्ध ने भांडेर से फूल सिंह बरैया को टिकट दिए जाने का विरोध के चलते पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नितिन रावत को पत्र लिखकर पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की बात कही है। हालांकि उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है और न ही ऐसी कुछ घोशणा की है कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं। मगर उनके साथी नाराज नेता यह मान रहे हैं कि अगर पार्टी ने टिकट को लेकर विचार नहीं किया तो वे बसपा का दामन थाम सकते हैं।
गौरतलब है कि बीते दिनों बौद्ध अपनी नाराजगी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भी जता चुके थे। सिंह ने उन्हें आस्वस्त किया था कि वे वरिश्ठ नेताओं से बात करेंगे। उन्होंने कहा था कि अन्याय तो हुआ है, मगर कोई रास्ता निकालेंगे। मैं टिकट वितरण में हस्तक्षेप नहीं कर रहा हूं।
भाजपा ने कसा तंज
महेन्द्र बौद्ध द्वारा पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने को लेकर भाजपा के प्रदेष मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराषर ने कांग्रेस पर तंज कसा है। उन्होंने टवीट कर कहा कि पारुल से तो कई गुना बड़े नेता है महेंद्र बौद्ध। हालांकि उनके इस टवीट के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वे इस बात का संकेत दे रहे हैं कि पारूल के जाने से भाजपा को हानि नहीं होगी।
हमने वोट से सरकार बनाई,उन्होंने नोट से
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा भाजपा ने संविधान व प्रजातंत्र को ही दांव पर लगा दिया
हमने वोट से सरकार बनाई , उन्होंने नोट से।ऽ बाबा साहेब ने कभी सोचा नहीं होगा कि इस प्रकार की राजनीति अपने देश में होगी। सांसद-विधायक के निधन पर उपचुनाव का प्रावधान तो किया लेकिन सौदा हो जाएगा , बोली लग जाएगी और उपचुनाव होंगे , यह भी भाजपा करेगी ?ऽआज भाजपा ने संविधान व प्रजातंत्र को ही दांव पर लगा दिया। मैं जनता से अपील करता हूं कि वो संविधान की रक्षा करें , अपने भविष्य की रक्षा करें।यह बात आज राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कलमनाथ ने ग्वालियर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि ग्वालियर -चंबल की राजनीति में व विकास में मैंने अभी तक ज्यादा दखल नहीं दिया पर अब परिस्थितियां बदल गई है और बदली परिस्थिति में ग्वालियर-चंबल का विकास मेरी प्राथमिकता रहेगी। हम ग्वालियर- चम्बल का सर्वांगीण विकास करेंगे।ऽमुझे इस बात का दुख है कि आज से 50 वर्ष पहले प्रदेश की पहचान ग्वालियर से होती थी ,कोई इंदौर-भोपाल-जबलपुर की बात नहीं करता था।पिछले कुछ वर्षों में ग्वालियर-चंबल उपेक्षित क्यों रहा ? बुनियादी सुविधाए तक ग्वालियर को नहीं मिली ? चाहे ग्वालियर की सड़को की बात करे , फ्लाईओवर की बात करे , ग्वालियर क्यों उपेक्षित रहा ? इसका जिम्मेदार कौन ? उन्होंने कहा कि ऽयह चुनाव प्रदेश के साथ ही ग्वालियर-चंबल के भविष्य का चुनाव भी , मेरा प्रयास रहेगा कि हम ग्वालियर-चंबल में विकास कार्य में एक नया इतिहास बनाएं। आप जानते है कि मालनपुर को लेकर कितनी बड़ी- बड़ी बातें हुई , आज क्या हाल है ? जितने उद्योग लगे नहीं उतने बंद हो गए।मालनपुर को लेकर कितनी घोषणा हुई थी ,यह तस्वीर आपके सामने है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा किऽहमने अपनी 15 महीने की सरकार में अपनी नीति और नियत का परिचय दिया।मुझे शिवराज व भाजपा से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए , जनता इसकी गवाह है। ऽभाजपा में हिम्मत कैसे हुई जो मुझसे 15 माह का हिसाब मांगते हैं , आज तक अपना 15 साल का हिसाब नहीं दे रहे है , पहले अपना हिसाब दे।
षिवराज को दी चुनौती
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मुझ पर आज तक कोई उंगली नहीं उठा सका ,मेरा राजनीतिक जीवन बेदाग है। हमने 26 लाख किसानों का कर्ज माफ किया। मैं शिवराज सिंह को चुनौती देता हूं कि आमने- सामने बैठ जाएं मैं आपको 26 लाख किसानों के नाम, उनके गांव का नाम , माफ कर्ज की राशि का रेकोर्ड देने को तैयार हूँ। शिवराज सिंह चैहान झूठ की राजनीति बहुत हो गई ,अब यह चलने वाली नहीं है।
किसे मिले थे मात्र 18 वोट
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि ये मेरी सरकार में कोरोना को डरोना बताते थे , मुझे ज्योतिष बताते थे। आज सबसे कम टेस्टिंग मध्यप्रदेश में हो रही है। आज स्थिति कितनी भयावह है।ऽजो कह रहे है कि उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया तो यह सभी जानते है कि विधायकों ने किसे अपना नेता चुना और किसे मात्र 18 वोट मिले ? कौन सौदागर है , किसने सौदा किया , यह भी सभी जानते है ? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 20 लाख करोड़ में से किसी को 20 रुपए भी मिले क्या ?
शुक्रवार, 18 सितंबर 2020
सवालों का जवाब नहीं दे पाएगी कांग्रेस, हम सत्य पूछते हैं
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कांग्रेस पर हमला
मध्यप्रदेष के गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हमारे सवालों का कांग्रेस कभी भी जवाब नहीं दे पाएगी, क्योंकि हम सत्य पूछते हैं। कांग्रेस कभी सत्य जवाब नहीं देती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते कमलनाथ कभी ग्वालियर क्यों नहीं गए।
गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ग्वालियर दौरे को लेकर कहा कि अच्छा है स्वागत है उनका आए, लेकिन जब मुख्यमंत्री थे तब क्यों नहीं आए, हमारे सवालों का कांग्रेस कभी भी जवाब नहीं दे पाएगी क्योंकि हम सत्य बात पूछते हैं। उन्होंने कहा कि लगातार काम करना ही गरीब कि सही सेवा कहलाती है। कांग्रेस के पिछले 15 महीने से ज्यादा काम इन 7 दिनों में कर दिए गए है। गृह मंत्री ने किसानों को लेकर कहा कि कांग्रेस के समय में किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि कांग्रेस किसान विरोधी थी। राजनीति करना है सीधे-सीधे राजनीति करें।
हमारे नेता चाहें तो इमरती देवी को बना सकते हैं डिप्टी सीएम
इमरती देवी के बयान को लेकर उन्होंने कहा कि अब इसमें कांग्रेस को क्या दिक्कत है हमारे नेता चाहे तो बिल्कुल डिप्टी सीएम बना सकते है। और जिन लोगों का इमरती नाम ले रही है वह सभी सक्षम है उन्हें डिप्टी सीएम बनाने में।युवा कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन को बेरोजगार दिवस मनाने को लेकर उन्होंने कहा कि सही बात है कांग्रेस ने सही किया। बेरोजगार दिवस मनाया, क्योंकि उन्होंने एक भी रोजगार नहीं दिया था पिछले 15 महीनों में एक भी बेरोजगार व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया लिखित में झूठ बोलने वाली पार्टी किसानों को धोखा देने वाली पार्टी है कांग्रेस।
उपचुनाव से पहले भाजपा को झटका, पूर्व विधायक पारूल साहू कांग्रेस में हुई षामिल
मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर अब दल बदल का दौर तेज हो चला है। कांग्रेस ने भाजपा को आज करारा झटका दिया है। सुरखी से भाजपा की विधायक पारूल साहू ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
उपचुनाव के पहले कांग्रेस, भाजपा को लगातार झटके दे रही है। ग्वालियर चंबल अंचल में कई दिग्गज नेताओं को अपने पाले में लाने के बाद आज कांग्रेस के प्रदेष अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा को करारा झटका दिया है। उन्होंने सुरखी से भाजपा की पूर्व विधायक पारूल साहू को कांग्रेस की सदस्यता दिलाकर यह झटका दिया है। पूर्व विधायक पारुल साहू ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के समक्ष कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। पारुल ने वर्ष 2013 में सुरखी से भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने गोविंद राजपूत को हराया था। पारुल के पिता संतोष साहू कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं।इस अवसर पर प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि यह उनकी घर वापसी है। पारुल के पिता कांग्रेस के बड़े नेता रहे हैं, उनके चाचा कांग्रेस के पदाधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि सौदेबाजी से सरकार बना कर भाजपा ने प्रदेश को कलंकित किया है। मुझे दिल्ली जाने में शर्म आती है, वहां लोग कहते हैं उसी प्रदेश से हो जहां सब बिकने तैयार हैं। हमारे प्रजातंत्र के साथ जो खिलवाड़ हुआ है उसका फैसला चुनाव में होगा। नौजवान और किसान पीड़ित हैं,जो पैसा शिवराज बांट रहे वो प्रीमियम हमने दिया है।
लंबे समय से चल रही थी नाराज
पारूल साहू राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों के भाजपा में ष्षामिल होने के बाद से नाराज चल रही थी। इसके बाद जब भाजपा ने सिंधिया समर्थक विधायकों को उनके विधानसभा क्षेत्रों से टिकट देकर मैदान में उतारने का फैसला लिया था तो वे मुखर हुई थी और संगठन के सामने इस पर आपत्ति भी जताई थी। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि कहीं यह राजनीतिक देहज प्रताड़ना, तलाक का कारण न बन जाए।
कांग्रेस में व्यक्तियों का टोटा, सब आयातित लोग हैं वहां
पारूल साहू के कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने पर राज्य के गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसा कि कांग्रेस में व्यक्तियों का टोटा है, इसके लिए वह प्रत्याषी ढूंढ रही है। कांग्रेस के जो भी प्रत्याषी है, सब आयातित हैं। उन्होंने कहा कि आज जो स्थिति कांग्रेस की है, वही स्थिति इन आयातित लोगों की भी रहेगी।
बिकाऊ प्रदेश कहकर कमलनाथ ने किया जनादेश का अपमान
जनता जवाब जरूर देगी: विष्णुदत्त शर्मा’
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के उस बयान पर गंभीर आपत्ति व्यक्त की है जिसमें उन्होंने प्रदेश को बिकाऊ प्रदेश कहा है। उन्होंने कहा है कि यह जनादेश का अपमान है और इसे सहन नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ कांग्रेस की 15 महीने की सरकार ने लगातार गद्दारी की है। इसलिए ग्वालियर चंबल की जनता अपनी खुद्दारी के दम पर कमलनाथ एंड कंपनी को करारा जवाब देगी।
शर्मा ने यह बात मीडिया से चर्चा के दौरान कही। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने जिस वचनपत्र के आधार पर चुनाव लड़ा था, कमलनाथ सरकार उस पर अमल नहीं कर रही थी और प्रदेश के किसानों, नौजवानों, गरीब जनता से छल कर रही थी। सिंधिया और उनके साथी विधायकों ने जब मुख्यमंत्री से वचनपत्र पर अमल करने और वादे निभाने की बात कही, तो तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनकी बात नहीं सुनी और सड़क पर उतरने की चुनौती दे दी। इन विधायकों ने प्रदेश की जनता को धोखाधड़ी और छल से बचाने के लिए इस्तीफा दिया। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे गोविन्द सिंह ने कहा था कि सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है और पैसा उपर तक जाता है। मंत्री उमंग सिंगार ने कहा था कि कैबिनेट निर्णय नहीं करती, निर्णय तो दिग्विजय सिंह पर्दे के पीछे से कराते हैं। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस के अपने ही लोगों में सरकार के रवैये के प्रति असंतोष था और इसी वजह से वह सरकार गिरी है।
सफेद झूठ मत बोलो कमलनाथ, जनता सब जानती है
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की झूठमंडली ने प्रदेश में झूठ बोलकर सरकार बनाई थी। कमलनाथ, दिग्विजय सिंह के इशारे पर ही झूठ बोलते हैं। उन्होंने आज ग्वालियर में फिर एक सफेद झूठ बोला कि किसानों के फसल बीमा की 2200 करोड़ रूपए की प्रीमियम हमने जमा कराई थी। शर्मा ने कहा कि इतना सफेद झूठ मत बोलो कमलनाथ जी, जनता मूर्ख नहीं है, वो सब जानती है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर की जनता ने आज जो नारेबाजी की है, उससे आपको आइना दिखा दिया है। आपने जनता से चोरी करके जो वोट पाया, उसी के चलते ग्वालियर की जनता आज कमलनाथ चोर है के नारे लगा रही है। आपको ग्वालियर आने का कोई हक ही नहीं है। जब आप मुख्यमंत्री रहे, कभी ग्वालियर की जनता की सुध नहीं ली। ग्वालियर के विकास में एक रुपया कभी नहीं लगाया। चंबल एक्सप्रेस वे को ब्रेक कर दिया गया था। जेएएच हॉस्पिटल के काम को रोक दिया। सौभाग्य से सिंधियाजी ने कदम उठाया और भाजपा की सरकार बन गई। जिसके बाद चंबल प्रोगेस वे का काम आगे बढ़ा। श्री शर्मा ने कहा कि जिस तरह पिछले 15 वर्षों में श्री शिवराजसिंह चैहान ने चंबल को डकैतों से मुक्त कराकर विकास किया था, उसी तरह अब फिर से ग्वालियर में विकास के कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं।
गुरुवार, 17 सितंबर 2020
विहिप की बैठक में ष्षामिल हुए संघ प्रमुख भागवत
संघ प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों राजधानी प्रवास पर है। संघ प्रमुख का दो माह में यह तीसरा दौरा है। राजधानी पहुंचने के बाद उन्होंने संघ पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके बाद आज गुरूवार से ष्षुरू हुई विश्व हिन्दू परिषद की दो दिवसीय बैठक में वे ष्षामिल हुए। राजधानी के पटेल नगर स्थित कैलाश गार्डन मंे यह बैठक हो रही है। यहां विश्व हिंदू परिषद के 70 से भी ज्यादा पदाधिकारी के साथ मोहन भागवत बैठक कर रहे हैं. यह बैठक 2 दिन चलेगी, जिसमें कोरोना काल में किए गए कार्यों की भागवत समीक्षा करेंगे। इसके अलावा वे आने वाले दिनों में कोरोना के लेकर किस तरीके से कार्य किए जाने हैं और विश्व हिंदू परिषद की भूमिका क्या रहेगी इसे लेकर भी दो दिवसीय बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा संघ प्रमुख उपचुनाव को लेकर भी पदाधिकारियों से चर्चा कर सकते हैं।
कमलनाथ सरकार के जाने के बाद बढ़ी संघ की गतिविधियां
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार जाने के बाद संघ की गतिविधियों में भी तेजी आई है। प्रदेश, देश के बीच में स्थित है, लिहाजा ये कहना गलत नहीं होगा कि यहीं से पूरे देश को लेकर संघ अपनी रणनीति को तैयार करता रहा है। भागवत का बार-बार हो रहा दौरा अपने आप में बताता है कि संघ मध्य प्रदेश को लेकर कितना गंभीर हैं। हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया का नागपुर दौरा भी चर्चा का विषय रहा. अब संघ की बैठक में किन-किन बातों पर मंथन होता है, इस पर सभी की निगाहें रहेंगी।
लगातार हो रहे भागवत के दौरे
संघ प्रमुख का यह दो माह में तीसरा दौरा है। इसेक पहले भागवत 20 जुलाई को भोपाल आए थे। इस दौरान वो शारदा विहार में 5 दिन तक रहे। यहां उन्होंने संघ के पदाधिकारियों, प्रचारकों और कोर ग्रुप के साथ मंथन किया. बैठक में मोहन भागवत के साथ करीब डेढ़ दर्जन संघ के पदाधिकारी शामिल हुए। संघ प्रमुख राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद 9 अगस्त को भोपाल आए। मोहन भागवत 2 दिन तक भोपाल में रहे और यहां संघ के सेवा कार्यों की समीक्षा की. साथ ही भविष्य के सेवा कार्यों की योजना पर भी चर्चा की।
मंत्री इमरती देवी का दावा हम कलेक्टर कोे कहंेगे वो उतनी सीटें जीता देंगे
राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की समर्थक मंत्री इमरती देवी के वायरल वीडियो पर कांग्रेस आक्रामक हो गई है। मंत्री के इस वीडियो में वे यह कह रही हैं कि हम कलेक्टर को कहेंगे वे उतनी सीटों हमें जीता देंगे।
महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी का एक वीडियो वायरल हुआ है, इस वीडियो में वे ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मंत्री इमरती देवी कह रही हैं कि हमें सरकार में रहने के लिए 8 सीटें जीतनी हैं। कांग्रेस को सत्ता में वापसी के लिए 27 सीटें चाहिए। आप बता तो दो कि सत्ता और सरकार क्या आखें मूंदें बैठी रहेंगी और वो पूरी की पूरी जीत लेंगे? सत्ता सरकार का बहुमत है कि हम कलेक्टर को कहेंगे, तो उतनी सीटें हमें मिल जाएंगी।
इमरती देवी के इस वीडियो को लेकर कांगे्रस हमलावर हो गई है। कांग्रेस विधायक कुणाल चैधरी ने इमरती देवी के वीडियो को शेयर करते हुए सोषल मीडिया पर लिखा है कि वोटों से तो यह जीतेंगी नहीं, इन्हें तो कलेक्टर साहब ही जिताएंगे। कलेक्टर साहब पढ़ेंगे की... अपार सफलता के बाद अब पेश है कलेक्टर साहब चुनाव जीतेंगे।
कांग्रेस ने की षिकायत
मंत्री इमरती देवी के वायरल वीडियो को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग को षिकायत की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। भाजपा अधिकारियों का अपने एजेंट की तरह उपयोग कर रही है। चुनाव में भाजपा सरकारी तंत्र का मिस यूज करने वाली है।
क्या सिंधिया समर्थक मंत्री पर कार्रवाई कर पाएंगे मुख्यमंत्री
कांग्रेस प्रवक्ता सैय्यद जफर ने मंत्री के वीडियो वायरल होने के बाद सरकार और भाजपा पर हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता जफर ने ट्वीट कर लिखा है कि क्या भाजपा को अपना जनाधार खत्म होने का अहसास हो चुका है? क्या अधिकारियों के दम पर चुनाव जीतना चाहती है भाजपा? क्या चुनाव जीतने के हिसाब से हो रहे हैं अधिकारियों के ट्रांसफर? क्या सिंधिया की करीबी मंत्री पर कार्रवाई की हिम्मत कर पाएंगे मुख्यमंत्री?
कमलनाथ तो सायबेरियन पक्षी की तरह: नरोत्तम
गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को सायबेरियन पक्षी बताया। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सिर्फ वोट मांगने चले जाते है फिर कभी नही जाते। कमलनाथ और कांग्रेसी साइबेरियन पक्षियों की तरह है। मंत्री मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस ने 15 महीने में एक नौकरी नही दी, एक व्यक्ति को रोजगार दिया नही, 4 हजार रुपये भत्ता दिया नही, लिखित में झूठ बोलने वाले मुख्यमंत्री थे। उन्होंने कहा कि भाजपा गरीबों के लिए काम करती है तो कांग्रेस को समस्या होती है कांग्रेस को अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए, क्या यह नहीं चाहते कि गरीबों को राशन मिले कांग्रेस के पास बहाने के अलावा कुछ भी नहीं है।
उन्होंने कहा कि झाम सिंह धुर्वे एनकाउंटर को लेकर मंत्री मिश्रा ने कहा कि मौत कोई भी हो दुखद है, जांच का विषय है। वो नक्सली की गोली से मारा या पुलिस की गोली से। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रियल जांच के बाद सीआईडी जांच के आदेश दिए है। दोषी जो भी हो दंडित होगा, नही बचेगा, इस पर राजनीति नही होना चाहिए। कोरोना संक्रमण के चलते अस्पतालों में आक्सीजन की कमी को लेकर उन्होंने कहा कि अस्पतालों और प्रदेष में कहीं भी आक्सीजन की कमी नहीं है।
बुधवार, 16 सितंबर 2020
चुनावी घोषणा बनकर रह जाएगा अन्न उत्सव
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेष में ष्षुरू किए अन्न उत्सव को लेकर भाजपा और सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अन्न उत्सव भी चुनावी घोशणा बनकर रह जाएगा।
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने आज अन्न उत्सव का ष्षुभारंभ किया। इसे लेकर कांग्रेस पहले से ही हमलवार है। वहीं आज पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी योजना को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि शिवराज सरकार यह बताएं कि उस हिसाब ने 37 लाख नये लाभार्थियो के लिए अतिरिक्त खाद्यान्न की उन्होंने क्या व्यवस्था की है ? क्या यह अन्य घोषणाओं की तरह सिर्फ चुनावी घोषणा बन कर रह जायेगी? उपभोक्ताओं के हित में हमारी सरकार ने कई उल्लेखनीय निर्णय लिये थे।
उन्होंने कहा है कि भाजपा आज 37 लाख नये लाभार्थियो को शामिल कर प्रदेश भर में अन्न उत्सव मना रही है। जबकि सच्चाई यह है कि हमारी सरकार ने पहले वर्ष में ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ता सूची में पूर्व में सम्मिलित परिवारों के सत्यापन, अपात्र परिवारों को हटाकर छूटे हुए वास्तविक गरीब परिवारों को सूची में जोडने का काम प्रारंभ किया था, जो कार्य पिछले कई वर्षों से नहीं हुआ था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा है कि अधिनियम में शामिल 117.52 पात्र परिवारों के 5 करोड़ 46 लाख हितग्राहियों का घर- घर जाकर सत्यापन का व छूटे वास्तविक गरीब परिवारों के नाम जोडने के अभियान का कार्य हमारी सरकार ने ही शुरू करवाया था। बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर राशन का विवरण 18 लाख से बढ़ाकर 76.93 परिवारों को माह अक्तूबर 2019 में देने का कार्य हमारी सरकार ने ही किया था।
उन्होंने बताया कि समाज के गरीब तबके के लोगों को जीवन यापन में सहूलियत देने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने रियायती दरों पर खाद्यान्न व अन्य सुविधाएं देना शुरू किया था। पोर्टेबिलिटी योजना के तहत हमारी सरकार ने हितग्राही को किसी भी राशन की दुकान से खाद्यान्न लेने की सुविधा भी प्रदान की थी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत वर्ष 2011 की जनसंख्या के अनुसार प्रदेश की 75 प्रतिशत आबादी यानी 5 करोड़ 46 लाख को ही लाभान्वित करने का प्रावधान था। हमारी सरकार ने वर्ष 2018 की बढ़ी हुई अनुमानित जनसंख्या के आधार पर बचे 9 प्रतिशत यानि 71 लाख हितग्राहियों हेतु अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन करने की मांग भी भारत सरकार से की थी।
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