संघ प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों राजधानी प्रवास पर है। संघ प्रमुख का दो माह में यह तीसरा दौरा है। राजधानी पहुंचने के बाद उन्होंने संघ पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके बाद आज गुरूवार से ष्षुरू हुई विश्व हिन्दू परिषद की दो दिवसीय बैठक में वे ष्षामिल हुए। राजधानी के पटेल नगर स्थित कैलाश गार्डन मंे यह बैठक हो रही है। यहां विश्व हिंदू परिषद के 70 से भी ज्यादा पदाधिकारी के साथ मोहन भागवत बैठक कर रहे हैं. यह बैठक 2 दिन चलेगी, जिसमें कोरोना काल में किए गए कार्यों की भागवत समीक्षा करेंगे। इसके अलावा वे आने वाले दिनों में कोरोना के लेकर किस तरीके से कार्य किए जाने हैं और विश्व हिंदू परिषद की भूमिका क्या रहेगी इसे लेकर भी दो दिवसीय बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा संघ प्रमुख उपचुनाव को लेकर भी पदाधिकारियों से चर्चा कर सकते हैं।
कमलनाथ सरकार के जाने के बाद बढ़ी संघ की गतिविधियां
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार जाने के बाद संघ की गतिविधियों में भी तेजी आई है। प्रदेश, देश के बीच में स्थित है, लिहाजा ये कहना गलत नहीं होगा कि यहीं से पूरे देश को लेकर संघ अपनी रणनीति को तैयार करता रहा है। भागवत का बार-बार हो रहा दौरा अपने आप में बताता है कि संघ मध्य प्रदेश को लेकर कितना गंभीर हैं। हाल ही में ज्योतिरादित्य सिंधिया का नागपुर दौरा भी चर्चा का विषय रहा. अब संघ की बैठक में किन-किन बातों पर मंथन होता है, इस पर सभी की निगाहें रहेंगी।
लगातार हो रहे भागवत के दौरे
संघ प्रमुख का यह दो माह में तीसरा दौरा है। इसेक पहले भागवत 20 जुलाई को भोपाल आए थे। इस दौरान वो शारदा विहार में 5 दिन तक रहे। यहां उन्होंने संघ के पदाधिकारियों, प्रचारकों और कोर ग्रुप के साथ मंथन किया. बैठक में मोहन भागवत के साथ करीब डेढ़ दर्जन संघ के पदाधिकारी शामिल हुए। संघ प्रमुख राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने के बाद 9 अगस्त को भोपाल आए। मोहन भागवत 2 दिन तक भोपाल में रहे और यहां संघ के सेवा कार्यों की समीक्षा की. साथ ही भविष्य के सेवा कार्यों की योजना पर भी चर्चा की।
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