सरकार ने विधानसभा की जानकारी को ठीक नहीं बताया, जांच के दिए आदेश
मध्यप्रदेष में एक बार फिर किसान कर्ज माफी को लेकर सियायस गर्मा गई है। विधानसभा में दी जानकारी के बाद हमलावर हुई कांग्रेस को घेरने के लिए अब सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं। सरकार की ओर से कहा गया कि विधानसभा में जो आंकड़े दिए गए वे ठीक नहीं हैं, इनकी जांच कराई जा रही है।
मध्यप्रदेष में किसान कर्ज माफी को लेकर कांग्रेस को घेरती आ रही भाजपा विधानसभा में दी जानकारी के बाद अब खुद घिरती नजर आ रही है। उपचुनाव के पहले भाजपा के लिए किसान कर्ज माफी का मुददा गले की हडडी बन गया। विधानसभा में किसान कर्ज माफी को लेकर जो जानकारी सरकार की ओर से दी गई उसके बाद से कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस के हमलों के जवाब में आज सरकार के मंत्री मैदान में उतरे और आंकड़ों को गलत बताया। राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि विधानसभा में जो जानकारी दी गई है वह ठीक नहीं थी, जांच के आदेश दिए गए हैं। कांग्रेस सरकार में कर्ज माफ नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आंकड़ों का खेल खेला गया था। सदन में कृषि विभाग की तरफ से एक लिखित जवाब दिया गया था कि 26 लाख किसानों का कर्जा माफ हुआ है, जिसमें किसानों का 50 लाख से एक लाख तक का कर्जा माफ हुआ है।
कमलनाथ देश के सबसे बड़े झूठे नेता: पटेल
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कमल पटेल ने हरदा में पत्रकारों से बातचीत में कमलनाथ को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि उन्हीं के कारण प्रदेश के किसानों को फसल बीमा के 1553 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि किसानों की कर्जमाफी के जिन आंकड़ों को लेकर कांग्रेस और कमलनाथ फूले नहीं समा रहे वह दरअसल कागजी आंकड़े हैं, हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही 48 लाख किसानों के 2 लाख रुपए तक के 54 हजार करोड़ रुपए के कर्ज माफ करने का आदेश निकाला था, लेकिन हरदा में ही दो भाइयों के 80-80 हजार रुपए के ऋण अब तक माफ नहीं किए गए हैं। पटेल ने कहा कि कमलनाथ ने जो किया उससे सहकारी सोसायटी आर्थिक तंगी में आ गई और वह किसानों को लोन नहीं दे सके। कमलनाथ ने फसल बीमा के लिए स्केल आफ फाइनेंस भी घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया जिससे प्रीमियम कम हो, लेकिन यह प्रीमियम भी जमा नहीं कराया जिससे किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलना मुश्किल हो गया था।
मंत्री के बयान पर कांग्रेस ने बोला हमला
मंत्री भूपेंद्र सिंह के बयान के बाद कांग्रेस ने सरकार पर पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया कि अबमंत्री भूपेन्द्र सिंह कह रहे है कि अधिकारियों ने गलत जानकारी दी है, कर्ज माफी नहीं हुई। विधानसभा में सच्चाई स्वीकार ली, झूठ की पोल खुल गई तो अब एक और झूठ? यह तो विधानसभा की अवमानना है? क्या शिवराज सिंह, कृषिमंत्री सब झूठे हैं? हमें झूठों का प्रमाण-पत्र नहीं चाहिए। सलूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री, आपके वरिष्ठ मंत्री भूपेन्द्र सिंह को विधानसभा में सरकार की ओर से दिए प्रश्नों के जवाब की जानकारी नहीं है। कृपया कर उनका ज्ञान बढ़ाएं। उन्हें विधानसभा की कार्यवाही की जानकारी प्रेषित करें। वो आपका व आपके कृषि मंत्री का भी मजाक उड़ा रहे है।
मध्यप्रदेष में किसान कर्ज माफी को लेकर कांग्रेस को घेरती आ रही भाजपा विधानसभा में दी जानकारी के बाद अब खुद घिरती नजर आ रही है। उपचुनाव के पहले भाजपा के लिए किसान कर्ज माफी का मुददा गले की हडडी बन गया। विधानसभा में किसान कर्ज माफी को लेकर जो जानकारी सरकार की ओर से दी गई उसके बाद से कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस के हमलों के जवाब में आज सरकार के मंत्री मैदान में उतरे और आंकड़ों को गलत बताया। राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि विधानसभा में जो जानकारी दी गई है वह ठीक नहीं थी, जांच के आदेश दिए गए हैं। कांग्रेस सरकार में कर्ज माफ नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आंकड़ों का खेल खेला गया था। सदन में कृषि विभाग की तरफ से एक लिखित जवाब दिया गया था कि 26 लाख किसानों का कर्जा माफ हुआ है, जिसमें किसानों का 50 लाख से एक लाख तक का कर्जा माफ हुआ है।
कमलनाथ देश के सबसे बड़े झूठे नेता: पटेल
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कमल पटेल ने हरदा में पत्रकारों से बातचीत में कमलनाथ को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि उन्हीं के कारण प्रदेश के किसानों को फसल बीमा के 1553 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि किसानों की कर्जमाफी के जिन आंकड़ों को लेकर कांग्रेस और कमलनाथ फूले नहीं समा रहे वह दरअसल कागजी आंकड़े हैं, हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही 48 लाख किसानों के 2 लाख रुपए तक के 54 हजार करोड़ रुपए के कर्ज माफ करने का आदेश निकाला था, लेकिन हरदा में ही दो भाइयों के 80-80 हजार रुपए के ऋण अब तक माफ नहीं किए गए हैं। पटेल ने कहा कि कमलनाथ ने जो किया उससे सहकारी सोसायटी आर्थिक तंगी में आ गई और वह किसानों को लोन नहीं दे सके। कमलनाथ ने फसल बीमा के लिए स्केल आफ फाइनेंस भी घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया जिससे प्रीमियम कम हो, लेकिन यह प्रीमियम भी जमा नहीं कराया जिससे किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलना मुश्किल हो गया था।
मंत्री के बयान पर कांग्रेस ने बोला हमला
मंत्री भूपेंद्र सिंह के बयान के बाद कांग्रेस ने सरकार पर पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया कि अबमंत्री भूपेन्द्र सिंह कह रहे है कि अधिकारियों ने गलत जानकारी दी है, कर्ज माफी नहीं हुई। विधानसभा में सच्चाई स्वीकार ली, झूठ की पोल खुल गई तो अब एक और झूठ? यह तो विधानसभा की अवमानना है? क्या शिवराज सिंह, कृषिमंत्री सब झूठे हैं? हमें झूठों का प्रमाण-पत्र नहीं चाहिए। सलूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री, आपके वरिष्ठ मंत्री भूपेन्द्र सिंह को विधानसभा में सरकार की ओर से दिए प्रश्नों के जवाब की जानकारी नहीं है। कृपया कर उनका ज्ञान बढ़ाएं। उन्हें विधानसभा की कार्यवाही की जानकारी प्रेषित करें। वो आपका व आपके कृषि मंत्री का भी मजाक उड़ा रहे है।
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