मध्यप्रदेष में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या के बढ़ने से आक्सीजन की कमी होने लगी है। इसके चलते देवास, जबलपुर, ग्वालियर, शिवपुरी, इंदौर आदि जिलों में मंगलवार-बुधवार को कोरोना मरीजों के इलाज में दिक्कत आई थी। इसके बाद स्वास्थ्य महकमा चिंतित हो गया था। स्वास्थ्य विभाग कि अनुसार कोरोना इलाज के दौरान अस्पतालों में जुलाई में हर दिन 40 टन तो अगस्त में 90 टन आक्सीजन की पूर्ति हुई है। सितंबर में हर दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में ऑक्सीजन खपत 130 टन हुई है। सितंबर अंत और अक्टूबर मध्य तक प्रतिदिन की खपत 150 टन तक पहुंचने की संभावना है। आक्सीजन की कमी और महाराष्ट्र सरकार द्वारा लगाई रोक के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने महाराष्ट्र के उद्धव ठाकरे से आक्सीजन की कमी को लेकर चर्चा की है। दरअसल मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह से बड़ी मात्रा में आक्सीजन सिलेंडर की जरुरत पड़ रही है।
नहीं रहेगी आक्सीजन की कमीः शिवराज
प्रदेश में आक्सीजन की कमी को लेकर शिवराज का बयान सामने आया है। ऑक्सीजन की कमी का विषय महत्वपूर्ण था, इसलिए मैंने व्यवस्थाओं की समीक्षा की। हमारे यहां प्रारंभ में ऑक्सीजन की उपलब्धता केवल 50 टन थी, जिसे बढ़ाकर 120 टन कर दिया गया है। मैं प्रदेश की जनता को आश्वस्त करता हूं कि ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो प्लांट 50-60 प्रतिषत क्षमता पर चल रहे थे, मैंने उनको पूर्ण क्षमता के साथ चलाने का आग्रह किया है। बाबई के मोहासा में आइनॉक्स कम्पनी के प्लांट को मैंने स्वीकृत किया है, जो 6 महीने में 200 टन ऑक्सीजन बनाना प्रारंभ कर देंगे। ऑक्सीजन की कमी न रहेगी। हरसंभव व्यवस्था करेंगे।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में हम 30 सितंबर तक 150 टन आक्सीजन की व्यवस्था कर लेंगे। महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश को केवल 20 टन आक्सीजन मिलती थी, जो आइनाक्स कंपनी करती थी। अब वही कंपनी मध्यप्रदेश को इस 20 टन आक्सीजन की सप्लाई गुजरात और उत्तर प्रदेश से करेगी।
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई चिंता
महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने आक्सीजन की सप्लाई दूसरे राज्यों को करने से इंकार कर दिया है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. प्रदीप व्यास ने आदेश जारी कर कहा कि आक्सीजन की सप्लाई केवल महाराष्ट्र में ही होगी। इस आदेश के बाद से मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य महकमंे में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि प्रदेश में आक्सीजन सप्लाई करने वाली आईनाक्स कंपनी के प्लांट महाराष्ट्र में ही लगे हैं। वहीं से लगभग 15 जिलों में सीधे और दूसरे वेंडर के जरिए आक्सीजन सप्लाई की जाती है. आपको बता दें कि इंदौर, भोपाल सहित लगभग 15 जिलों में आईनाक्स कंपनी 130 मीट्रिक टन रोजाना आक्सीजन सप्लाई करती है।
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