सीहोर जिला प्रशासन मुख्यमंत्री की सेवा में लगा हुआ है, नहीं हो रहा सर्वे
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सीहोर जिले में किसान द्वारा की गई आत्महत्या को लेकर षिवराज सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सीहोर जिला प्रशासन मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान की सेवा में लगा हुआ है, ना तो किसानों का सर्वे हो रहा है और ना मुआवजा मिल रहा है। बीमा की तो उम्मीद ही छोड़ दो, क्योंकि मामा और उसके कृषि मंत्री में कंपनियों से कमीशन को लेकर विवाद चल रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने टवीट कर कहा कि फसल पूरी चैपट सिहोर जिला प्रशासन मुख्यमंत्री की सेवा में व्यस्त। उन्हें तो पद पर बने रहने के लिए मामा की सेवा में ही रहना है। बीमा की तो उम्मीद ही छोड़ दो, क्योंकि मामा और उसके कृषि मंत्री में कंपनियों से कमीशन को लेकर विवाद चल रहा है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने तीन किसान विरोधी अध्यादेश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य बड़े-बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाकर किसानों का और छोटे मध्यम वर्गीय व्यापारियों का शोषण करना है। सिंह ने कहा कि उनके दस साल के कार्यकाल में एक बार भी खाद की कालाबाजारी की शिकायत नहीं आई, क्योंकि कृषि मंत्री सुभाष यादव सभी खाद सहकारी समिति से बंटवाते थे और जब से भाजपा राज में समिति को मध्यप्रदेश शासन ने निजी हाथों में सौंपा है, किसानों को दिक्कतें आने लगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भारतीय किसान संघ पर भी हमला बोला है, उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ जो कि संघ का किसानों का संघटन है, उसकी किसानों के प्रति प्रतिबद्धता कसौटी पर है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर वो सही में किसानों के हितैषी हैं तो मोहन भागवत को समझाओ, ये मोदी, शाह की जोड़ी देश में मजदूरों, किसानों और छोटे मध्यम वर्गीय व्यापारियों को समाप्त कर की तरह चंद बड़े लोगों को देश सौंप रहे हैं। भारतीय किसान संघ और भारतीय मजदूर संघ जागो, दोनों की विश्वसनीयता अब खतरे में है।
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