शनिवार, 5 सितंबर 2020

शिवराज ने मध्य प्रदेश को बनाया आत्महत्या का हब


मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी जीतू पटवारी ने  आरोप लगाया कि प्रदेष के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने मध्यप्रदेष को आत्महत्याओं का हब बना दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ही तीन दिन में तीन लोगों ने आत्महत्या की है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी, पूर्व मंत्री और कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हाल ही में आई राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान और भारतीय जनता पार्टी एनसीआरबी के आंकडे यह बताते है कि देश में कितनी भयावह स्थिति है। उन्होंने कहा कि 2019 सबसे अधिक आत्महत्या करने वाला वर्ष बन गया है। वर्ष 2019 में 10,281 किसानों और खेतिहर मजदूरों ने जान दी है। जबकि 32,559 दिहाड़ी मजूदरों ने इस अवधि में आत्महत्या की है। साल 2019 में कुल 139,123 लोगों ने पूरे देश में जान दी। पूरे देश में मौत को गले लगाने वाले लोगों में 7.4 फीसदी लोग खेती से जुड़े किसान और खेतिहर मजूदर थे। यही नहीं आत्महत्या करने वालों में बेरोजगार युवा भी थे।
 पटवारी ने कहा कि क्या यही वह अच्छे दिन है जिसे भारतीय जनता पार्टी, मोदी और शिवराज ने देने का वादा किया था। अब लोग गुहार लगा रहे हैं कि हमें हमारे पुराने दिन ही लौटा दो।  पटवारी ने बताया कि गृह मंत्रालय के आधीन आने वाले राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के अनुसार मध्य प्रदेश में 12,457 किसान, मजदूरों और युवा बेरोजगारों ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की वस्तु स्थिति है, और यही शिवराज सिंह चैहान का असली चेहरा है। मध्यप्रदेश को आत्महत्याओं का हब बना दिया है। पटवारी ने कहा कि शिवराज सिंह चैहान जिस जिले सीहोर की बुधनी विधानसभा से चुनकर आते है वहां पिछले तीन दिनों में तीन-तीन लोगों ने आत्महत्या की है। यह देश का सबसे अधिक आत्महत्या करने वाला जिला बना हुआ है।
मंत्रियों के जवाब पर होता है दुख
 पटवारी ने कहा कि जब मुख्यमंत्री से किसानों, मजदूरों और युवा बेरोजगारों की आत्महत्या को लेकर सवाल किए जाते है तो उनके मंत्री कहते है कि किसान की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, मुझे उनके इस उत्तर पर दुःख होता है। किसान जब अन्न उगाकर देता है, देश का पेट भरता है, तब वह भगवान होता है। वह जब परेशान होकर आपकी यातनाओं से आत्महत्या करने को मजबूर होता है तब मुख्यमंत्री और मंत्री उनकी मानसिक स्थिति, दिमाग खराब होने का वक्तव्य देते है। 

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