बुधवार, 9 सितंबर 2020

कमलनाथ ने पूछा भ्रष्टाचार का पैसा आखिर किसकी जेब में जा रहा


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज फिर षिवराज सरकार पर राषन वितरण प्रणाली को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि खराब चावल के बाद अब सड़े गेहूं के वितरण का मामला सामने आया है। इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है,  आखिर भ्रष्टाचार का यह पैसा किसकी जेब में जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज प्रदेष में राषन वितरण प्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए इसमें भ्रष्टाचार होने की बात कही है। उन्होंने टवीट कर कहा कि प्रदेश में राशन दुकानो से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पोल्ट्री ग्रेड के चावल के वितरण के बाद अब सड़े हुए गेहूं का वितरण किया जा रहा है। इसमें भी भारी भ्रष्टाचार की बू आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पता नहीं शिवराज सरकार प्रदेश की गरीब जनता को जानवरो के खाने लायक गेहूं, चावल खिलाने पर क्यो उतारू है ? क्यों उन्हें अच्छी क्वालिटी का राशन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है ? इस भ्रष्टाचार का पैसा आखिर किसकी जेब में जा रहा है ?
सरकारी योजनाओं का किया जा रहा राजनीतिकरण
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक अन्य टवीट कर कहा कि आज मध्यप्रदेश में स्वनिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने संवाद किया। सरकार का दावा है कि प्रदेश में 1 लाख से ज्यादा हितग्राहियों को इस योजना का लाभ हुआ, लेकिन जिन क्षेत्रों में संवाद हुआ वो वो क्षेत्र है, जहाँ उपचुनाव होना है। प्रदेश के अन्य हिस्सों के हितग्राहियों का संवाद के लिये चयन आखिर क्यों नहीं ? ये तो सरकारी योजना का सीधा साधा राजनीति करण है।

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