शनिवार, 12 सितंबर 2020

भाजपा ही नहीं बसपा की भी बढ़ी परेशानी


 बसपा और  भाजपा से आए नेताओं को कांग्रेस से मिला टिकट

प्रदेष में उपचुनाव को लेकर अब माहौल गर्मा गया है। कांग्रेस ने 15 प्रत्याषियों के नामों की घोशणा करके भाजपा के अलावा बसपा की भी मुसीबत खड़ी कर दी है। कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा बसपा से आए 5 लोगांे को टिकट देकर झटका दिया है।
मध्यप्रदेष के राजनीतिक इतिहास में ष्षायद पहली बार ऐसा हुआ है, जब कमलनाथ ने समय से पहले कांग्रेस के प्रत्याषियों की घोशणा कराकर कांग्रेस में प्रत्याषियों को उनके क्षेत्र में अधिक समय सक्रिय रहते हुए मतदाता के बीच पहुंचने का मौका मिला है। हालांकि अभी सभी 27 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोशणा नहीं हुई है, लेकिन आधे से ज्यादा उम्मीदावारों की घोशणा कर चुनावी माहौल में भाजपा और बसपा से बढ़त बना ली है। वैसे भाजपा ने पहले ही सिंधिया समर्थकों जो विधायकी छोड़कर भाजपा में आए थे, उन्हें टिकट देने का फैसला कर लिया है। वहीं बसपा ने 8 प्रत्याषी घोशित किए हैं, मगर कांगे्रेस ने जो 15 प्रत्याषी घोशित किए हैं, उनमें बसपा से जुड़े रहे 5 नेताओं को टिकट दिया है। इनमें फूल सिंह बरैया को भांडेर से टिकट दिया है। वैसे बरैया को बसपा से काफी समय पहले ही हटा दिया गया था, मगर वे बसपा के वोट बैंक के सहारे ही अब तक राजनीति करते रहे हैं। बरैया को पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस में ष्षामिल कराया था। अब वे बसपा के साथ साथ भाजपा के वोट बैंक में सेंधमारी करते नजर आएंगे। बरैया के अलावा बसपा के पूर्व प्रदेष अध्यक्ष सत्यप्रकाष सखवार को अंबाह से, दिमनी से रवीन्द्र सिंह, मेवाराम जाटव को गोहद से, प्रज्ञीलाल जाटव को करेरा से प्रत्याषी बनाया है। इन सभी की बसपा में खासी पैठ रही है।
बसपा के अलावा भाजपा से आए बमौरी से पूर्व मंत्री कन्हैया लाल अग्रवाल, सांवेर से प्रेमचंद गुडडू के अलावा डबरा से सुरेष राजे को टिकट दिया है। सुरेष राजे वैसे इमरती देवी के समधी हैं, साथ ही वे भाजपा से कांग्रेस  में आए थे। सुरेष को टिकट देकर कांग्रेस ने नरोत्तम मिश्रा को करारा झटका दिया है। आरक्षित सीट होने के चलते मिश्रा डबरा से दतिया पहुंचे थे। इसके पूर्व वे डबरा से ही चुनाव लड़ते रहे थे। इस दौर में मिश्रा के खास समर्थक के रूप में सुरेष राजे का नाम आता था। 

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