मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर अब दल बदल का दौर तेज हो चला है। कांग्रेस ने भाजपा को आज करारा झटका दिया है। सुरखी से भाजपा की विधायक पारूल साहू ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
उपचुनाव के पहले कांग्रेस, भाजपा को लगातार झटके दे रही है। ग्वालियर चंबल अंचल में कई दिग्गज नेताओं को अपने पाले में लाने के बाद आज कांग्रेस के प्रदेष अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा को करारा झटका दिया है। उन्होंने सुरखी से भाजपा की पूर्व विधायक पारूल साहू को कांग्रेस की सदस्यता दिलाकर यह झटका दिया है। पूर्व विधायक पारुल साहू ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के समक्ष कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। पारुल ने वर्ष 2013 में सुरखी से भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने गोविंद राजपूत को हराया था। पारुल के पिता संतोष साहू कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं।इस अवसर पर प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि यह उनकी घर वापसी है। पारुल के पिता कांग्रेस के बड़े नेता रहे हैं, उनके चाचा कांग्रेस के पदाधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि सौदेबाजी से सरकार बना कर भाजपा ने प्रदेश को कलंकित किया है। मुझे दिल्ली जाने में शर्म आती है, वहां लोग कहते हैं उसी प्रदेश से हो जहां सब बिकने तैयार हैं। हमारे प्रजातंत्र के साथ जो खिलवाड़ हुआ है उसका फैसला चुनाव में होगा। नौजवान और किसान पीड़ित हैं,जो पैसा शिवराज बांट रहे वो प्रीमियम हमने दिया है।
लंबे समय से चल रही थी नाराज
पारूल साहू राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक विधायकों के भाजपा में ष्षामिल होने के बाद से नाराज चल रही थी। इसके बाद जब भाजपा ने सिंधिया समर्थक विधायकों को उनके विधानसभा क्षेत्रों से टिकट देकर मैदान में उतारने का फैसला लिया था तो वे मुखर हुई थी और संगठन के सामने इस पर आपत्ति भी जताई थी। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि कहीं यह राजनीतिक देहज प्रताड़ना, तलाक का कारण न बन जाए।
कांग्रेस में व्यक्तियों का टोटा, सब आयातित लोग हैं वहां
पारूल साहू के कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने पर राज्य के गृह मंत्री डा नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसा कि कांग्रेस में व्यक्तियों का टोटा है, इसके लिए वह प्रत्याषी ढूंढ रही है। कांग्रेस के जो भी प्रत्याषी है, सब आयातित हैं। उन्होंने कहा कि आज जो स्थिति कांग्रेस की है, वही स्थिति इन आयातित लोगों की भी रहेगी।
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