मध्यप्रदेष में उपचुनाव से पहले आज कांग्रेस ने भाजपा को तगड़ा झटका दिया है। भाजपा के कददावर नेता सतीश सिकरवार को आज कांग्रेस की सदस्यता दिला दी है। सिकरवार के साथ उनके समर्थकों ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली है।
प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आज दिल्ली दौरे के पहले भाजपा को करारा झटका दिया है। उन्होंने भाजपा के ग्वालियर अंचल के कददावर नेता सतीष सिकरवार और उनके समर्थकों को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने कांग्रेस का दुपट्टा पहना कर उनका पार्टी में स्वागत किया। इस अवसर पर कांग्रेस नेता रामनिवास रावत, पीसी शर्मा, चंद्र प्रभाष शेखर आदि मौजूद थे।
गौरतलब है कि ग्वालियर-अंचल की 16 विधानसभा सीटों सहित प्रदेश की 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ और गठजोड़ तेज हो गई है। कुछ दिन पहले भाजपा ने अंचल के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक कांग्रेसियों को ग्वालियर में भाजपा की सदस्यता दिलाई थी, अब कांग्रेस ने भाजपा को बड़ा झटका दिया है। सिकरवार ने 2018 में ग्वालियर पूर्व से सतीश सिकरवार भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस के उम्मीदवार रहे मुन्नालाल गोयल से करीब 17 हजार वोटों से चुनाव हार गए थे। अब मुन्नालाल गोयल भाजपा में हैं और ये माना जा रहा है कि ग्वालियर पूर्व से आने वाले उपचुनाव में मुन्नालाल गोयल ही भाजपा के प्रत्याशी होंगे और इसी बात से नाराज होकर सतीश सिकरवार ने आज कांग्रेस का दामन थाम लिया है।
जनता की छोड़िए भाजपा कार्यकर्ता दुखी है शिवराज और पार्टी से
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि आज तो जनता तो छोड़िए, भाजपा के कार्यकर्ता ही पार्टी और शिवराज सिंह सरकार से दुखी हैं। ऐसी है प्रदेश की स्थिति। हमारी सर्वे रिपोर्ट बहुत अच्छी है। हमें कोई चिंता नहीं है। मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव की सभी सीटें हम जीतेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उपचुनाव से पहले ग्वालियर क्षेत्र के कद्दावर भाजपा नेता डॉ.सतीश सिकरवार ने अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस का दामन थाम लिया है। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि भजपा के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में रोज प्रवेश ले रहे हैं। कल भी कुछ लोगों ने प्रवेश लिया था। हम इसे पब्लिसिटी या इवेंट का रूप नहीं देते हैं। यह तो भाजपा की राजनीति है। शिवराज सरकार से सभी नाराज हैं। आज तो जनता तो छोड़िए बीजेपी के कार्यकर्ता ही पार्टी और शिवराज सिंह सरकार से दुखी हैं।
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