मंगलवार, 15 सितंबर 2020

एक दिन का होगा विधानसभा सत्र

हीं होंगे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के चुनाव


मध्यप्रदेष में कोरोना संक्रमण को बढ़ते देख राज्य विधानसभा के मानसून सत्र को एक दिन का कर दिया है। सर्वदलीय बैठक में यह फैसला लिया है। बैठक में लिए फैसले के बाद अब इस सत्र में विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए होने वाले चुनाव भी नहीं होंगे। केवल बजट प्रस्तुत कर उसे पास कर दिया जाएगा।
राज्य विधानसभा के 21 सितंबर से होने वाले मानसून सत्र को बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए एक दिन का कर दिया गया। आज विधानसभा परिसर में हुई सर्वदलीय बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने की। सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान, नेता प्रतिपक्ष कमल नाथ, संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा, कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा आदि शामिल हुए।
बैठक के बाद विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेष्वर ष्षर्मा ने कहा कि सत्र में वर्चुअल और एक्चुअल दोनों तरीके से विधायक शामिल हो सकेंगे।  उन्होंने  कहा कि विपक्ष के सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे। कोरोना के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए फैसला यह फैसला लिया गया है। बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बयान दिया है कि विधानसभा सत्र के लिए जो उचित है उसके लिए तैयार है। विधानसभा अध्यक्ष चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि 35 दिन बाद हम ही बनाएंगे विधानसभा अध्यक्ष।
गौरतलब है कि प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के कई विधायक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति, तरुण भनोत, वन मंत्री विजय शाह, विधायक ब्रम्हा भलावी सहित अब तक विधानसभा के करीब 18 प्रतिशत सदस्य कोरोना पॉजिटिव हुए हैं। विधानसभा के 203 सदस्यों में से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, प्रदेश के 10 मंत्री, 28 विधायक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।
लिखित रूप में दिए जाएंगे प्रष्नों की जवाब
21 सितंबर को होने वाली बैठक में  निधन उल्लेख सहित शासकीय कार्य किए जाएंगे। 21, 22 और 23 सितंबर के लिए प्राप्त प्रश्न, ध्यानाकर्षण, शून्यकाल की सूचनाओं के उत्तर सदस्यों को लिखित रूप में प्राप्त होंगे । सत्र में दोनों पक्षो के सहमति के आधार पर उपस्थिति पूर्ति करते हुए पूर्ण होगी । कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए विधान सभा सचिवालय स्थित एलोपैथिक चिकित्सालय में कोरोना का रेपिड टेस्ट स्वास्थ विभाग के माध्यम से सभी सदस्यों के साथ विधान सभा सचिवालय के समस्त अधिकारियो, कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से किया जाएगा।

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