फालेन आउट अतिथि विद्वान पिछले एक साल से नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. इस मांग को लेकर उन्होंने 6 महीने पहले भोपाल के शहजहानी पार्क में धरना प्रदर्शन किया था। जिसके चलते करीब 25 सौ अथिति विद्वानों को फालेन आउट कर दिया गया। अब ये अतिथि विद्वान नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मांग को लेकर उन्होंने तरह-तरह के प्रदर्शन भी किए. कभी हवन किया, तो कभी मुंडन करवाया, लेकिन उनकी मांगे नहीं मानी गईं।
अतिथि विद्वानों का कहना है कि जब हम कांग्रेस सरकार में धरने पर बैठे थे तो यही शिवराज हमारे पास आए थे और कहा था कि हमारी सरकार आते ही सभी अतिथि विद्वानों को नियुक्ति मिलेगी, लेकिन जब वे नियुक्ति की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के बंगले पर पहुंचे तो उन्होंने धक्का मारकर बाहर निकाल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारें केवल बेवकूफ बनाने का काम कर रहीं हैं और अतिथि विद्वान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। अब अतिथि विद्वानों ने उच्च शिक्षा मंत्री से मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की मांग की है। अतिथि विद्वानों का कहना है कि वह उप चुनाव से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान से मिलना चाहते हैं, अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई, तो अतिथि विद्वान उपचुनाव का बहिष्कार करेंगे।
क्या मैं आत्महत्या कर लूं
उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव आज अतिथि विद्वानों पर नाराज हो गए, अतिथि विद्वानों से चर्चा के दौरान मंत्री मोहन यादव उस समय नाराज हुए जब अतिथि विद्वानों ने आत्महत्या की बात कह दी। जवाब देते हुए मंत्री ने कहा क्या मैं आत्महत्या कर लूं। वहीं सीएम शिवराज से मिलवाने पर मंत्री ने कहा कि मैं कैसे मिलवाऊं?
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें