आंगनवाड़ी केन्द्रों में अंडा वितरण के उनके फैसले पर प्रदेश के जैन समाज ने महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जैन समाज का कहना है कि इमरती देवी बच्चों को मांसाहार (अंडा) खिलाकर, उनका संस्कार खराब करना चाहती हैं।
दरअसल मंत्री इमरती देवी प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को अंडा खिलाने की योजना बना रही हैं। मंत्री का दावा है कि वो ऐसा प्रदेश में कुपोषण को रोकने के लिए कर रही हैं। मंत्री की इसी योजना पर बवाल मचा हुआ है।
प्रदेश का जैन समाज इमरती देवी की इस योजना का विरोध कर रहा है। जैन समाज का कहना है कि शाकाहार से बच्चों में अच्छे संस्कार आते हैं, लेकिन इमरती देवी बच्चों को अंडा खिलाकर उनका संस्कार खराब करना चाहती हैं। जैन समाज का कहना है कि चूंकि आंगनवाड़ी में समाज के हर वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं, लिहाजा मंत्री को इस बात का पूरा ख्याल रखना चाहिए। जैन समाज का कहना है कि मंत्री को कोई भी योजना समाज के हर वर्ग के खान पान को दृष्टिगत रखते हुए लागू करने की सोचनी चाहिए।
गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी की इस योजना के खिलाफ भाजपा के अंदर ही बहुत बड़ा वर्ग अपनी नाराजगी और असहमति जताते आ रहा है। ंभाजपा विधायक कृश्णा गौर ने इसे लेकर कहा कि इसका फैसला सरकार करेगी और जो सरकार का फैसला होगा, वही मेरा फैसला होगा। उन्होंने इसका समर्थन नहीं किया है।
किसी के साथ नहीं की जाएगी जबर्दस्ती
अंडा वितरण को लेकर विरोध तेज होने पर महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने कहा कि जिसे अंडा नहीं खाना है, उसे फल या कोई पौष्टिक आहार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर भी कहते हैं अंडा स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, लेकिन किसी से जबर्दस्ती नहीं की जाएगी।
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