शुक्रवार, 4 सितंबर 2020

खराब चावल वितरण पर थम नहीं रही सियासत

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा सीबीआई से कराएं जांच

मध्यप्रदेष में कोरोना काल में बांटे गए खराब चावल को लेकर सियासत थम नहीं रही है। मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने इस मामले की जांच ईओडब्ल्यू से कराने के निर्देश दिए हैं, वही पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज टवीट कर कहा कि  शिवराज सरकार में ये क्या हो रहा है ? प्रदेश में कहीं चावल घोटाला, कही गेहूं में मिलावट, कही यूरिया वितरण में फर्जीवाडा ? सार्वजनिक वितरण प्रणाली से गरीबों को बटने वाला चावल पोल्ट्री ग्रेड का होने का मामला सिर्फ बालाघाट व मंडला तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके तार पूरे प्रदेश से जुड़े होने का अंदेशा है ,यह एक बड़े घोटाले के रूप में सामने आ रहा है , इसमें बड़ी मिलीभगत की बात भी सामने आ रही है। पूरे प्रदेश में गरीबों को बटने वाले चावल व अन्य राशन सामग्री  की भी जाँच होना चाहिए। पूर्व में भी इसमें मिलावट के मामले सामने आ चुके है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह पूरा मामला सीबीआई को सौंपे क्योंकि ये जनहित से जुड़ा मुद्दा है। इसकी प्रदेश स्तर तक निष्पक्ष जाँच हो , इसके किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाए। ऐसा लग रहा है कि सरकार जाँच के पूर्व ही इस घोटाले को दबाने में व डाईवर्ट करने में लग गई है।
जारी है भेदभावपूर्ण दमन का खेल
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कोरोना के प्रोटोकाल व नियम क्या सिर्फ आमजन के लिये है , विपक्षी दलो के लिए है, अपने हक की लड़ाई लड़ने वालों के लिये है, क्या सत्ताधारी भाजपा को इसका उल्लंघन करने की पूरी छूट है ? उन्होंने का कि मंडी कर्मियों द्वारा वल्लभ भवन पर प्रदर्शन को लेकर महिलाओं तक पर बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया गया , कई लोगों पर प्रकरण दर्ज किए गए और वही भाजपा के प्रदेश भर में भीड़ भरे आयोजन निरंतर बेरोकटोक जारी है। उन्हांेने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर भी प्रकरण दर्ज किये जा रहे है , वही भाजपा को हर चीज की पूरी खुली छूट है। नियम सभी के लिए एक जैसे होना चाहिए लेकिन शिवराज सरकार में भेदभावपूर्ण दमन का खेल जारी है। जनता यह सब खुली आँखो से देख रही है।
खुपिया रिपोर्ट के बाद भी मौन रही कमलनाथ सरकार
 नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को जिम्मेदार बताया है। सिंह ने कहा है कि इंटेलिजेंस से जो इनपुट आता है वह सीधा मुख्यमंत्री को जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इनपुट मिलने के बाद भी इस पर संज्ञान नहीं लिया। यह गंभीर मसला है। इंटेलिजेंस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री को बताया था कि बिहार और अन्य स्थानों से घटिया चावल आ रहा है और यहां से अच्छा चावल जा रहा है। मंत्री सिंह ने कहा कि इस चूक के लिए कांग्रेस को प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री नाथ के ग्वालियर दौरे पर तंज कसते हुए मंत्री सिंह ने कहा कि पहले बताया गया कि सारे नेता बस से जाने वाले हैं। कांग्रेस बस में बैठती उससे पहले ही बस पंचर हो गई है। कांग्रेस में भारी अंतर्कलह है।

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