पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने टवीट कर कहा कि मोदी सरकार के अध्यादेश पूरी तरह से किसान विरोधी व खेतिहर मजदूर विरोधी है। यह दिन इतिहास में काले दिवस के रूप में दर्ज होगा। इसको लेकर ना किसानो की सहमति ली गयी ना अन्य राजनैतिक दलो से चर्चा की गई। मोदी सरकार तानाशाही तरीके से देश को चलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि पुरानी जमींदारी प्रथा वापस लाना चाहती है। वादा किसानो की आय दोगुनी का किया था लेकिन भाजपा सरकार किसानो की रोजी- रोटी छिनना चाहती है। देश भर के किसानो की इस लड़ाई को कांग्रेस लड़ेगी। सदन से लेकर सड़क तक कांग्रेस किसानो के हित में इस काले कानून के विरोध में संघर्ष करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवराज सरकार स्पष्ट करे कि वो किसानांे के साथ है या इन किसान विरोधी काले कानून के साथ ? प्रदेश का किसान इस सच्चाई को जानता चाहता है कि कौन उसके साथ है और कौन किसान विरोधी काले कानून के साथ ?
सोमवार, 21 सितंबर 2020
पुरानी जमींदारी प्रथा को वापस लाना चाहती है मोदी सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने टवीट कर कहा कि मोदी सरकार के अध्यादेश पूरी तरह से किसान विरोधी व खेतिहर मजदूर विरोधी है। यह दिन इतिहास में काले दिवस के रूप में दर्ज होगा। इसको लेकर ना किसानो की सहमति ली गयी ना अन्य राजनैतिक दलो से चर्चा की गई। मोदी सरकार तानाशाही तरीके से देश को चलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि पुरानी जमींदारी प्रथा वापस लाना चाहती है। वादा किसानो की आय दोगुनी का किया था लेकिन भाजपा सरकार किसानो की रोजी- रोटी छिनना चाहती है। देश भर के किसानो की इस लड़ाई को कांग्रेस लड़ेगी। सदन से लेकर सड़क तक कांग्रेस किसानो के हित में इस काले कानून के विरोध में संघर्ष करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवराज सरकार स्पष्ट करे कि वो किसानांे के साथ है या इन किसान विरोधी काले कानून के साथ ? प्रदेश का किसान इस सच्चाई को जानता चाहता है कि कौन उसके साथ है और कौन किसान विरोधी काले कानून के साथ ?
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