पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेष में 15 साल भाजपा की सरकार रही, 15 माह हमारी सरकार रही। मैं सौदे की राजनीति नहीं करने वाला था, इसीलिए मैंने इस्तीफा दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे 45 साल की राजनीति पर कोई उंगली नहीं उठा सकता। साढ़े ग्यारह महीने में मैंने कौन सा पाप, गुनाह, गलती की ?
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह बात आज आगर मालवा जिले के ग्राम बड़ोद में एक सभा को संबोधित करते हुए की। यहां पर आम सभा करते हुए कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में हमने तो वोट से सरकार बनाई थी, लेकिन यहां प्रजातंत्र से खिलवाड़ हुआ, यह प्रजातंत्र नहीं नॉट तंत्र है, कमलनाथ ने कहा कि यह उपचुनाव नहीं मध्यप्रदेश के भविष्य का चुनाव है।
उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि 15 साल भाजपा की सरकार रही, 15 माह हमारी सरकार रही। मैं सौदे की राजनीति नहीं करने वाला था, इसीलिए मैंने इस्तीफा दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे 45 साल की राजनीति पर कोई उंगली नहीं उठा सकता। साढ़े ग्यारह महीने में मैंने कौन सा पाप, गुनाह, गलती की ? मैंने कर्जा माफ किया, माफिया के खिलाफ मुहिम छेड़ी, मिलावट के खिलाफ लड़ाई लड़ी, शुद्ध का युद्ध शुरू किया, मगर सौदा हो गया सरकार गिरा दी गई।
गौरतलब है कि विपिन वानखेडे एनएसयूआई के प्रदेष अध्यक्ष हैं। वे 2018 विधानसभा में भी आगर विधानसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी थे, लेकिन वे भाजपा प्रत्याशी मनोहर ऊंटवाल से हार गए थे। यह सीट भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन के बाद खाली हुई है। उपचुनाव के नजदीक आते ही मध्यप्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस नेता चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं।
तो बिपिन को छिंदवाड़ा से लड़वाता चुनाव
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मुझे जीत और हार की चिंता नहीं, मुझे प्रदेश की चिंता है, किसानों की चिंता है। उन्होंने कहा कि झूठी घोषणा की राजनीति आसान है। कमलनाथ ने आगर विधानसभा से प्रत्याक्षी विपिन वानखेड़े की खुद से तुलना की और कांग्रेस का सच्चा सेवक बताया। कमलनाथ ने जनता से अपील की है कि कांग्रेस प्रत्याशी विपिन वानखेड़े को जिताएं। उन्होंने कहा कि अगर विपिन आगर विधानसभा से नहीं होते तो वे उन्हे छिंदवाड़ा ले जाते और वहां से चुनाव लड़वाते।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें