मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर कांग्रेस में टिकट वितरण के साथ ही दावेदारों में नाराजगी भी दिखाई देने लगी है। नाराज नेता अपने आकाओं से तो नाराजगी जता रहे हैं, वहीं आज राज्य के पूर्व मंत्री महेन्द्र बौद्ध ने भांडेर से टिकट कटने के बाद पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। कयास इस बात के भी लगाए जा रहे हैं कि अगर पार्टी ने अब भी विचार नहीं किया तो वे बसपा का दामन भी थाम सकते हैं।
मध्यप्रदेष में उपचुनाव को लेकर शजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को नाराज नेताओं से जूझना पड़ रहा है। भाजपा संगठन रूठों को मनाने में जुटा है,वहीं कांग्रेस ने अभी 15 प्रत्याषियों की सूची जारी की है, उसके साथ ही टिकट कटने से नाराज नेताओं की नाराजगी सामने आने लगी है। नाराजगी के चलते राज्य के पूर्व मंत्री महेन्द्र बौद्ध ने भांडेर से फूल सिंह बरैया को टिकट दिए जाने का विरोध के चलते पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष नितिन रावत को पत्र लिखकर पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की बात कही है। हालांकि उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है और न ही ऐसी कुछ घोशणा की है कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं। मगर उनके साथी नाराज नेता यह मान रहे हैं कि अगर पार्टी ने टिकट को लेकर विचार नहीं किया तो वे बसपा का दामन थाम सकते हैं।
गौरतलब है कि बीते दिनों बौद्ध अपनी नाराजगी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भी जता चुके थे। सिंह ने उन्हें आस्वस्त किया था कि वे वरिश्ठ नेताओं से बात करेंगे। उन्होंने कहा था कि अन्याय तो हुआ है, मगर कोई रास्ता निकालेंगे। मैं टिकट वितरण में हस्तक्षेप नहीं कर रहा हूं।
भाजपा ने कसा तंज
महेन्द्र बौद्ध द्वारा पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने को लेकर भाजपा के प्रदेष मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पाराषर ने कांग्रेस पर तंज कसा है। उन्होंने टवीट कर कहा कि पारुल से तो कई गुना बड़े नेता है महेंद्र बौद्ध। हालांकि उनके इस टवीट के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वे इस बात का संकेत दे रहे हैं कि पारूल के जाने से भाजपा को हानि नहीं होगी।
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