रविवार, 20 सितंबर 2020

किसानों, गरीबों का पैसा खा गए कमलनाथ


मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने आरोप लगाया कि कमलनाथ किसानों और गरीबों का पैसा खा गए। गरीबों के कल्याण की योजना संबल को बंद कर दिया। इन्होंने बच्चों को छात्रवृत्ति, लैपटॉप और स्मार्ट फोन देना बंद कर दिया और मुझे वे नालायक कहते हैं।  
मंदसौर जिले के सीतामऊ (सुवासरा), में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने कहा कि जनता ही अपनी जिंदगी है। मैं मुख्यमंत्री रहते हुए भी और नहीं रहते हुए भी, जनता के बीच ही रहा, लेकिन कमलनाथ  तो वल्लभ भवन से बाहर निकलने को ही तैयार नहीं हुए। बाढ़ के दौरान भी वे जनता के बीच नहीं आए और राहत की राशि भी खा गए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दस दिन में कर्ज माफी का वादा किया और बाद में लाल-पीले फार्म बांटकर ज्यादातर किसानों को कर्ज माफी के अयोग्य बता दिया। जिनका कर्जा माफ किया, उन्हें भी झूठे प्रमाण पत्र बांट दिए, अब बैंक वो पैसा मुझसे मांग रहे हैं। प्रदेश में जल्द ही पुलिस एवं अन्य नौकरियों में शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ की जाएगी। मैं बेरोजगारी भत्ता नहीं, रोजगार देकर युवाओं को समर्थ बनाऊंगा।
किसानों के कल्याण के लिए मैंने फिर से जीरो पर्सेंट ब्याज पर कर्ज देने की योजना प्रारम्भ कर दी है। अनेक योजनाओं के माध्यम से किसान को समर्थ और कर्जमुक्त बनाने का प्रयास करूंगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कमलनाथ किसानों और गरीबों का पैसा खा गए। गरीबों के कल्याण की योजना संबल को बंद कर दिया। इन्होंने बच्चों को छात्रवृत्ति, लैपटॉप और स्मार्ट फोन देना बंद कर दिया और मुझे वे नालायक कहते हैं। मंदसौर में 1 लाख 12 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता वाली योजना को स्वीकृत करता हूं। इस सिंचाई योजना से हमारे किसान भाइयों की समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे।

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