बुधवार, 2 सितंबर 2020

कोरोना काल में बांटे चावल की गुणवत्ता पर केन्द्र ने उठाए सवाल


रिपोर्ट में बताया जानवरों को भी खिलाया नहीं जा सकता था चावल, कांग्रेस हुई हमलावर


कोरोना संकटकाल में मध्यप्रदेष सरकार द्वारा गरीबों को बांटे गए चावल पर सवाल खड़े किए हैं। खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि इतनी खराब गुणवत्ता का चावल इंसानों को तो क्या जानवरों को भी खिलाया नहीं जा सकता।
मंत्रालय ने राज्य सरकार को भेजे चावल की गुणवत्ता रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। मंत्रालय ने मुख्यसचिव को पत्र लिखकर गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। मंत्रालय की इस रिपोर्ट के बाद कांग्रेस प्रदेष सरकार पर हमलावर हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार को एक पत्र जारी करते हुए हैरानी जाहिर की है कि मध्यप्रदेश में कोबिड की इस त्रासदी के दौरान जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चावल बांटा गया वह मनुष्यों के खाने योग्य नहीं था। वह पोल्ट्री ग्रेड का जानवरों के खाने लायक चावल था। उन्होंने कहा कि पूरे मध्यप्रदेश में घटिया चावल सप्लाई कर अच्छा चावल गायब किए जाने के कई प्रकरण सामने आए थे। मंदसौर शहडोल इत्यादि में ऐसे ट्रक के ट्रक पकड़ने के समाचार अखबारों में प्रकाशित हुए थे, लेकिन षिवराज सरकार इन खबरों को दबाने में ही लगी रही। अगर समय पर जांच की जाती तो करोड़ों लोगों को यह अखाद्य अनाज बांटने से रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को प्रदेश की साढे सात करोड़ जनता से इस घिनौनी लापरवाही के लिए माफी मांगना चाहिए। कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार का काला चेहरा जनता में लेकर घर-घर जाएगी।
केन्द्र सरकार की जांच में हुआ खुलासा
गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार की टीम ने बालाघाट एवं मंडला जिले में वेयरहाउसेस एवं राशन की दुकानों शासकीय वितरण प्रणाली की दुकानों से 32 सैंपल चावल के एकत्रित किए थे। यह सैंपल 30 जुलाई से 2 अगस्त के बीच में एकत्रित किए गए जिन्हें केंद्र सरकार ने दिल्ली की सीजीएएल लैब में जांच के लिए भेजे। यह लैब ना केवल भारत बल्कि सार्क देशों के लिए भी जांच के लिए श्रेष्ठ लैब मानी जाती है। लैब ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पूरे सैंपल ह्यूमन कंजंम्शन के योग्य नहीं पाए गये। जो चावल सप्लाई किया गया वह पोल्ट्री ग्रेड का था।
गुप्ता ने कहा कि अनैतिक तरीके से बनी हुई सरकार में जिन गैर विधायकों को मंत्री बनाया गया है वे भी बेखबर होकर अपना चुनाव बचाने में लगे हैं और मंत्री पर पद का दुरुपयोग कर केवल राजनीति कर रहे हैं। गुप्ता ने कहा इतना अपराधिक दुष्कृत्य जिस खाद्य आपूर्ति विभाग की आंखों तले किया गया है, उसके मंत्री बिसाहूलाल सिंह को तत्काल पद से बर्खास्त कर देना चाहिए।
दोषियों  पर कार्यवाही करें, माफी मांगे सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने टवीट कर कहा कि मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिस चावल का वितरण किया गया वो मनुष्य के खाने के योग्य नहीं था, यह केन्द्र सरकार के जाँच के उपरांत लिखे एक पत्र के माध्यम से सामने आया है। यह इंसानियत व मानवता को तार- तार करने वाला होकर एक आपराधिक कृत्य भी है।इसके दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो व सरकार इसके लिए प्रदेश की जनता से माफी माँगे।

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