हरदा में एक किसान सूरज द्वारा जहर पी लेने और आत्महत्या का प्रयास करने के मामले में कृषि मंत्री कमल पटेल के अफसरों से रिश्ते सामने आ गए हैं । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने ब्लैक लिस्टेड चोपड़ा सोसाइटी को वापस सर्वे सूची में लाने के लिए कलेक्टर पर दबाव बनाने पत्र लिखा था।
गुप्ता ने यह भी उजागर किया है कि जिस भ्रष्ट अधिकारी ने किसानों की प्रताड़ना की और किसान आत्मघात के लिए मजबूर हुए ,उस अधिकारी ने किसान के बाजू में खड़े होने के बावजूद उसे जहर पीने से नहीं रोका।ऐसे निर्दय अधिकारी के लिए भी कृषि कल्याण मंत्री कमल पटेल ने प्रशस्ति पत्र जारी किया था । गुप्ता ने कहा कि ब्लैक लिस्टेड चोपड़ा समिति को ब्लैक लिस्ट की सूची से बाहर करने के लिए 14 अप्रैल 2020 को कमल पटेल ने कलेक्टर हरदा को पत्र क्यों लिखा? उन्होंने जानना चाहा कि किसानों को प्रताड़ित करने के आरोपी असिस्टेंट रजिस्ट्रार अखिलेश चैहान को अगस्त 2020 में प्रशस्ति पत्र क्यों दिया?, मंत्री कमल पटेल बताएं कि चोपड़ा की समिति के वरिष्ठ प्रबंधक को बचाने में उनके क्या स्वार्थ जुड़े हुए हैं?, 100 से अधिक किसानों का चना का भुगतान बाकी क्यों है?
गुप्ता ने मांग की है कि कृषि कल्याण मंत्री कमल पटेल की आरोपियों के साथ सांठगांठ की किसान पुत्र मुख्यमंत्री जांच कराएं और ऐसे किसान विरोधी मंत्री को तत्काल बाहर का रास्ता दिखाएं।
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