मध्यप्रदेष के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चावल घोटाले की जांच को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह घोटाला केवल बालाघाट और मंडला दो जिलों तक सीमित नहीं है, यह कई जिलों तक फैला है। इसके तार ऊपर तक जुड़े हैं।
प्रदेष के मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान ने चावल घोटाले के सामने आने के बाद इसकी ईओडब्ल्यू से जांच के आदेश दिए हैं। वहीं कांग्रेस इस जांच से संतुश्ट नहीं है। कांग्रेस लगातार इस घोटाले को लेकर सरकार पर हमलावर है। आज फिर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसे लेकर षिवराज सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने टवीट कर कहा कि प्रदेश का चावल घोटाला सिर्फ बालाघाट व मंडला जिले तक ही सीमित नहीं है, यह कई जिलो तक फैला हुआ है और इसके तार ऊपर तक जुड़े हुए है। इसकी सीबीआई जांच हो और इसका जांच का दायरा भी दो जिलो से बढ़ाया जाए, दो जिलों तक ही इसकी जांच को सीमित कर इस घोटाले को दबाने का काम किया जा रहा है।
शिवराज सरकार में हक की आवाज उठाना जुर्म
पूर्व मुख्यमंत्री ने एक अन्य टवीट कर कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से मांग कर रहे बेरोजगार युवाओं पर किया गया लाठीचार्ज और उनकी गिरफ्तारी बता रही है कि प्रदेश में एक बार फिर तानाशाही व हिटलरशाही वाली सरकार लौट आयी है। शिवराज सरकार में अपने हक के लिए आवाज उठाना , मांग करना जुर्म है। अपने हक के लिए प्रदर्शन कर रहे किसानों के सीने पर गोलियां दागने वाली शिवराज सरकार में एक दिन पूर्व मंडी कर्मियों पर बर्बर लाठीचार्ज के बाद अब पुलिस भर्ती की मंाग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया जाना।
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