शुक्रवार, 31 जुलाई 2020

गृह मंत्री ने पहना मास्क,कांग्रेस ने कहा नाम बताएं 11 हजार किसे दें


मध्यप्रदेष के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के मास्क न पहनने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच दो दिन से मिश्रा ने मास्क लगाना ष्षुरु कर दिया है। गृह मंत्री के मास्क लगाने के बाद कांग्रेस ने पूछा है कि वह 11 हजार रुपए का ईनाम किसे दे, नाम बता दें।
प्रदेष में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को सार्वजनिक कार्यक्रमों, बैठकों के दौरान मास्क न लगाने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस ने 29 जुलाई को घोषणा की थी कि जो व्यक्ति गृह मंत्री को मास्क पहना देगा, कांग्रेस उसे 11 हजार रुपए का ईनाम देगी।  अब दो दिनों से मिश्रा को मास्क पहना देखकर प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने इनाम की राशि हम किसे दें, उसका नाम सार्वजनिक रुप से बता दिया जाए। सलूजा ने कहा कि यह देखने में लगातार आ रहा था कि आप नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और मास्क भी नहीं पहन रहे हैं। कांग्रेस ने आपसे अनुरोध किया था कि आप एक जिम्मेदार पद पर हैं और प्रदेश के गृह मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि आप ही यदि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के निर्देशों और केन्द्र के बनाए नियमों के पालन की अपील का मजाक उड़ाएंगे तो प्रदेश की जनता पर इसका अच्छा संदेश नहीं जाएगा और फिर आमजन पर आप किस अधिकार से नियमों के पालन नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई कर रहे हैं?

टिकाऊ तो भाजपा है, दिल्ली हो या फिर यहां

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के नारे पर कसा तंज

मध्यप्रदेष के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के नारे बिकाऊ नहीं टिकाउ चाहिए पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का यह नारा बिल्कुल सच कह रहा है, क्योंकि टिकाऊ तो सिर्फ भाजपा है। फिर वह केन्द्र हो या फिर यहां। कांग्रेसी तो चला ही नहीं पाते, मध्यप्रदेष हो या फिर राजस्थान।
गृह मंत्री ने यह बात आज मीडिया से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बिकाऊ नहीं, टिकाऊ चाहिए, फिर से कमलनाथ सरकार चाहिए का नारा दिया है। कांग्रेस का यह नया नारा बिल्कुल सच कह रहा है, क्योंकि टिकाऊ तो सिर्फ भाजपा ही है। कांग्रेसी तो चला ही नहीं पाते, चाहे मध्यप्रदेश हो या राजस्थान हो। टिकाऊ अगर कोई है तो भाजपा है, दिल्ली में भी टिकी है और यहां भी टिकी है। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी में हो रही नियुक्तियों को लेकर मिश्रा ने कांग्रेस पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कांग्रेस पार्टी का संगठन विश्व का सबसे बड़ा संगठन है जिसमे 3700 पदाधिकारी है। उन्होंने कहा अकेले दतिया विधानसभा में ही 5 10 प्रदेश के महामंत्री हैं एक विधानसभा क्षेत्र में।
दिग्विजय तो उम्रदराज व्यक्ति
गृह मंत्री मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय सिंह तो उम्रदराज व्यक्ति हैं, इसलिए टवीटर पर ही काफी हैं। उनके टवीट का असर भाजपा में तो नहीं, बल्कि अब तो उनकी अपनी पार्टी कांग्रेस में भी खत्म हो गया है।
तो कांग्रेस हाषिए पर जाएगी
कांग्रेस में राहुल गांधी को फिर से राश्टीय अध्यक्ष बनाए जाने की उठ रही मांग को लेकर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि क्या कांग्रेस का यही लोकतंत्र है कि एक परिवार के राजतन्त्र को बर्दाश्त करते रहें। गृहमंत्री ने कहा, जिस दिन कांग्रेस इससे बाहर निकलने की कोशिश करेगी तो कांग्रेस हाशिए पर जाएगी और इस परिवार के साथ रहने की कोशिश करेगी तो भी हाशिए  की तरफ जाएगी। उन्होंने कहा, कांग्रेस का डूबना लगभग तय है।

शासकीय कर्मचारी, अधिकारी दफतरों में नहीं पहन सकेंगे जीन्स, टी शर्ट


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की नाराजगी के बाद जारी हुए निर्देश


मध्यप्रदेष के ष्षासकीय कर्मचारी और अधिकारी जीन्स और टी शर्ट पहनकर दफ्तर नहीं जा सकेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज ंिसह चैहान ने इस आशय के निर्देश बीते दिनों वीडियो कांफे्रंसिंग के दौरान दिए थे।
राज्य के सरकारी कार्यालयों में पदस्थ सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे शालीन, औपचारिक एवं गरिमापूर्ण परिधान पहनकर कार्यालय में आएं। मुख्यमंत्री शिवराज ंिसह चैहान ने 20 जुलाई को इस आशय के निर्देश वीडियो कांफ्रंेसिंग के माध्यम से दिए थे।  वीडियो कांफे्रंसिंग के दौरान  मंदसौर जिले के वन मण्डलाधिकारी द्वारा अशालीन परिधान (टीशर्ट) पहनकर शामिल हुए थे। इस पर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने भी नाराजगी जताई थी। मुख्यमंत्री के निर्देषों का पालन करते हुए अब  ग्वालियर संभाग आयुक्त  एम बी ओझा ने संभाग के सभी संभागीय अधिकारियों एवं जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शासन के निर्देशानुसार आपके अधीनस्थ सभी शासकीय सेवकों को गरिमापूर्ण, शालीन एवं औपचारिक परिधान पहनकर शासकीय कार्यालय में दायित्व निर्वहन किए जाने हेतु पाबंद करना सुनिश्चित करें। निर्देशों की अवहेलना करते पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
संभाग आयुक्त ओझा ने संभाग के सभी संभागीय अधिकारियों एवं जिला कलेक्टरों को भेजे गए पत्र में निर्देश दिए हैं कि शासन के निर्देशानुसार सभी शासकीय कार्यालयों में शासकीय सेवक गरिमापूर्ण शालीन एवं औपचारिक परिधान पहनकर ही अपने दायित्वों का निर्वहन किए जाने हेतु पाबंद करना सुनिश्चित करें। निर्देशों की अवहेलना करते पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने हेतु सक्षम अधिकारी को प्रस्ताव भेजे जाएं।
अपर कलेक्टर भी पहने हुए थे फैटेड जीन्स
ग्वालियर संभागायुक्त ओझा ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि  उनके द्वारा अशोकनगर जिले के भ्रमण के दौरान अपर कलेक्टर जैसे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा बैठक में “फैटेड जीन्स” पहनकर उपस्थित होना उक्त कृत्य शासकीय सेवक के पद की गरिमा के विपरीत होकर अमर्यादित आचरण की ओर इंगित करता है, जो उचित नहीं है।

गुरुवार, 30 जुलाई 2020

अतिक्रमण हटाने गए अधिकारियों को देख महिला ने खुद को किया आग के हवाले


कमलनाथ ने कहा जांच कराकर दोषियों पर करें कार्रवाई

देवास जिले के सतवास में अतिक्रमण हटाने गए प्रशासनिक अमले का विरोध करते हुए महिला ने खुद को आग के हवाले कर दिया। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक ट्वीट कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जो खुद को मामा कहलवाते हैं, उनके राज में आज एक बहन खुद को आग के हवाले कर रही है। देवास जिले के सतवास में खड़ी फसल पर जेसीबी चलवाने का विरोध करते हुए एक बेबस महिला ने खुद को आग के हवाले कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं कि पूरे मामले की जांच करवाकर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो, घायल महिला का संपूर्ण इलाज सरकार कराए, पीड़ित परिवार की हर संभव मदद हो।
वहीं कांग्रेस के पूर्व प्रदेष अध्यक्ष अरुण यादव ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से सवाल किया है कि खड़ी फसल पर बुल्डोजर चलाना कहां का न्याय है।  घटना जहां प्रशासन ने किसान की खड़ी फसल पर जेसीबी चला दी,  जिसकी वजह से किसान की पत्नी ने आत्मघाती कदम उठाते हुए स्वयं को आग के हवाले कर दिया।  शिवराज सिंह खड़ी फसल पर जेसीबी चलाना कहां का न्याय है?
यह है घटना
देवास जिले के सतवास में अतिक्रमण हटाने प्रशासनिक अमला जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंची था। खेत में सोयाबीन की फसल लगी थी। प्रषासिनक अमले को देख महिला और उसके परिजन कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन जेसीबी फसल को उजाड़ने लगी। फसल नष्ट होते देख महिला ने पहले तो अपने ऊपर पेट्रोल डाला उसके बाद प्रशासन के सामने पहुंचकर माचिस की तीली से अपने आप को आग के हवाले कर दिया। वहीं इस मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि महिला और उसके परिजन अतिक्रमण हटाने गई प्रशासन की टीम पर पथराव किया था।महिला किसान ने आत्मदाह कर दबाव डालने की कोशिश की है। पथराव करने वाले 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

चीन में बारिश होती है तो राहुल हिन्दुस्तान में खोल लेते हैं छाता

राफेल राहुल गांधी की पीड़ाः नरोत्तम
मध्यप्रदेष के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस समाज को विभाजित करने की कोषिष करती है, जबकि भाजपा भाजपा को एकजुट और अखंड रखना चाहती है। राफेल राहुल गांधी की पीड़ा है, जिससे वे र्पीिड़त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चीन में बारिश होती है तो वे हिंदुस्तान में छाता खोल लेते हैं।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आज टवीट कर कहा कि कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा समाज को विभाजित करने की कोशिश की है और भाजपा भारत को एकजुट और अंखड रखना चाहती है। वन नेशन वन एजुकेशन उसी दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है।   मिश्रा ने कहा है कि राफेल की गर्जना पर पूरा देश गर्व कर रहा है। यह राहुल गांधी की पीड़ा है उससे वह पीड़ित हो जाते हैं। वे कम्युनिस्टों की विचारधारा से प्रेरित हैं। यदि चीन में बारिश होती है तो वे हिंदुस्तान में छाता खोल लेते हैं।
कोरोना को लेकर गंभीर है सरकार
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कोरोना को लेकर सरकार गंभीर है। किल कोरोना अभियान का लक्ष्य है कि भोपाल में कोरोना से संक्रमित एक-एक व्यक्ति की पहचान करने की है। इसलिए आज से भोपाल में रोजाना ढ़ाई हजार टेस्ट किए जाएंगे। प्रत्येक व्यक्ति को टेस्ट कर भोपाल को कोरोना मुक्त करें यही सरकार की मंशा है। सरकार कोरोना पर पूरी तरह गंभीर है और लगातार इस दिशा में काम कर रही है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में षामिल होने पर उनके द्वारा मास्क न लगाने को लेकर उन्होंने कहा कि  जब से लाकडाउन शुरू हुआ है तब से ही वे लगातार थ्री लेयर गमछे का इस्तेमाल कर रहे है। उन्होंने कहा कि वो कांग्रेस के नेताओं से प्रार्थना करते है कि वो कुछ रूपए गरीबों को बांट दें। उन्होंने कहा कि वो पूरी तरह से गाइड लाइन का पालन करने की कोशिश करते हैं, करते थे और करते रहेंगे। 

दिग्विजय के भाई ने कहा चुनाव में तांत्रिक बाबाओं का सहयोग ले रही पार्टी


मध्यप्रदेष के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और विधायक लक्ष्मण सिंह के बयान के बाद कांग्रेस में हड़कंप मच गया है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनाव में तांत्रिक बाबाओं की मदद लेने की बात कही है।
प्रदेष के चाचैड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक लक्ष्मण सिंह वैसे तो पार्टी गाइड लाइन से हटकर बयान देते हुए कई बार पार्टी पर सवाल खड़े करते रहे हैं। उन्होंने उपचुनाव से पहले  अब फिर एक बयान देकर पार्टी में हड़कंप मचा दिया है। लक्ष्मण सिंह ने टवीट कर कहा कि हम कांग्रेस के साथी, भाजपा, संघ की विचारधारा को निरंतर कोसते हैं, मैं भी उनकी विचार धारा से सहमत नहीं हूं, परंतु कांग्रेस की विचारधारा कहां लुप्त हो गई कि चुनाव में हमें तांत्रिक बाबाओं की मदद लेनी पड़ रही है ?
सिंह के इस टवीट ने प्रदेष कांग्रेस में उपचुनाव के पहले नया मुददा छेड़ दिया है। सिंह ने इस टवीट के साथ ही कांग्रेस के लिए मैदान में दिखाई दे रहे कम्प्यूटर बाबा और मिर्ची बाबा पर निशाना साधा है। कम्प्यूटर बाबा इन दिनों राज्य के उन सभी 27 विधानसभा क्षेत्रों में संविधान बचाओ यात्रा निकाल रहे हैं, जहां पर उपचुनाव होना है। वे जहां भी जा रहे हैं, वहां कांग्रेस की सरकार गिराने के लिए भाजपा को कोसते हुए कांग्रेस के पक्ष में मतदाता को लाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं मिर्ची बाबा भी इन दिनों चंबल अंचल की उपचुनाव वाली विधानसभा सीटों पर सक्रिय हैं वे भी कांग्रेस के पक्ष में काम कर रहे हैं।
लक्ष्मण सिंह का भाजपा ने किया समर्थन
कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह बयान का प्रदेष के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि विधायक लक्ष्मण सिंह ने ठीक कहा है कि उनकी पार्टी की विचारधारा लुप्त हो गई है। तभी तो कांग्रेस सुप्त हो गई है। इसीलिए वह लगातार हासिए पर  जा रही है।

बुधवार, 29 जुलाई 2020

सरकार और संगठन पर कोरोना का कहर


दो मंत्री, संगठन महामंत्री, संगठन मंत्री और विधायक हुए कोरोना संक्रमित

मध्यप्रदेष के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के बाद अब राज्य के दो मंत्री और प्रदेष भाजपा के संगठन महामंत्री भी कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद भाजपा संगठन में हड़कंप मच गया है। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सरकार के अब तक तीन मंत्रियों की कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट आई है।
मध्यप्रदेष सरकार और भाजपा संगठन कोरोना की चपेट में आ गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान और सहकारिता मंत्री अरविंद भदोरिया के बाद अब राज्य के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट एवं उनकी पत्नी और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक राज्य मंत्री रामखेलावन पटेल भी संक्रमित हो गए हैं। पटेल का डायवर भी कोरोना संक्रमित हुआ है। इसके अलावा भाजपा संगठन महामंत्री सुहास भगत के अलावा संगठन मंत्री आषुतोश तिवारी भी कोरोना संक्रमित हुए है। वहीं विधायक रघुराज सिंह कंसाना और विधायक गिरीष गौतम की पत्नी की भी कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट आई है।   सरकार के मुखिया सहित दो मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों एवं विधायकों के कोरोना की चपेट में आने के बाद अब दूसरे मंत्रियों की चिंता और बढ़ गई है। स्वास्थ्य मंत्री डा प्रभुराम चौधरी ने फिर अपनी कोरोना पाजिटिव जांच कराई है।
ये भी हो चुके हैं कोरोना संक्रमित
प्रदेष के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान दो मंत्रियों अरविंद भदौरिया, रामखेलावन पटेल के पहले राज्य के  टीकमगढ़ से विधायक राकेश गिरी, सिरमौर से विधायक दिव्यराज सिंह, जावद से विधायक ओमप्रकाश सिंह, कालापीपल से कांग्रेस विधायक कुणाल चैधरी, धार से विधायक नीना वर्मा और उनके पति पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा, जबलपुर पूर्व से कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया, और कांग्रेस नेता प्रेमचंद गुड्डू, कांग्रेस नेता यादवेंद्र सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी मां माधवी राजे सिंधिया कोरोना संक्रमित हो चुकी हैं।

कांग्रेस प्रमुख को चिट्ठी लिखें दिग्विजय


जवाब नहीं मिले तो भाजपा करेगी मार्गदर्शन
दल बदल कानून को लेकर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा राश्टपति को चिट्ठी लिखे जाने पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को कांग्रेस प्रमुख को चिट्ठी लिखना चाहिए, अगर वहां से कोई जवाब नहीं मिला तो भाजपा उनका मार्गदर्शन करेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दल बदल कानून को लेकर राश्टपति और भाजपा नेताओं को चिट्ठी लिखे जाने को लेकर राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सिंह पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को चिट्ठी लिखने के बजाय उन्हें अपनी ही पार्टी की मुखिया को चिट्ठी लिखनी चाहिए।  सिंह पहले अपनी पार्टी की समीक्षा करें कि वहां पर कितनी गड़बड़ है। जवाब न मिले तो भाजपा को याद करें, हम उनका मार्गदर्शन करेंगे। मिश्रा ने कहा कि दल बदल पर कांग्रेस अध्यक्ष बेहतर जवाब दे पाएंगी, देश में सर्वाधिक लोगों को दल बदल कांग्रेस सरकारों ने ही करवाया है, इसकी सूची उन्हें देना चाहिए। सर्वाधिक सरकारें दल बदल करवाकर कांग्रेस ने ही गिराई है। इसलिए कांग्रेस नेताओं को इस मामले में बीजेपी से सवाल पूछने का कोई हक नहीं है।
राफेल आने से तीन जगह मायूसी
गृह मंत्री ने कहा कि  हिंदुस्तान का आसमान राफेल की गर्जना से गूंजेगा और देश का सम्मान बढ़ेगा, लेकिन राफेल के आने से तीन जगह मायूसी छाएगी। पाकिस्तान, चीन और जो लोग सुबह से ही ट्वीट करने में लग जाते हैं। मिश्रा का इशारा दिग्विजय सिंह की ओर था। गौरतलब है कि दिग्विजय ंिसह ने राफेल को लेकर टवीट कर कहा था कि  अब तो राफेल की कीमत सरकार को बतानी चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने यह लिखा पत्र में
 मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है। सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि दल-बदल के दलदल से बचाएं रखने के लिए जरूरी है कि 1985 और 2003 में हुए संविधान संशोधन में बदलाव किया जाए। दिग्विजय सिंह ने लोकतांत्रिक परंपराओं को जीवंत रखने के लिए दल-बदल के मामलों में सख्त कानून बनाए जाकर ऐसे दलबदलू जन प्रतिनिधियों को 6 साल के लिए किसी भी तरह के चुनाव लड़ने से रोक लगाने का अनुरोध किया है। अपने पत्र में मध्य प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड, अरुणाचल, गोवा राज्यों का जिक्र किया है. दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि दलबदल की आग से झुलसने वाले राज्यों में यह सभी राज्य शामिल हैं, जो हमारे सामने दल-बदल मामले के सबसे ज्वलंत उदाहरण हैं, जिस पर नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है।

पूर्व मंत्री ने निजी मेडिकल कालेजों में कोरोना के इलाज पर उठाए सवाल



लंबे समय से अपनी सरकार और संगठन से नाराज चल रहे राज्य के पूर्व मंत्री अजय विष्नोई ने आज फिर टवीट कर निजी मेडिकल कालेजों में चल रहे कोरोना के इलाज पर सवाल उठाया है। वहीं कांग्रेस ने पूर्व मंत्री का समर्थन किया है।
राज्य में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों के भाजपा में ष्षामिल होने और मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थकों को ष्षामिल किए जाने को लेकर पूर्व मंत्री अजय विष्नाई खासे नाराज रहे। वे इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिखकर और संगठन नेताओं से चर्चा कर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। अब उन्होंने आज एक टवीट किया है, जिसके बार उनकी नाराजगी एक बार फिर सामने आई है। आज विष्नाई ने एक टवीट कर चिरायु अस्पताल में मुख्यमंत्री शिवराज और वीआईपी लोगों के इलाज कराए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान चिरायु अस्पताल में स्वास्थ्य का लाभ कर रहे हैं। मेरी शुभकामना है, शीघ्र स्वस्थ होकर वापस लौटें। साथ ही मुख्यमंत्री से अनुरोध है, चिरायु अस्पताल में रहते हुए यह भी देखें कि चिरायु में ऐसा क्या है जो हम नो लिमिट बजट और सतत मानिटरिंग के बाद भी प्रदेश के एक भी शासकीय मेडिकल कालेज 4 माह में नहीं बना पाए। क्यों प्रदेश के सभी वीआईपी चिरायु की शरण में जाने मजबूर हैं।
कांग्रेस ने किया समर्थन
अजय विष्नोई के इस टवीट का कांग्रेस ने समर्थन किया है। कांग्रेस के प्रदेष अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने अजय विश्रोई के सवालों को सही बताते हुए कहा कि ‘पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने ठीक सवाल उठाया है। क्या कारण है कि मुख्यमंत्री सहित सारे वीआईपी चिरायु में इलाज करवा रहे है, आखिर वहां ऐसा क्या है? क्या कारण है कि 15 वर्ष की भाजपा सरकार में एक भी ऐसा शासकीय अस्पताल नहीं बना, कोरोना से इलाज के लिये एक भी शासकीय मेडिकल अस्पताल तैयार नहीं हुआ?

मंगलवार, 28 जुलाई 2020

कमलनाथ, दिग्विजय को अभी से वानप्रस्थ भेजने का मन बना लिया युवा नेताओं ने


  युवा नेताओं में पद की चाहत भाजपा हुई हमलावर


मध्यप्रदेष कांग्रेस में इन दिनों युवा नेताओं द्वारा पद की चाहत को लेकर बयानबाजी और पोस्टरवार तक चल रहा है। इसे लेकर अब भाजपा कांग्रेस पर हमलावर हो गई है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर हमले तेज कर दिए है। इस क्रम में राज्य के नगरीय निकाय मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस के युवा नेताआंे ने चुनाव से पहले ही वरिष्ठ नेताओं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को वानप्रस्थ में भेजना ष्षुरु कर दिया है।
मध्यप्रदेष में उपचुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं ने अपने चहेते युवा नेताओं को अभी से मुख्यमंत्री घोश्ति करना ष्षुरु कर दिया है। पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह के पोस्टर सामने आए। इसके बाद पूर्व मंत्री जीतू पटवारी का एक पोस्टर सामने आया जिसमें लिखा था कि ना राजा, ना व्यापारी, कह रहे जीतू पटवारी। पटवारी समर्थकों द्वारा लगाए गए इस पोस्टर के बाद राजनीति गर्मा गई।
राज्य के नगरीय निकाय मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने आज इसे लेकर कांग्रेस पर तंज कसा है। उन्होंने टवीट कर कहा कि  जयवर्धन के समर्थक उनको भावी मुख्यमंत्री बना चुके हैं. इसके बाद  नकुलनाथ को पिता का आदेश है कि प्रदेश संभालो. ना राजा, ना व्यापारी...कह रहे हैं जीतू पटवारी। क्या युवा कांग्रेसियांे ने चुनाव के पहले ही कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को वानप्रस्थ में भेजने का मन बना लिया है।
न राजा, पटवारी अबकी बार जनता की बारी
 न राजा न व्यापारी, अबकी बार जीतू पटवारी. इस नारे पर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि, न राजा न पटवारी अबकी बार जनता की बारी।  मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस फिलहाल संक्रमण से जूझ रही है। जहां नेता सिर्फ अपना दबदबा बनाने में जुटे हैं। कुछ दिनों पहले जयवर्धन सिंह के भावी मुख्यमंत्री के पोस्टर लगे थे। नकुलनाथ युवाओं का नेतृत्व करने की बात कह चुके हैं। जीतू पटवारी पहले से ही लाइन में हैं, इसलिए ये कांग्रेस को सोचना है कि उनका नेता कौन है।


भाजपा की अंतर्कलह दूर करेंगे रघुनंदन शर्मा


 असंतुष्ट  नेताओं का नेतृत्व कर नाराजगी दूर करेंगे

मध्यप्रदेष भाजपा में असंतुष्ट नेताओं का नेतृत्व अब वरिष्ठ नेता रघुनंदन ष्षर्मा करेंगे। शर्माइन नेताओं की नाराजगी दूर करने के लिए सरकार और संगठन से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी में आए दूसरे दलों के नेताओं को पद देना अनुचित है।
मध्यप्रदेष भाजपा में उपचुनाव के पहले एक बार फिर असंतुष्ट नेता भाजपा के लिए परेशानी बन रहे है। इन नेताओं ने अब पूर्व सांसद और वरिष्ठ  नेता रघुनंदन षर्मा के नेतृत्व में संगठन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपनी बात रखने का फैसला लिया है। इसके चलते आज वीडियो कालिंग के जरिए रघुनंदन शर्मासे राज्य के पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा और दीपक जोषी के अलावा कुछ अन्य नेताओं ने बातचीत भी की। असंतुष्ट नेताओं की एक दौर की बातचीत 9 अगस्त होने की संभावना बताई जा रही है। इस बातचीत के बाद शर्माके नेतृत्व में असंतुष्ट नेता अपनी बात संगठन तक पहुंचाएंगे। आज हुई चर्चा में असंतुश्ट नेताओं से शर्माको साफ कहा कि दूसरे दलों के नेताओं को सरकार और संगठन में पद मिल रहे हैं, जबकि लंबे समय से पार्टी से जुड़े नेताओं की अनदेखी की जा रही है।
असंतुष्ट नेताओं से हुई बातचीत के बाद शर्माने कहा कि पार्टी में इन दिनों संवादहीनता का दौर चल रहा है। इसके चलते कई वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी की जा रही है, जो अनुचित है। संवादहीनता के कारण पहले मंत्रिमंडल विस्तार मंे देरी हुई और फिर मंत्रियों के बीच कार्यविभाजन करने में भी लंबी जददोजहद करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के पहले यह संवादहीनता को दूर करना होगा, नाराज चल रहे नेताओं को सक्रिय करना होगा।
विधायकी छोड़कर आने वालों को पद देना गलत
भाजपा में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों के आने के बाद से अंतर्कलह उपजी है, जो अब तक थम नहीं रही है। इसके बाद कुछ और विधायक, विधायकी छोड़कर भाजपा में ष्षामिल हुए जिन्हें पद दिया जा रहा है। इसके असंतुष्ट नेताओं की नाराजगी और भी बढ़ गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्माने कहा कि जिन लोगों ने मंत्री पद छोड़ा उन्हें मंत्री बनाना तो सही है, मगर विधायकी छोड़कर जो भाजपा में ष्षामिल हो रहे हैं, उन्हें पद दिया जाना उचित नहीं है। पार्टी के वरिश्ठ नेताओं की अनेदेखी होगी तो संगठन में नाराजगी बढ़ेगी। 

सोमवार, 27 जुलाई 2020

स्कूल शिक्षा मंत्री हुए होम क्वारंटाइन


मध्यप्रदेष के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी होम क्वारंटाइन हो गए हैं। हालांकि परमार की कोरोना रिपोर्ट निकेटिव आई है, मगर आज उनके निज सचिव पाजिटिव पाए गए हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद राज्य के अधिकांष मंत्री क्वारंटाइन हो गए हैं। कुछ मंत्री कोरोना रिपोर्ट निकेटिव आने के बाद कामकाज संभाले हुए थे, मगर आज राज्य के स्कूल षिक्षा मंत्री इंदर सिंह  परमार भी क्वारंटाइन हो गए। बताया जाता है कि आज आई रिपोर्ट में उनके निज सचिव कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद उन्होंने क्वारंटाइन होने का फैसला लिया। हालांकि परमार ने मुख्यमंत्री के कोरोना पाजिटिव होने के बाद अपना टेस्ट कराया था, मगर उनकी रिपोर्ट निकेटिव आई थी।  
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के कोरोना पाजिटिव आने के बाद आधा दर्जन भाजपा विधायक, मंत्री और सांसद होम क्वारंटाइन हो चुके हैं। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, कृषि मंत्री कमल पटेल, मंत्री हरदीप सिंह डंग, मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, मंत्री उषा ठाकुर, रामकिशोर कांवरे, विधायक मालिनी गौड़, उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया होम पहले से ही क्वारंटाइन हैं।
विधायक हुए कोरोना संक्रमित
होषंगाबाद जिले की पिपरिया विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक ठाकुरदास नागवंषी भी कोरोना पाजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने उनके संपर्क में आने वालों से कोरोना टेस्ट कराने की अपील की है।बताया जाता है कि विधायक भी मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान से मिले थे, इसके अलावा वे भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठकों में भी  षामिल हुए थे।

नकुल युवाओं, कमलनाथ बुर्जुगों का करेंगे नेतृत्व, बाकी कांग्रेस होगी अनाथ


नकुल नाथ के वायरल वीडियो पर गर्माई सियासत

छिंदवाड़ा से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ के बेटे युवाओं का नेतृत्व करने के बयान पर सियासत गर्मा गई है। उनके इस बयान पर राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसा है कि युवाओं का नेतृत्व नकुलनाथ करेंगे और बुजुर्गों का नेतृत्व कमलनाथ करेंगे, बाकी कांग्रेस अनाथ होगी।
 छिंदवाड़ा से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को कांग्रेस उपचुनाव में युवाओं का चेहरा बनाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस की इस रणनीति को लेकर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि युवाओं का नेतृत्व नकुलनाथ करेंगे और बुजुर्गों का नेतृत्व कमलनाथ करेंगे, बाकी कांग्रेस अनाथ होगी। उन्होंने कहा कि कंागे्रस परिवारवाद की राजनीति में संलिप्त रही है। प्रदेष में भी कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर खींचतान साफ नजर आ रही है।
गृह मंत्री के इस बयान पर कांग्रेस विधायक कुणाल चैधरी ने पलटवार करते हुए कहा कि गृह मंत्री प्रदेष की बिगड़ रही कानून व्यवस्था पर ध्यान दें, कांग्रेस की चिंता न करें। उन्होंने कहा कि मंत्री अपराधियों पर लगाम लगाने की फिक्र करते तो ज्यादा अच्छा होता। उन्होंने कहा कि सांसद नकुलनाथ युवा सांसद हैं, वे ही प्रदेष के युवाओं का नेतृत्व करेंगे।
वायरल वीडियो में यह कहते नजर आए नकुलनाथ
सोषल मीडिया पर सांसद नकुलनाथ का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो मंे वे यह कहते नजर आ रहे हैं कि आने वाले उपचुनाव में युवाओं का नेतृत्व मैं करूंगा। पिछले मंत्रिमंडल में हमारे जो युवा मंत्री थे जैसे जीतू पटवारी, जयवर्द्धन सिंह, सचिन यादव, ओमकार मरकाम, ये सब अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले उपचुनाव में युवाओं का नेतृत्व मेरे साथ करेंगे। इस वीडियो के वायरल होते ही प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। इस वीडियो के बाद नेतृत्व को लेकर कांग्रेस में दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के पुत्रों के समर्थक गोलबंदी की धार पैनी करने में जुटे हैं।
नकुल ने दिया नरोत्तम को जवाब
छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ ने भी आज राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने टवीट कर कहा कि अनाथ प्रदेष को नाथ चाहिए, कमल नहीं कमलनाथ चाहिए। उन्होंने एक अन्य टवीट में कहा कि कारोना को डरोना कहने वालो के कारण पूरा प्रदेश इसकी चपेट में है। कांग्रेस सरकार गिराने के लिए महामारी को कुछ न समझने वाले आज जनता को जवाब दें कि उनके लिए सत्ता जरूरी है या प्रदेश की भलाई? जब खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री सुरक्षित नहीं हैं तो क्या प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता सुरक्षित है?

मुख्यमंत्री की दूसरी रिपोर्ट भी आई पाजिटिव


उमा की रिपोर्ट आई निकेटिव, राजधानी मेें मिले 177 पाजिटिव मरीज

 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना का संक्रमण अब गली-मोहल्ले तक पहुंच गया है। पाश क्षेत्र हो या फिर सकरी गलियां कोरोना के मरीज मिल ही रहे है। शहर में अब ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहां कोरोना का मरीज ना मिला हो। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की एक और कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं आज फिर 177 संदिग्ध मरीजों की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की दूसरी रिपोर्ट भी कोरोना पाजिटिव आई है।  हालांकि, उनके अब तक किए गए सभी टेस्ट की रिपोर्ट सामान्य है। उन्होंने रविवार को अस्पताल से ही कोरोना समेत अन्य विभागों के अधिकारियों और मंत्रियों से चर्चा की। राजधानी भोपाल में 10 दिन का टोटल लाकडाउन है।  अधिकारिक जानकारी के अनुसार कोविड प्रोटोकाल के अनुसार किसी के भी पाजिटिव आने पर 7 दिन बाद नया सैंपल लेकर जांच की जाती है, जो 5 दिन बाद लिया जाएगा। इसी तरह राजधानी के आठ अन्य लोगों की कोरोना रिपोर्ट दोबारा पाजिटिव आई है।
उमा भारती ने भी कराई जांच, निकेटिव आई रिपोर्ट
मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान के कोरोना पाजिटिव होने के बाद प्रदेष की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी अपनी जांच कराई थी। वे 22 जुलाई को मुख्यमंत्री षिवराज सिंह से मिली थी। इसकी जानकारी आज उन्होंने टवीट कर दी। मैं भी 22 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास, श्यामला हिल्स गई थी तथा मैंने मुख्यमंत्री  एवं उनके परिजनों के साथ मुलाकात की थी। कल मैंने अपना कोरोना टेस्ट करवा लिया था तथा आज मेरे कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अब मैं इंतजार कर रही हूं मेरे भैया षिवराज सिंह चैहान अस्पताल से जल्दी घर पहुंचे और में उनका वहां स्वागत करुं।
गांधी मेडिकल कालेज के दो डाक्टरों को रिपोर्ट आई पाजिटिव
राजधानी में आज सोमवार को फिर सौ से ज्यादा मरीज कोरोना पाजिटिव मिले है। आज 177 मरीजों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। इनमें गांधी मेडिकल कालेज के दो डाक्टर सहित दो अन्य कर्मचारी, बैरागढ में न्यू सिंधु समाज स्घ्कूल में क्वारंटाइन किए गए एक ही परिवार के चार लोग, एमराल्ड पार्क सिटी में रहने वाले एक ही परिवार के पांच लोगों की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई है। इसके अलावा राज्य ओपन बोर्ड के एक कर्मचारी की रिपोर्ट भी पाजिटिव आई है। इंद्रपुरी के वंदना हास्टल में रहने वाली एक 25 वर्षीय छात्रा की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। वहीं प्रोफेसर कॉलोनी स्थित चिरायु मेडिकल कॉलेज के संचालक अजय गोयनका के परिवार में एक अन्य कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है। भोपाल में कोरोना संक्रमितों की संख्या 5720 हो गई है। रविवार को 4 लोगों की कोरोना से मौत भी हुई।

रविवार, 26 जुलाई 2020

सिंधिया भ्रष्टाचार बताएं, वरना जनता से माफी मांगें


दिग्विजय ने दी सिंधिया को खुली चुनौती


मध्यप्रदेष में उपचुनाव से पहले कांग्रेस लगातार ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेर रही है। कांग्रेस के अधिकांश नेता सिंधिया के बयानों को लेकर उन्हें लगातार घेरते रहे हैं, इसी कड़ी में आज पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी सिंधिया द्वारा कमलनाथ सरकार पर लगाए गए भ्रश्टाचार के आरोपों को लेकर घेरते हुए उन्हें खुली चुनौती दी है कि वे भ्रष्टाचार बताएं, वरना जनता से माफी मांग लें।
प्रदेष में 27 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने है। हालांकि अभी चुनाव आयोग ने इसके लिए तारीख की घोषणा नहीं की है, मगर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल इसकी तैयारियों में जुटे है। इसके चलते दोनों ही दलों के नेता बयानबाजी कर एक दूसरे पर आरोप लगाने से भी नहीं बच रहे। कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थक लगातार कमलनाथ सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं, उनके द्वारा लगाए जा रहे इन आरोपों का जवाब भी कांग्रेस नेता देते रहे है, मगर अब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ंिसह ने इन आरोपों को लेकर सिंधिया को घेरते हुए खुली चुनौती दे डाली है। कमलनाथ सरकार के समर्थन मंे उतरे दिग्विजय ने सोषल मीडिया पर टवीट कर कहा कि सिंधिया कहते हैं “पिछली सरकार में भ्रष्टाचार हुआ”। उन्हें खुली चुनौती है, इन विभागों का एक भ्रष्टाचार बताएं, वर्ना जनता से क्षमा मांगे। दिग्विजय सिंह ने जिन विभगों का उल्लेख किया है उनमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, परिवहन, श्रम, स्कूली शिक्षा,  राजस्व, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग है।
गौरतलब है कि ये सभी विभाग कमलनाथ सरकार में सिंधिया समर्थकों के पास थे। ये समर्थक भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए। इसके बाद  कमलनाथ सरकार गिर गई थी। भाजपा में ष्षामिल होने के बाद से सिंधिया लगातार कमलनाथ सरकार पर भ्रश्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, इन आरोपों को लेकर अब दिग्विजय सिंह ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला है।

मुख्यमंत्री ने सुनी मन की बात, कांग्रेस ने उठाए सवाल


बिना मास्क लगाए अस्पताल में बैठे हैं शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने आज अस्पताल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नियमित रेडियो कार्यक्रम मन की बात को सुना। मुख्यमंत्री द्वारा इसका वीडियो भी टवीटर पर साझा किया गया, जिसे लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि हर संक्रमित व्यक्ति को मास्क लगाना अनिवार्य है, मगर मुख्यमंत्री वीडियो में बिना मास्क लगाए दिखाई दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को टीवी की माध्यम से सुना। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान यह जानकारी टवीट के जरिए साझा की। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हम सभी देशवासियों से मन की बात के माध्यम से अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। आज कारगिल विजय दिवस है। हमारे बीर सैनिक, जिनका हौसला दुनिया के सबसे ऊंचे पहाड़ों से भी ऊंचा है, देश उन्हें प्रणाम करता है और उनका सदैव ऋणी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने अगले ट्वीट में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमें आत्मनिर्भर भारत क निर्माण का मंत्र दिया है, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। हम वोकल फॉर लोकल होकर स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा दे रहे हैं, साथ ही निरंतर रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री, आपके कुशल नेतृत्व में पूरा देश कोरोना के विरुद्ध लड़ाई लड़ रहा है। देश के साथ प्रदेश की हमारी स्वसहायता समूह की बहनों ने भी आपदा में अवसर देखा। मास्क, पीपीई किट और सैनिटाइजर बनाकर स्वयं के साथ प्रदेश व देश की भी भरपूर मदद की। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान कोरोना संक्रमित हो गए हैं और शनिवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें भोपाल के कोविड डेडिकेडेड चिरायु अस्पताल में भर्ती किया गया है।
नंबर बढ़वाना रहने दीजिए, कराईए इलाज
मुख्यमंत्री का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर निषाना साधा है। प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने ट्वीट कर लिखा है कि शिवराज सिंह ,आप कोरोना संक्रमित हैं, जहां तक हमारी जानकारी है कि हर संक्रमित व्यक्ति को हमेशा मास्क लगाना अनिवार्य रहता है,जबकि आपका मास्क गायब है. शायद इसलिए कि आप अपना वीडियो बनवा रहे हैं. नरेंद्र सलूजा ने आगे लिखा है कि मोदी के वहां नंबर बढ़ाने में आप हमेशा लगे रहते हैं, अभी अस्पताल में रहने दीजिए और इलाज करवाइए।

हनुमान चालीसा पर सियासत


मध्यप्रदेष में अब हनुमान चालीसा को लेकर सियासत गर्मा गई है। राजधानी की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने लोगों से अपील की है कि पांच बार हनुमान चालीस का पाठ करें तो कोरोना गायब हो जाएगा। सांसद की इस अपील पर कांग्रेस ने तंज किया कि हनुमान चालीसा में हम सब की आस्था है, सांसद 4 महीने से गायब है, गरीबों को राषन दिलवाएं।
अपने बयानों को लेकर चर्चा में रही सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर  का नया बयान अब चर्चा में आया है, इसे लेकर कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी ष्षर्मा ने उन पर निशाना साधा है। सांसद प्रज्ञा सिंह ने लोगों से अपील की कि 5 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें, कोरोना समाप्त होगा। सांसद ने टवीट कर कहा कि “आइए हम सब मिलकर कोरोना महामारी को समाप्त करने के लिए लोगों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए एक आध्यात्मिक प्रयास करें। 5 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 7 बजे अपने घरों में हनुमान चालीसा का 5 बार पाठ करें। 5 अगस्त को अनुष्ठान का रामलला की आरती के साथ घरों में दीप जलाकर समापन करें।” सांसद ने एक वीडियो भी ष्षेयर कर कहा कि  कहा, “जब लोग, देशभर में हिंदू एक स्वर में ‘हनुमान चालीस’ का पाठ करेंगे तो यह निश्चित रूप से काम करेगा और हम कोरोना वायरस से मुक्त होंगे। ये भगवान राम से आपकी प्रार्थना होगी।”
फिर बनेगी कांग्रेस की सरकार
सांसद की इस अपील पर राज्य के पूर्व मंत्री पीसी ष्षर्मा ने कहा कि सांसद पिछले 4 माह से गायब हैं, हर गरीब को पहले तो वे 35 किलो राषन दिलवाएं। हनुमान चालीसा में हम सब की आस्था है।षर्मा ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना को रोक पाने में असफल रही है। ष्षर्म ने दावा किया कि राज्य में फिर बनेगी कांग्रेस की सरकार। उन्होंने कहा कि राजस्थान की सरकार के संकट को लेकर प्रदेष में कांग्रेस प्रदर्शन करेगी।
बचाव में उतरे सारंग
चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा के ट्वीट को सही ठहराया है। सारंग ने कहा कि हर संकट का निवारण हनुमानजी हैं, उनके बयान में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने इलाज करने का मना नहीं किया है।

शनिवार, 25 जुलाई 2020

कांग्रेस, विधायकों को आज जाने की जिद न करो, गाना सुनाए


गृह मंत्री नरोत्तम ने दिया दिग्विजय को जवाब


मध्यप्रदेष में कंाग्रेस विधायकों द्वारा विधायकी छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेने को लेकर राजनीतिक पारा चरम पर है। इसे लेकर राजनेताओं के बीच लगातार टवीटरवार चल रहा है। अब राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तंज टवीट कर कहा कि कांग्रेस अपने विधायकों को एक साथ बैठाकर आज जाने की जिद न करो, यूं ही पहलू में बैठे रहो। गाना सुनाए तो ष्षायद विधायक रुक जाएं।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आज पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के द्वारा किए गए टवीटों को लेकर पलटवार किया है। उन्होंने आज ष्षायराना  अंदाज में टवीट कर जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस से  मेरी एक नेक सलाह है कि इसके नेता अपने विधायकों को एक साथ बैठाकर ये गाना सुनाएं कि.. आज जाने की जिद न करो, यूं ही पहलू में बैठे रहो। शायद ये गाना सुनकर भागम भाग रुक जाए। दरअसल  कांग्रेस का कुनबा खुद इसके नेतृत्व की नाकामी से बिखर रहा है। एक अन्य टवीट में उन्होंने दिग्विजय सिंह को जवाब दिया कि इनके लफ्जों के जहर से बचना लोगों, सांप भी इनसे उधार लेते हैं। कुछ लोगों की आदत हो गई है. इनके एक शब्द, एक ट्वीट, कोई बता दे जिसमें समाजहित की बात हो..जब भी उगलते हैं आग ही उगलते हैं। इसीलिए पहले पार्टी से, फिर जनता से दरकिनार हुए और अब ट्विटर भी दरकिनार कर रहा है।
दिग्विजय ने कहा था लाकडाउन में विधायकों की आपूर्ति रहेगी जारी
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज दो टवीट कर लाकडाउन के दौरान कांग्रेस विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर भाजपा पर तंज कसा था। उन्होंने टवीट कर कहा था कि वैसे तो भोपाल लाक डाउन रहेगा, लेकिन आवश्यक वस्तु अधिनियम में विधायकों कि आपूर्ति  जारी रहेगी। सिंह ने एक और अन्य टवीट में कहा था कि मैं- विधि द्वारा स्थापित की शपथ लेता लेती हूँ कि जब तक में अपने जमींर को सिद्धांत को स्वाभिमान को मतदाताओं के जन मत को नही बेच दूँगा दूँगी तब तक चैन कि नींद नही लूँगा, लूँगी । मैं- खाऊंगा भी और खिलाऊंगा भी क्योंकि घर द्वार आती लक्ष्मीजी को में कैसे मना कर सकता हूं। 

जब हम गंभीर थे, तब आप कोरोना को डोरोना बताते थे


प्रदेष के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट आने के बाद एक ओर जहां नेताओं द्वारा उनके ष्षीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। वहीं राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों  कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने उनके जल्द स्वस्थ होने के साथ ही उनके कोरोना पाजिटिव होने का कारण बताते हुए उन पर तंज भी कसा है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने टवीट कर कहा कि आपके कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिलने पर काफी दुःख हुआ। ईश्वर से आपके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। बस अफसोस इस बात का है कि जब हम कोरोना को लेकर गंभीर थे, तब आप कोरोना को कभी नाटक बताते थे , कभी डरोना बताते थे, कभी सत्ता बचाने का हथियार बताते थे।  उन्होंने लिखा है कि कभी हम पर कुछ आरोप लगाते थे, कभी कुछ कहते थे, कभी कुछ। हम शुरू से कहते थे कि यह एक गंभीर बीमारी है, इससे संभलकर रहने की आवश्यकता है,सावधान रहने की आवश्यकता है, इसके प्रोटोकाल के पालन की आवश्यकता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा कि शायद आप भी इससे संभल कर रहते ,प्रोटोकाल, गाइडलाइन व सावधानी का पूरा पालन करते , इसको मजाक में नहीं लेते तो शायद आप इससे आज बचे रहते। खैर कोई बात नहीं , आप जल्द स्वस्थ होकर वापस काम पर लौटेंगे, ऐसी ईश्वर से प्रार्थना है व पूर्ण विश्वास है।
आप पर कैसे कुछ हो सकता है
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान के कोरोना पाजिटिव पाए जाने के बाद सभी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक ट्वीट कर कहा किए शिवराज सिंह चैहान ने सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं रखा, इसलिए उनको कोरोना वायरस का संक्रमण हुआ। सिंह ने लिखा है कि, मुझ पर तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने का आरोप लगाते हुए भोपाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी थी, लेकिन आप पर कैसे कुछ हो सकता है। अपना ख्याल रखें और जल्द स्वस्थ हो जाएं। आपको सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखना चाहिए था. लेकिन आपने ऐसा नहीं किया है। इसलिए शायद आप कोरोना की जद में आ गए।

मध्यप्रदेश की राजनीति में बढ़ रहा कोरोना का खौफ



मध्यप्रदेश की राजनीति में कोरोना का खौफ बढ़ता जा रहा है। अब तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित मंत्री, विधायक, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद भी इससे पीड़ित हो चुके है। कई अधिकारियों की भी कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट आ चुकी है। 

राज्य में कोरोना के कहर के ष्षुरुआती दौर में स्वास्थ्य विभाग और फिर पुलिस महकमें में इसका खौफ दिखाई दिया। इसके बाद राजनेता इसके आगोश में आते गए। प्रदेष के मुख्यमंत्री शिवराज ंिसह चौहान के अलावा अब तक राज्य में  राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां माधवी राजे,  सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया,  वरिष्ठ भाजपा नेता विक्रम वर्मा, भाजपा विधायक और विक्रम वर्मा की पत्नी नीना वर्मा, मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक , पूर्व सांसद प्रेमचंद गुडडू, पूर्व मंत्री लखन घनघारिया, भाजपा विधायक राकेश गिरी, भाजपा विधायक   दिव्यराज सिंह, कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी,  पूर्व विधायक परशुराम मुदगल, पूर्व विधायक जीतेन्द्र डागा भीष्षामिल है।  इनके अलावा आईएएस जे विजय कुमार, पल्लवी जैन गोविल, स्वाती मीना,  गिरीश शर्मा, डीएसपी सीआईडी प्रेम प्रकाश शर्मा भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।

शुक्रवार, 24 जुलाई 2020

बकरीद पर लाकडाउन, सीयासी पारा चढ़ा


नरोत्तम ने कहा दिग्विजय लें संक्रमण रोकने की गारंटी, हम हटा लेंगे लाकडाउन

मध्यप्रदेष की राजधानी भोपाल में रक्षा बंधन और बकरीद पर लगाए गए लाकडाउन को लेकर सियासत तेज हो गइ्र है। कांग्रेस सहित मुस्लिम नेताओं ने इसका विरोध तेज कर दी है। वहीं कांग्रेस के विरोध पर राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह संक्रमण को रोकने की गारंटी लें तो हम लाकडाउन हटा लेंगे।
राजधानी में 10 दिन के लगाए जा रहे लाकडाउन को लेकर कंाग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी ष्षर्मा भी इसके समर्थन में सामने आए। अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ट्वीट करते हुए लिखा कि ईद पर कुर्बानी के लिए और रक्षाबंधन के त्योहार पर भाई बहन से मिलने के लिए भोपाल शहर में लॉकडाउन में छूट दी जानी चाहिए।
गारंटी दें संक्रमण हटा देंगे, हम लाक डाउन हटा देंगे
 गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कोरोना चक्र तोड़ने के लिए लॉक डाउन लगाना पढ़ता है। हमने प्रदेश के कई जगह लॉक डाउन लगाकर स्थिति को कंट्रोल किया है। हमारी सभी से प्रार्थना है सब लॉक डाउन में सहयोग करें। वहीं सभी से प्रार्थना करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सब लॉकडाउन में सहयोग करें। लॉकडाउन में भोपाल में आने और जाने के लिए ई पास बनेंगे। आगे कहा कि मेरी सभी बहनों से निवेदन है कि वे इस बार ई रखी बनाए। लाकडाउन को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा सवाल उठाए जाने पर मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के जो नेता लॉकडाउन पर सावल उठा रहे हैं वो गारंटी दें कि वो कोरोना रोक लेंगे। हम लॉकडाउन हटा देंगे। वहीं कांग्रेस विधायकों के भाजपा में शामिल होने पर कहा कि खेल की शुरुआत कांग्रेस ने की थी खत्म बीजेपी करेगी। दल बदल के जरिए ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव को कम करने के सवाल पर कहा कि  ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चैहान दोनों एक ही है। इसका गलत मतलब न निकाले।

तो भाजपा कार्यकर्ता सिर्फ दरियां बिछाएंगें


अरुण यादव ने कहा ऐसी ही टूटन जारी रही तो उपचुनाव में आमने सामने होंगे कांग्रेसी

मध्यप्रदेष में उपचुनाव के पहले कांग्रेस विधायकों के लगातार हो रहे इस्तीफे के बाद अब पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि खरीद फरोख्त का धंधा ऐसा ही चलता रहा तो उपचुनाव में दोनों ही ओर से कांगे्रस प्रत्याषी परस्पर मैदान में होंगे, भाजपा कार्यकर्ता केवल दरियां बिछाते रहेंगे।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने कांग्रेस विधायक नारायण पटेल द्वारा दिए इस्तीफे के बाद आज भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने टवीट कर कहा कि यदि खरीद फरोख्त का यह धंधा इसी प्रकार जारी रहा तो आगामी उपचुनाव में दोनों ओर से कांग्रेस के ही प्रत्याशी परस्पर चुनाव लड़ेंगे और भाजपा कार्यकर्ता सिर्फ दरियां ही बिछाएंगे ? यादव ने कहा कि पार्टी विद-ए-डिफरेंस का थोथा दावा करने वाली भाजपा ऐसे कुकृत्यों से अंग्रेजों से लड़ चुकी पार्टी और उसके निष्ठावान कार्यकर्ताओं के जज्बाती मनोबल को तोड़ नहीं पाएगी।
यादव ने एक अन्य टवीट कर कहा कि भाजपा सत्ता की भूखी सरकार और विचारधारा प्रदेश मे उपचुनाव के बाद अपने भविष्य को लेकर चिंतित है,एक लोकतांत्रिक निर्वाचित सरकार को सौदेबाजी कर उसने सत्ता की चाबी तो हथिया ली है किंतु उपचुनाव परिणाम उस पर ताला लगा देगे,यही आशंका उसे तोड़फोड़ व खरीद फरोख्त करने के लिए मजबूर कर रही है। 

क्या हालत हो गई प्रदेष की ?


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का सरकार पर हमला

मध्यप्रदेष के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेष के हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि क्या हालत हो गई प्रदेष की ?हमने तो ऐसा प्रदेष नहीं सौंपा था?
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज राज्य अशोक नगर में 5 रुपए की पर्ची न कटवाने पर पर इलाज के अभाव में हुई मौत पर चिंता जाते हुए टवीट किया कि  क्या हालत हो गयी प्रदेश की?  हमने तो ऐसा प्रदेश नहीं सौंपा था? आप विधायकों की खरीद फरोख््त करते रहो, खुली बोलियां लगाते रहो, वही प्रदेश के गुना में जिला अस्पताल के सामने अशोक नगर निवासी एक महिला अपने ढाई साल के बच्चे के साथ अपने पति के इलाज के लिए दिन भर गुहार लगाती रही। उन्होंने लिखा कि 5 रुपए नहीं होने पर उसका इलाज का पर्चा नहीं बनाया गया और उसका इलाज नहीं किया गया और उसकी आंखों के सामने ही उसके पति ने तड़प- तड़प कर दम तोड़ दिया। यह है प्रदेश कि स्वास्थ्य सेवाएँ, शिवराज सरकार में प्रदेश की स्थिति ?  दावे बड़े- बड़े लेकिन धरातल पर स्थिति जीरो।
पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा कि खुद को मामा बताने वाले व खुद को बड़ा जनसेवक बताने वाले आंख खोलकर देखे यह सच्चाई , प्रदेशवासियों को झूठे हवाई सपने दिखाना बंद करे , जमीन पर लौट आये , प्रदेश को वापस गर्त में ना ले जाए, प्रदेश के गरीब वर्ग की चिंता करे, उन्हें कम से कम इलाज तो उपलब्ध कराएं।
नकुल ने भी बोला हमला
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ ने भी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए और सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने टवीट कर लिखा कि  प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना काल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओ को लेकर किये जा रहे बड़े-बड़े दावे की जमीनी हकीकत जनता के सामने है। मैं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से पूछना चाहता हूँ कि ये कैसी व्यवस्था है? उन्होंने लिखा कि आपके गृह जिले रायसेन के क्वारंटाइन सेंटर में कोरोना पीड़ित मरीजों को दिए जाने वाले भोजन में इल्लियां निकल रही हैं। प्रदेश सरकार दोषियों पर कर्यवाही करने की बजाय मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। सांसद ने लिखा है कि जब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के जिले की यह स्तिथि है तो संपूर्ण प्रदेश में क्या हाल होगा अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ते जा रहा है और प्रदेश सरकार इसपर ध्यान देने की जगह चुनावी तैयारियों में व्यस्त है। जनता त्रस्त, सरकार मस्त। 

गुरुवार, 23 जुलाई 2020

अपराधियों को दिलाई जाये फांसी की सजा



बेटियों के विरूद्ध अपराध के मामले फास्टट्रैक में चलाएं


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने छिंदवाड़ा में 3 वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार और मौत की घटना में शामिल आरोपियों का मामला फास्टट्रैक में ले जाकर इस जघन्य अपराध के लिए फाँसी की सजा कराने के निर्देश पुलिस प्रशासन को दिये हैं। मुख्यमंत्री ने आज पुलिस महानिदेशक को निर्देशित किया की इस घटना की तत्परता से कड़ी जांच की जाए और प्रकरण फास्टट्रैक अदालत में चलाकर आरोपी को कड़ा से कड़ा दंड सुनिश्चित किया जाये।
मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि प्रदेश में माफियाओं, गुंडों और असमाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में ऐसे किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाए। बेटियों के विरूद्ध अपराध पूरी मानवता के खिलाफ है। ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नही जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को फ्री-हैंड देते हुए निर्देश दिए है कि ड्रग्स का धंधा करने वाले, सम्पत्ति हड़पने वाले सहकारी माफिया, चिटफंड कंपनी, राशन की काला बाजारी, मिलावट खोरों, आदतन अपराधियों, अतिक्रमणकारियों और अवैध शराब का कारोबार करने वालो के विरूद्ध कार्यवाई सुनिश्चित की जाये। माफियाओं के विरूद्ध इस अभियान की पुलिस महानिदेशक स्तर पर समीक्षा के भी निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने 13 जुलाई और 20 जुलाई को कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए माफियाओं के विरूद्ध अभियान चलाने के निर्देश दिये थे। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने एसपी और कलेक्टर को माफियाओं के खिलाफ कार्रवार्ठ के निर्देश दिए थे।  मुख्यमंत्री ने ये भी कहा था कि किसी भी जिले में कार्रवाई होने में लापरवाही होती है तो इसके लिए कलेक्टर और एसपी जिम्मेदार होंगे। प्रदेश में माफिया और गुंडों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


कांग्रेस के एक ओर विधायक ने दिया इस्तीफा


मध्यप्रदेष में कांग्रेस को आज फिर एक झटका लगा है। कांग्रेस के खण्डवा जिले की मांधाता विधानसभा क्षेत्र के विधायक नारायण पटेल ने आज विधायकी से इस्तीफा दे दिया है। अब राज्य में 27 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की स्थिति निर्मित हो गई है।
प्रदेष में कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे है। एक पखवाड़े के अंदर कांग्रेस के तीन विधायकों ने विधायकी छोड़ दी है। सबसे पहले बड़ामलहरा के विधायक प्रद्युमन सिंह, उसके बाद नेपानगर की विधायक सावित्रि कासडेकर और अब मांधाता विधानसभा क्षेत्र के विधायक नारायण पटेल ने विधायक पद से इस्तीफा दिया है। पटेल ने राज्य विधानसभा पहुंचकर प्रोटेम स्पीकर रामेष्वर  षर्मा को अपना इस्तीफा सौंपा है। उनका इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने स्वीकार कर लिया है। मध्यप्रदेश विधानसभा में एक और सीट खाली हो गई है। अब राज्य मंे 27 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की स्थिति निर्मित हो गई है। पटेल के इस्तीफे के साथ ही अब विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या घटकर 87 रह गई है।
गौरतलब है कि भाजपा नेताओं द्वारा पहले से ही यह कहा जा रहा था कि कांग्रेस के एक दर्जन से ज्यादा विधायक भाजपा के संपर्क में हैं, वे अपनी विधायकी छोड़कर भाजपा का दामन थामेंगे। इसके बाद प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ लगातार विधायकों के संपर्क में हैं, वे विधायक दल की बैठक में विधायकों को पार्टी को मजबूत बनाने की ष्षपथ भी दिला चुके हैं, मगर विधायकों द्वारा विधायकी से इस्तीफा देने का सिलसिला थम नहीं रहा है।

भाजपा को करारा झटका, पूर्व मंत्री ने कमल छोड़ थामा हाथ


मध्यप्रदेष में उपचुनाव के पहले चल रही जोड़ तोड़ के चलते आज भाजपा के पूर्व मंत्री के एल अग्रवाल ने अपने साथियों के साथ कांग्रेस का दामन थाम लिया। अग्रवाल ने प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ  के हाथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
पूर्व मंत्री के एल अग्रवाल को पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता दिलाई। अग्रवाल के साथ उनके सैकड़ों समर्थकों ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली है। इसके पहले अग्रवाल निजी वाहनों से लगभग 200 से अधिक समर्थकों के साथ भोपाल पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक केएल अग्रवाल को कांग्रेस बमोरी सीट से उम्मीदवार बना सकती है। कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद अग्रवाल ने भाजपा नेता और मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया पर हमला बोला। अग्रवाल ने कहा कि मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया क्षेत्र में अवैध वसूली करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बिकाऊ माल को सिंधिया अपने साथ ले गए हैं। मैं कमलनाथ के कार्यकाल को देखकर कांग्रेस में शामिल हुआ हूं।
गौरतलब है कि भाजपा सरकार में मंत्री रहे केएल अग्रवाल ने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर उपचुनाव में कांग्रेस टिकट देती है, तो वह बमोरी से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा था कि हर दिन वह वीडियोकाल और टेलीफोन पर क्षेत्र के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं से संपर्क में है।

संघ भी विश्वास नहीं करता सिंधिया समर्थक मंत्रियों पर: पटवारी


मध्यप्रदेष की राजधानी भोपाल में चल रही संघ की बैठक में ष्षामिल होने पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सिंधिया समर्थक मंत्रियों से मुलाकात न कर उनसे दूरी बनाए रखी। इसे लेकर कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि मां समान पार्टी को दगा देकर सब कुछ भाजपा को देने वालों को संघ स्वीकार नहीं कर रहा।
दरअसल संघ प्रमुख मोहन भागवत शिवराज सरकार के मंत्रियों से वन टू वन चर्चा कर रहे हैं लेकिन संघ प्रमुख से मिलने वालों में सिंधिया समर्थक मंत्रीयों का नाम नहीं  है। पूर्व मंत्री ने इसको लेकर सिंधिया समर्थकों पर तंज कसते हुए कहा है कि मीडिया डोमेन से पता चला है कि आपको अछूत समझा जा रहा है। आखिर आपने तो अपनी मां समान पार्टी को दगा देकर सब कुछ भाजपा को समर्पित कर दिया फिर भी संघ को आप पर विश्वास नहीं हो रहा। पटवारी ने कहा कि इसका मतलब साफ है कि जो बाजार में बिकते है वह बाजारू होते है, जिनसे सलाह नहीं ली जाती बल्कि उन्हें अपने लोगों से दूर ही रखा जाता है, ताकि लगत संगत का उनके लोगों पर असर न पड़े।

बुधवार, 22 जुलाई 2020

कांग्रेस ने उपचुनाव मंे मतपत्र से मतदान कराने का आयोग को दिया सुझाव


प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आयोग को भेजा पत्र


मध्यप्रदेष कांग्रेस की ओर से प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भारत निर्वाचन आयोग को दिए सुझाव में कहा है कि कोरोना संकट को देखते हुए उपचुनाव में मतदान ईवीएम के बजाय मतपत्र से कराए जाएं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि कांग्रेस आयोग के नियमों का पूरी तरह से पालन करेगी।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कोविड-19 महामारी के दौरान मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव कराने के संबंध में राजनीतिक दलों से मांगे गए सुझाव के संदर्भ में प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ ने सुझाव दिए है। उन्होंने आयोग को सूचित किया है कि डिजास्टर मेनेजमेंट एक्ट 2005 के प्रावधान अनुसार कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जो दिशा निर्देश जारी किए गए हैं एवं प्रभावशील हैं तथा भविष्य में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जो भी दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे, उनका प्रदेश कांगे्रस कमेटी द्वारा पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा।
कमलनाथ ने निर्वाचन आयोग को सुझाव दिया है कि मध्यप्रदेश में होने वाले सभी विधानसभा के उपचुनाव ईवीएम मशीन के स्थान पर मतपत्र के माध्यम से मतदान कराए जाएं, ताकि कोरोना संक्रमण की स्थिति से बचा जा सके। क्योंकि चुनाव प्रक्रिया अनुसार प्रत्येक मतदान केंद्र पर करीब 1 हजार मतदाताओं द्वारा मतदान केंद्र पर ईवीएम मशीन के माध्यम से मतदान करना होगा और ऐसी स्थिति में जबकि अलग-अलग मतदाता एक ही ईवीएम मशीन पर उंगली से बटन दबाकर मतदान करेगें, तब कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकना संभव नहीं होगा, ऐसी स्थिति में मतपत्र से मतदान कराना ही एक मात्र उपाय है, जिससे कि कोरोना संक्रमण को मतदाताओं में फैलने से रोका जा सकेगा।
प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष के सुझाव वाला  पत्र प्रदेश कांगे्रस कमेटी के चुनाव आयोग कार्य प्रभारी जे.पी. धनोपिया द्वारा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल को भी प्रषित किया गया है।

प्रतीक स्वरुप मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने आज कैबिनेट बैठक में फैसला लिया कि प्रदेष में स्वतंत्रता दिवस समारोह प्रतीक रुप में मनाया जाएगा। सोषल डिस्टेंसिंग के साथ कार्यालयों में राश्टीय ध्वज फहराया जाएगा।
मुख्यमंत्री शिवराज ंिसह चैहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह पर 15 अगस्त  के दिन समारोह सीमित व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ मनाना आवश्यक है। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए कार्यालयों में राष्ट्रध्वज फहराया जाए। स्वतंत्रता दिवस समारोह पूर्वक न होकर प्रतीक स्वरूप हो। इनमें पारंपरिक रूप से बच्चों को बुलाए जाने और कार्यक्रम में शामिल करने की परंपरा इस वर्ष स्थगित रखी जाए। मुख्यमंत्री  चैहान ने कहा इस संबंध में विचार कर शीघ्र अंतिम निर्णय लिया जा रहा है।
दुष्कर्म के आरोपी आबकारी उप निरीक्षक को किया बर्खास्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपराधिक तत्वों के खिलाफ प्रदेष में मुहिम जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म के आरोपियों को बख्ष्षा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने बैठक में उज्जैन में पदस्थ शासकीय सेवक आबकारी उप निरीक्षक पंकज जैन जो एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी हैं, उनकी बर्खास्तगी के निर्देश दिए।

कांग्रेस के युवा नहीं रहना चाहते बुजुर्गों के साथ


गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा बुजुुर्ग नेताओं की अनदेखी देखकर होती है पीड़ा
मध्यप्रदेष के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के बुजुर्ग नेताओं की युवाओं द्वारा की जा रही अनदेखी को देखकर पीड़ा होती है। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के युवा नेता बुजुर्गों के साथ रहना ही नहीं चाहते।
गृह मंत्री मिश्रा ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कांग्रेस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का तो किस्सा ही अलग है। इसके युवा नेता साथ रहना  ही नहीं चाहते और बुजुर्ग नेताओं की इनकी पार्टी में कोई सुनता ही नहीं है। बुजुर्ग नेताओं की इस तरह की अनदेखी देखकर हमें भी पीड़ा होती है। आम आदमी के सुख दुख की चिंता कांग्रेेस नेताओं को कभी नहीं होती है,  लेकिन इनके नेताओं को अपनी सुख-सुविधाओं की चिंता हमेशा बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है, हमारी सरकार अपराधमुक्त प्रदेश के लिए अभियान चला रही है। शेखर लोधी नाम के एक हत्या के आरोपी को भी दबोचा गया है। कांग्रेस  की सरकार के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई थी, अब इसे दुरुस्त कर रहे हैं।
गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की पूरी राजनीति अब सिर्फ भाजपा  पर सवाल उठाने पर केंद्रित हो गई है। वचन पत्र में जनता से किए गए जिन वादों को लेकर कांग्रेस  सत्ता में आई थी, 15 महीने की सरकार में उन पर क्या और कितना अमल किया गया, इस बारे में उनका एक भी नेता कोई बात नहीं करता।

मंगलवार, 21 जुलाई 2020

संघ प्रमुख मुख्यमंत्री और मंत्रियों की ले गुप्त रिपोर्ट: दिग्विजय


मध्यप्रदेष के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज फिर मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान पर हमला बोला है। उन्होंने भोपाल आए संघ प्रमुख मोहन भागवत से मांग की है कि वे राज्य के मुख्यमंत्री और मंत्रियों की गुप्त रिपोर्ट भी लें।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज टवीट कर कहा कि संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का भोपाल शहर में हार्दिक स्वागत। कृपया भाजपा के मुख्यमंत्री व मंत्रीगणों के आचरण व भ्रष्टाचार के विषय पर अपने स्वयं सेवकों से गुप्त रिपोर्ट अवश्य लें। शिवराज सिंह चैहान के परिवारजनों का अवैध रेत खनन में सम्मिलित होने की भी जानकारी अवश्य लें। एक दूसरे टवीट में सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में विधायकों की खरीद फरोख्त की भी अवश्य जानकारी लें। संघ इस प्रकार के प्रजातंत्रीय व्यवस्था में विधायकों के आचरण और फिर उन्हें बिना विधायक रहे मंत्री बनाने में क्या सोचता है उसे भी अवश्य स्पष्ट करने की कृपा करें।
वाल करते हैं, जवाब नहीं देते दिग्विजय
पूर्व मुख्यमंत्री के टवीट पर राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उनके टवीट का जवाब वे नहीं देते। मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय सिंह सिर्फ सवाल करते हैं, जवाब तो देते नहीं हैं। उन्होंने कभी प्यारे मियां पर टवीट किया है। उन्होंने कहा कि वे पहले तो अपने विधायक उमंग सिंघार के सवालों का जवाब दें, फिर हम भी उनके सवालों का जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह केवल बातें करते हैं, इसके अलावा वे करते कुछ नहीं हैं।
संघ की बैठक  शुरू  
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भोपाल में हैं। वे यहां 5 दिन रहेंगे। मंगलवार को राजधानी के केरवा डेम स्थित शारदा विहार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख प्रचारकों की बैठक शुरू हो गई। इस बैठक में चीन से विवाद और अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की रूपरेखा पर विचार होगा। इसके साथ 5 अगस्त को राम मंदिर शिलान्यास के दिन पूरे देश में दीवाली जैसा उत्सव मनाने पर विचार होगा। गौरतलब है कि भागवत लंबे समय बाद आरएसएस के आनुसांगिक संगठनों के प्रमुखों से मिलने वाले हैं। बैठक में वे लोग शामिल हो रहे हैं, जिन्हें संघ का नीति निर्धारक माना जाता है। ऐसे पदाधिकारियों की संख्या लगभग 20 बताई जा रही है।

आरक्षण पर घमासान, नरोत्तम बोले कांग्रेस देती है दलितों, पिछड़ों को धोखा


मध्यप्रदेष के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा पिछड़े वर्ग और दलितों को लेकर राजनीति करती रही है। कांग्रेसी इन वर्गाें को धोखा देते रहे हैं, इसलिए वे इनकी पैरवी नहीं करते। उन्होंने दिग्विजय सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि जब दिग्विजय इन वर्गों के हितैशी थे तो उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए इन वर्गों की पैरवी क्यों नहीं की। हमने तो तीन तीन मुख्यमंत्री पिछड़े वर्ग से दिए, कांग्रेस ने तो एक भी पिछड़े वर्ग के नेता को मुख्यमंत्री नहीं बनाया।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पिछड़े वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण दिलाने को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर आज हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के पक्ष में थी, तो दिग्विजय सरकार में क्यों नहीं पैरवी की गई? उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में ही आरक्षण पर स्टे लगा दिया गया था। अगर कांग्रेस चाहती तो हाईकोर्ट से रोक हटाने के लिए बड़े वकील कर सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता खुद ही आरक्षण पास नहीं कराना चाहते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब इस वर्ग की हितैशी है तो आज तक उसने इस वर्ग के नेता को मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया। मिश्रा ने कहा कि हमारे यहां ओबीसी वर्ग की सीरीज है। भाजपा ने बाबूलाल गौर, उमा भारती और शिवराज सिंह को मुख्यमंत्री बनाया, ये सभी इस वर्ग से आते हैं।

राज्यपाल लालजी टंडन का निधन, 5 दिन का राजकीय शोक


राज्यपाल  लालजी टंडन का आज लखनऊ में इलाज के दौरान निधन हो गया। राज्यपाल के निधन पर प्रदेश में पांच दिन  21 से 25 जुलाई तक  राजकीय शोक घोषित किया गया है। आज मंगलवार समस्त शासकीय कार्यालय बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने मंत्रिपरिषद बैठक में यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्यपाल टंडन के अवसान पर शोक स्वरूप आज की मंत्रिपरिषद बैठक में अन्य विषयों पर चर्चा न कर स्थगित की गई है।
 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने पूरे मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने लालजी टंडन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने जीवन भर लोगों की सेवा की हैं। क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। लालजी टंडन सबको साथ लेकर चलते थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश की दशा और दिशा बदलने का काम किया है. लालजी टंडन ने हमेशा जनहित में मार्गदर्शन और प्रेरणा दी. सार्वजनिक जीवन में शुचिता के प्रतीक रहे. मंत्री के रूप में यूपी के करोड़ों नागरिकों को उन्होंने सीधा लाभ पहुंचाया। श्रद्धांजलि के बाद कैबिनेट की बैठक स्थगित कर दी गई. कैबिनेट की बैठक अब बुधवार को आयोजित की जाएगी।
मुख्यमंत्री चैहान ने कहा कि राज्यपाल लालजी टंडन के निधन का दुखद समाचार आज प्रातः मिला। वे जीवनभर राष्ट्र सेवा में संलग्न रहे। उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा। टंडन सार्वजनिक जीवन में शुचिता के प्रतीक थे। मध्यप्रदेश में राज्यपाल के रूप में उन्होंने हमेशा जनहित में मार्गदर्शन और प्रेरणा दी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में उनके सुझाए नवाचार को हम सबने देखा है।
5 दिन का राजकीय शोक
राज्यपाल लालजी टंडन के निधन के बाद मध्यप्रदेश में 5 दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। इसके बाद मध्य प्रदेश के मंत्रालय और शासकीय बिल्डिंगों पर लगे तिरंगे झंडे को आधा उतार लिया गया है। राजकीय शोक के चलते मध्यप्रदेश में 5 दिनों तक कोई भी शासकीय कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। वहीं मंगलवार को सभी सरकारी कार्यालयों का अवकाश घोषित कर दिया गया है।
वहीं प्रदेष के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने टवीट कर कहा कि मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त परिवार को यह आघात सहने की शक्ति प्रदान करें।

रविवार, 19 जुलाई 2020

भाजपा संगठन में बदलाव के लिए मंथन


मध्यप्रदेष में भाजपा के प्रदेष अध्यक्ष अब प्रदेष संगठन में बदलाव के लिए तैयारी करने लगे है। इसके लिए मंथन भी तेज हो गया है। भाजपा प्रदेष मुख्यालय पर आज  प्रदेष संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ प्रदेष अध्यक्ष वीडी ष्षर्मा ने इसे लेकर मंथन किया।
प्रदेष अध्यक्ष बनने के बाद से वी डी ष्षर्मा  संगठन मंे बदलाव के संकेत दे रहे थे। पिछले पांच सालों बाद अब जो संगठन में बदलाव होने जा रहा है,उसमें भाजपा के अलावा सिंधिया समर्थकों को भी स्थान दिए जाने को लेकर चर्चा है। इस पर आज प्रदेष भाजपा कार्यालय में मंथन हुआ। बताया जा रहा है कि ष्षर्मा उपचुनाव के पहले संगठन में बदलाव करना चाहते हैं, ताकि असंतोश को रोका जा सके। मंत्रिमंडल विस्तार के बादजो असंतोश उभरा है,उसे रोकने के लिए अब संगठन में जल्द बदलाव कर असंतुश्टों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ष्षर्मा संगठन में जातिगत, क्षेत्रीय संतुलन के साथ युवाओं को ज्यादा मौका देना चाह रहे है।  इसे लेकर आज प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत ने नामों को लेकर बंद कमरे में चर्चा हुई। इसके बाद अब मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चैहान से चर्चा कर संगठन के अलावा नई कार्यकारिणी गठन पर मंथन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि ष्षर्मा इसी सप्ताह मुख्यमंत्री के साथ बैठक करके संगठन में बदलाव के साथ साथ नई कार्यकारिणी गठन को अंतिम रुप दे सकते हैं।

दिग्विजय राजा नहीं, राजा तो सिंधिया हैं


मंत्री विजय शाह ने कहा नकली राजा और व्यापारी भाई ज्यादा नहीं  चल पाओगे

मध्यप्रदेश में एक ओर कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया को निशाने पर लिए हुए है और उनके खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रही है। वहीं  भाजपा विधायक और मंत्री राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पक्ष में लगातार बयान देकर कांग्रेस नेताओं को घेर रही हैं। इसके तहत अब राज्य के वनमंत्री और अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे विजय शाह ने सिंधिया का समर्थन करते हुए दिग्विजय सिंह को नकली राजा और सिंधिया को असली राजा बता दिया है। शाह यही नहीं रुके उन्होंने कहा कि नकली राजा और व्यापारी भाई ज्यादा नहीं चल पाएंगे।
मंत्री बनाए जाने के बाद अपने गृह नगर खंडवा पहुंचे वनमंत्री ने ये बात खंडवा जिला कार्यालय में आयोजित उनके सम्मान समारोह में कहीं। शाह के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता एक बार फिर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर नहीं आए। समारोह के दौरान बड़ी संख्या मंे पहुंचे कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने सिंधिया के भाजपा में शामिल होने को उनका उचित निर्णय बताया। शाह ने कहा कि प्रदेश में नकली राजाओं का हुजूम है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह राजा नहीं हैं,असली राजा तो सिंधिया हैं। शाह ने कहा कि कांग्रेस के नकली राजा और व्यापारी भाई कमलनाथ ज्यादा नहीं चल पाएंगें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने में कमलनाथ के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खूब मेहनत की थी, मगर पार्टी ने उनका अपमान किया। सिंधिया समर्थक विधायकों द्वारा विधायकी छोड़ने को लेकर उन्होंने कहा कि विधायकी छोड़ना आसान बात नहीं है, सिंधिया समर्थक विधायकों ने जनहित में अपनी विधायकी भी छोड़ी। उन्होंने कहा कि  सिंधिया ने अपमान बर्दाश्त नहीं किया, जनता के हित में कांग्रेस छोड़ दी। जो वादे शिवराज और सिंधिया ने किए हैं, वे सभी पूरे होंगे। 


शनिवार, 18 जुलाई 2020

सिंधिया और उनके पीए पर भी दर्ज हो राजद्रोह का प्रकरण


कांग्रेस ने की मांग,ग्वालियर आईजी को दिया आवेदन

राजस्थान पुलिस द्वारा केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह , संजय जैन और कांग्रेस विधायक भंवरलाल के खिलाफ विधायकों की खरीद फरोख्त मामले को लेकर राजद्रोह का प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद मध्यप्रदेष में भी कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके पीए के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की है। कांग्रेस ने ग्वालियर अंचल के आईजी को इस मांग का आवेदन आज सौंपा है।
कांग्रेस की मीडिया प्रभारी (ग्वालियर-चम्बल संभाग) के.के.  मिश्रा ने कहा कि गत 11 जून, 2020 को ग्वालियर संभाग के आई.जी. को कांग्रेस के एक शिष्ट मंडल ने कथित वायरल आडियो की सी.डी. के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें वर्ष 2018 के संपन्न विधानसभा चुनाव में अशोक नगर निर्वाचन क्षेत्र से अपनी बहू अनिता दोहरे की कांग्रेस से उम्मीद्वारी हेतु पूर्व पार्षद रही  अनिता जैन ने और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच हुई बातचीत का उल्लेख है। इसमें उम्मीदवार बनने के लिए सिंधिया के पी.ए. पाराशर के कहने पर किसी अग्रवाल के घर 50 लाख रूपए रखने की बात कही गई है। आडियो में यह महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आया है कि जैन को इस विषयक फोन भी  सिंधिया के यहां से आया था । वार्तालाप में उक्त महिला सिंधिया से स्पष्ट तौर पर कह रही हैं कि 50 लाख रूपए पाराशर के कहने पर हमने उल्लेखित अग्रवाल के घर रखवा दिये हैं, इस गंभीर आरोप पर सिंधिया द्वारा कोई, किसी भी प्रकार की सफाई प्रतिक्रिया नहीं दी गई, बल्कि सरकार बनने के बाद उसे कहीं और उपकृत किए जाने की बात कही गई है, जो एक गंभीर राजनैतिक कदाचरण है।

वक्त खुद को नेता बनाने का नहीं, पार्टी, संगठन को मजबूत करने का है


पूर्व मंत्री ने पार्टी नेताओं को दी सलाह

मध्यप्रदेष कांग्रेस में विधायकों द्वारा लगातार इस्तीफा ेदेने को लेकर राज्य के पूर्व मंत्री उमंग सिंघार ने चिंता जताई है। उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा है कि आज वक्त नेता बनने का नहीं, बल्कि पार्टी और संगठन को मजबूत करने का है।
प्रदेष कंाग्रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ गए 22 विधायकों के बाद एक एक कर एक सप्ताह के अंदर दो और कांग्रेस विधायकों ने विधायकी छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली। इसके बाद पार्टी में चिंता खड़ी हो गई है। उपचुनाव को लेकर रणनीति बना रही कांग्रेस के लिए विधायकों द्वारा लगातार पार्टी छोड़ना चिंता बन गया है। इसके चलते राज्य के पूर्व वन मंत्री उमंग सिंघार ने आज टवीट कर पार्टी नेताओं से आग्रह किया है कि आज का वक्त खुद को नेता बनाने का नहीं है. बल्कि पार्टी और संगठन को मजबूत करने का वक्त है।
सिंघार का यह टवीट विधायकों द्वारा विधायकी छोड़कर भाजपा में ष्षामिल होने के बाद किया है। माना जा रहा है कि सिंघार ने इस टवीट के जरिए एक बार फिर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर निषाना साधा है। सिंघार वैसे भी पहले से ही सिंह के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
पीड़ा वर्तमान हालात बताने के लिए काफी
राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने उमंग सिंघार के टवीट को रिटवीट कर लिखा है कि कमलनाथ  सरकार में मंत्री रहे इस युवा नेता की यह पीड़ा कांग्रेस की वर्तमान हालत बताने के लिए काफी है। उन्होंने लिखा है कि ये विलुप्त होती पार्टी अपने घर से उठने वाली आवाज सुन नहीं रही और अपनी हताशा हमारी पार्टी पर व्यक्त कर रही है।
षिवराज पर कसा तंज
पूर्व मंत्री उमंग सिंघार ने एक और टवीट कर षिवराज सिंह चैहान पर भी तंज कसा है। उन्होंने हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा षिवराज सिंह चैहान के साले संजय सिंह को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त कर उपचुनाव की जो जिम्मेदारी सौपी है। उसे लेकर भी टवीट किया करते हुए लिखा है कि सालेजी आप तो धर्म की लड़ाई लड़ने कांग्रेस में आ गए, मगर आपके जीजाजी अधर्मियों के बीच फंसे हुए हैं (जैसे शोले पिक्चर के बगैर हाथ वाले ठाकुर साब) क्या उन्हें भी कांग्रेस में लाएंगे ?

दिग्विजय ने सिंधिया से पूछा बहादुर लोग तो ऐसा नहीं करते


सिंधिया के भाजपा में जाने को लेकर अब भी दुखी है कांग्रेस के नेता


राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी टवीट कर कांग्रेस छोड़ भाजपा में षामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया से पूछा है लोकसभा चुनाव में हार के बाद क्या आपने दुष्मन के सामने आत्मसर्पण नहीं कर दिया। बहादुर लोग तो ऐसा नहीं करते।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद से मध्यप्रदेष कांग्रेस अब तक सदमें से उबर नहीं पाई है। कांग्रेस नेता और वरिश्ठ पदाधिकारी अब भी हर दिन उन्हें कोसते नजर आ रहे है। इसके चलते आज राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी एक टवीट किया है। वैसे सिंह पहले भी टवीट के जरिए इस बात पर दुख व्यक्त कर चुके हैं, सिंधिया के पार्टी छोड़कर जाने से मुझे दुख हुआ है। आज फिर से सिंह ने टवीट कर कहा कि महाराज आपको कांग्रेस ने जब इतना मौका दिया तो फिर बिना सोनिया, राहुल, डा मनमोहन सिंह से मिले आप क्यों चले गए। उन्होंने आगे लिखा है कि जिसने आपको लोकसभा चुनाव में पराजित किया? क्या आपने हार स्वीकार कर दुश्मन के सामने आत्मसमर्पण नहीं कर दिया? बहादुर लोग तो ऐसा नहीं करते।
वहीं एक अन्य ट्वीट कर दिग्विजय ने कृषि मंत्री के बयान पर सिंधिया से सवाल पूछते हुए कहा कि ‘महाराज भाजपा के कृषि मंत्री कमल पटेल कहते है किसानों का कर्ज माफ करना पाप है। क्या आप उनके बयान से सहमत हैं? यदि शिवराज चैहान कांग्रेस सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने की जो प्रक्रिया शुरू की थी, वह उसे पूरा नहीं करते हैं तो क्या आप मध्यप्रदेष सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे? देखते हैं।

शुक्रवार, 17 जुलाई 2020

कांग्रेस के एक और विधायक ने दिया इस्तीफा


मध्यप्रदेष में कांग्रेस विधायकों के इस्तीफा देने का सिलसिला जारी है। आज बुरहानपुर जिले की नेपानगर विधानसभाा सीट से विधायक सुमित्रा देवी कासडेकर ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही राज्य में अब 26 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होना भी तय हो गया है।
मध्यप्रदेष में कांग्रेस पार्टी को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। कांग्रेस के बड़ामलहरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी द्वारा इस्तीफा दिए जाने के बाद अब राज्य में नेपानगर विधानसभा सीट से विधायक सुमित्रा देवी कासडेकर ने आज इस्तीफा दे दिया। सुमित्रा देवी नेपानगर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुनकर आई थी।  मुखर और दमदार प्रवक्ता के रूप में पार्टी में उनकी छवि थी। लेकिन आज इस्तीफा देकर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है।
गौरतलब है कि सिंधिया समर्थक 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद हाल ही में कांग्रेस के एक विधायक प्रद्युम्न सिंह ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद आज सुमित्रा देवी ने इस्तीफा दिया है। इस तरह अब राज्य में अब 26 सीटों पर विधानसभा के उपचुनाव होंगे।  वर्तमान में 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायकों की संख्या 92 हो गई थी, लेकिन सुमित्रा देवी के पार्टी छोड़ने के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायकों की संख्या 90 हो गई है। वही बीजेपी विधायकों की संख्या 107 है, अब 24 की जगह 26 सीटों पर उपचुनाव होंगे।यही चुनाव तय करेंगे कि कांग्रेस एमपी में वापसी करेगी या फिर बीजेपी सरकार बचाने में कामयाब होगी।
घटिया और सौदेबाजी की राजनीति कर रही भाजपाः कमलनाथ
नेपानगर विधायक द्वारा इस्तीफा दिए जाने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि यह तो मैं पहले से जानता था, यह जो बोली की राजनीति है, जिसमें संविधान की कोई चिंता नहीं है। जिसमें सिद्धांतों की कोई चिंता नहीं है और वह पार्टी ऐसा कहती रही है कि हम नैतिक और स्वस्थ राजनीति करते हैं. आज सबसे घटिया और सौदेबाजी की राजनीति पूरे देश में भाजपा कर रही है। 

दिग्विजय ने कहा मेरी भूमिका की जांच कराएं शिवराज


गुना में दलित किसान दंपित्त से मारपीट मामले पर सियासत, सिंह ने कहा प्रदेष भाजपा अध्यक्ष को सौंपी जाए जांच

मध्यप्रदेष के गुना जिले में दलित किसान दंपति के साथ पुलिस मारपीट मामले में अब सियासत तेज हो गई है। प्रदेष भाजपा अध्यक्ष वी डी ष्षर्मा ने घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी। षर्मा के इस बयान पर आज दिग्विजय सिंह ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री षिवराज ंिसह चैहान से उनकी जांच कराने की मांग कर डाली और कहा कि जांच वी डी षर्मा को सौंपी जाए।
गुना जिले में दलित किसान और उसकी पत्नी के साथ हुई मारपीट मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसे लेकर कंाग्रेस हमलावर है और लगातार षिवराज सरकार पर हमले करते हुए मुसीबत खड़ी कर रही है। वहीं अब सरकार ने कांग्रेस को घेरना ष्षुरु कर दिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी डी शर्मा ने घटना को कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से जोड़ते हुए कहा कि गुना की घटना के बहाने कांग्रेस मध्यप्रदेश के सामाजिक वातावरण को बिगाड़ने का षडयंत्र कर रही हैं। शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार इस घटना की जांच तो करा रही है, लेकिन इस मामले में दिग्विजय सिंह की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। इस प्रश्न का जवाब खोजा जाना चाहिए कि आखिर किसकी शह पर गब्बू पारदी ने इस जमीन पर कब्जा करने की हिम्मत जुटाई।  शर्मा द्वारा दिग्विजय सिंह पर किए गए इस हमले के बाद दिग्विजय सिंह ने भी ट्विटर के माध्यम से वीडी शर्मा पर पलटवार किया। साथ ही जांच का स्वागत भी किया।  सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि मैं भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा द्वारा गब्बू पारधी और मेरे संबंधों की जांच की मांग का स्वागत करता हूं। मैं शिवराज सिंह  से अनुरोध करता हूंकि इसकी जांच वी डी शर्मा  को ही सौंपी जाए। यह भी जांच करें कि शासकीय भूमि पर कब्जा हटाने की कार्रवाई भाजपा के 15 साल के शासनकाल में क्यों नहीं की गयी ?
कांग्रेस सिर्फ टवीट पर ही करेंगे राजनीति
गुना घटना पर कांग्रेस की जांच कमेटी पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल मे कंग्रेस स्तरहीन राजनीति से बाज नही आ रही है। कांग्रेस के  अपने कार्यकाल में ऐसे कई घटना हुई है, इस पर कांग्रेस को पहले जबाब देना चाहिए। कांगे्रस के समय शिवपुरी में एक महिला के साथ दबंग लोगों ने अत्याचार किया लेकिन उस पर कोई कार्यवाही नही हुई। मुुख्यमंत्री ने जानकारी मिलते ही कलेक्टर एसपी को हटा दिया था। कांग्रेस ने अपने शासन काल मे इस तरफ की किसी भो घटना पर कार्यवाही नहीं की। हमने गुना मामले में बड़ी कार्यवाही की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का जांच दल क्या रिपोर्ट लाएगा, कांग्रेस की जांच कमेटी हमारी बुराई ही करेगी। कांग्रेसी सिर्फ टवीट पर ही राजनीति करेंगे।