रविवार, 12 जुलाई 2020

कांग्रेस को एक और झटका, विधायक से भाजपा की ली सदस्यता


मध्यप्रदेश में उपचुनाव से पहले कांग्रेस को फिर झटका लगा है। कांग्रेस के बड़ामलहरा से विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी ने आज कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। लोधी ने आज विधायकी से भी इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही अब प्रदेश में 24 के स्थान पर 25 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होना तय हो गया है।
 मध्य प्रदेश में विधानसभा के सीटों के उपचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को भाजपा ने एक और झटका दिया है। छतरपुर जिले के बडामलहरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी रविवार को कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। लोधी ने भाजपा में ष्षामिल होने के पहले उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया, जो रविवार को मंजूर हो गया. इसके बाद वह रविवार को भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के समक्ष भाजपा में शामिल हो गए।
 प्रद्युम्न सिंह लोधी ने आज सुबह उमा भारती से मुलाकात की है, और इसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान से मिलकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ली है। गौरतलब है कि प्रदेश में एक और विधायक की सीट खाली हो गई है, अब मध्य प्रदेश में 25 विधानसभा सीटें रिक्त हो चुकी है, जिन पर आने वाले समय में विधानसभा उपचुनाव होना है।
विचार करने के लिए दिया था समयः शर्मा
प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा का कहना है कि उन्होंने प्रद्युम्न सिंह लोधी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि लोधी को इसके लिए उन्होंने समय दिया था, और उनसे कहा था कि वे विचार कर लें, किसी से सलाह लेनी हो तो ले लें। आज जब उन्होंने कहा कि मैं विधायक की  हैसियत से काम नहीं करना चाहता हूं, इसलिए अपने पद इस्तीफा देना चाहता हूं। इसके बाद ही उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
कमलनाथ सिर्फ छिंदवाड़ा के मुख्यमंत्री थे
विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा में ष्षामिल होने के बाद प्रद्युम्न सिंह ने कहा कि भाजपा के विकास कार्यों से प्रभावित होकर कांग्रेस से इस्तीफा दिया है। शिवराज ने विकास किया है। हम चाहते थे कि क्षेत्र में विकास हो। हमारे यहां पलायन होता है। उन्होंने यह भी कहा कि कमलनाथ सिर्फ छिंदवाड़ा के मुख्यमंत्री थे। वहीं काम करने में लगे थे।
भाजपा कर सकती है उमा की नाराजगी दूर
मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सिंधिया समर्थकों को बड़ी संख्या में मंत्री बनाए जाने को लेकर नाराज थी। वे इस संबंध में पहले ही नाराजगी जता चुकी थी। इसके अलावा हाल ही में उज्जैन में विकास दुबे की गिरफतारी पर भी उन्होंने नाराजगी जताते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया था। वहीं उमा भारती ष्षुक्रवार को नागपुर पहुंची थी और ष्षनिवार को वे संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित अन्य पदाधिकारियों से भी मिली थी। करीब 3 घंटे तक उन्होंने संघ मुख्यालय पर पदाधिकारियों से चर्चा की और षनिवार को ही वापस भोपाल लौट आई थी। इसके बाद आज सुबह लोधी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली। सूत्रों की माने तो उमा की नाराजगी को दूर करने के लिए भाजपा द्वारा लोधी को भी मंत्री बनाए जाने का आश्वासन दिया गया है।

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