गुरुवार, 16 जुलाई 2020

गृह मंत्री ने कहा अफसर लापरवाही करेगा तो नपेगा


कानून का पालन कराएगी पुलिस, नहीं चलेगा अपराध

मध्यप्रदेष के गुना में किसान परिवार के साथ हुई पुलिस मारपीट की घटना को लेकर राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अगर अफसर लापरवाही करेगा तो वह नपेगा। पुलिस कानून का पालन कराएगी, अपराध नहीं चलेगा।
गुना में घटित घटना के बाद आज मीडिया से चर्चा करते हुए गृह मंत्री ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह मध्यप्रदेष है, यहां पर कानून का राज है। पुलिस कानून का पालन कराएगी, जो पालन नहीं करेगा वह जेल जाएगा। घटना को लेकर जब मुख्य विपक्षी दल ने सरकार पर हमला बोला उसके बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने वीडियो जारी कर कहा कि ‘गुना के कैंट थाना क्षेत्र की घटना का वीडियो देखकर व्यथित हूं। इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं से बचा जाना चाहिए।
वहीं इस घटना को लेकर राहुल गांधी के टवीट पर मिश्रा ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी तब प्रीपेड व्यवस्था के तहत अधिकारियों की पोस्टिंग होती थी। हमने जानकारी आते ही कलेक्टर, एसपी, आईजी सब बदल दिए। कमलनाथ के जंगलराज वाले ट्वीट पर उन्होंने कहा, कमलनाथ  की सरकार में दो बच्चे सतना से अपह्रत हुए. उनकी डेड बाडी ही मिली. उनके समय यहां अपराधी पकड़े नहीं जाते थे, बल्कि संरक्षण दिया जाता था। यहां तो कार्रवाई होती है. कोई कितना भी बड़ा अफसर हो, अगर लापरवाही करेगा तो नाप दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने टवीट कर कहा था कि वायरल वीडियो टवीट कर लिखा कि हमारी लड़ाई इसी सोच और अन्याय के खिलाफ है।
गौरतलब है कि  गुना में  एक घटना सामने आई जिसमें अतिक्रमण हटाने गई पुलिस ने किसान दंपति पर लाठीचार्ज कर दिया. बाद में आहत किसान दंपति ने जहर पीकर खुदकुशी की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने फौरी कार्रवाई करते हुए गुना के कलेक्टर और एसपी को हटा दिया. साथ ही इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए।
यह सिर्फ राजनीति है, किसी के साथ नहीं होगा अन्याय
बसपा प्रमुख मायावती की टिप्पणी पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह सिर्फ राजनीति है. तय मानिए किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। जो घटना घटी दुखद और खेदजनक हैं। जांच दल बनाकर घटना स्थल के लिए रवाना किया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जो दोषी होगा उस पर कार्यवाही होगी।  मायावती ने टवीट कर कहा था कि मध्यप्रदेश के गुना पुलिस व प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के नाम पर दलित परिवार को कर्ज लेकर तैयार की गई फसल को जेसीबी मशीन से बर्बाद करके उस दम्पत्ति को आत्महत्या का प्रयास करने को मजबूर कर देना अति-क्रूर व अति-शर्मनाक।  इस घटना की देशव्यापी निंदा स्वाभाविक। सरकार सख्त कार्रवाई करे। मायावती ने एक अन्य टवीट में कहा कि एक तरफ भाजपा व इनकी सरकार दलितों को बसाने का ढिंढोरा पीटती है जबकि दूसरी तरफ उनको उजाड़ने की घटनाएं उसी तरह से आम हैं जिस प्रकार से पहले कांग्रेस पार्टी के शासन में हुआ करती थी, तो फिर दोनों सरकारों में क्या अन्तर है? खासकर दलितों को इस बारे में भी जरूर सोचना चाहिए।
प्रदेष को कहां ले जा रही शिवराज सरकार
गुना जिले में घटित इस घटना को लेकर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्विटर पर वीडियो शेयर कर लिखा है कि ये शिवराज सरकार प्रदेश को कहां ले जा रही है। ये कैसा जंगल राज है. गुना में कैंट थाना क्षेत्र में एक दलित किसान दंपत्ति पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों द्वारा इस तरह बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज। उन्होंने राहुल गांधी के टवीट को भी रीट्वीट किया है, जिसमें लिखा है कि हमारी लड़ाई इसी सोच और अन्याय के खिलाफ है. साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने मध्यप्रदेश कांग्रेस के एक टवीट को रीट्वीट किया है, जिसमें लिखा है कि कांग्रेस ने हमेशा ही गरीबों और किसानों की लड़ाई में उनका साथ दिया है. शिवराज सरकार के इस अमानवीय कृत्य ने भाजपा की तानाशाही को बेनकाब किया है. ये लड़ाई शिवराज सरकार के अंत का आरंभ है।
कांग्रेस का जांच दल करेगा गुना घटना की जांच
प्रदेष के पूर्व मुख्यमंत्री और कंाग्रेस के प्रदेष अध्यक्ष कमलनाथ ने गुना जिले  में किसान परिवार के साथ मारपीट की घटना की जांच के लिए जांच दल का गठन किया है। इस जांच दल में  पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन, रामनिवास रावत, जयवर्धन सिंह, फूल सिंह बरैया, सुरेंद्र चैधरी, हीरालाल अलावा और विभा पटेल को शामिल किया है। यह टीम मौके पर पहुंचकर इस बात की पड़ताल करेगी कि आखिर घटना घटने का मूल कारण क्या था। कांग्रेस का यह जांच दल कल ष्षुक्रवार को घटना की जांच के लिए जाएगा।

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