मध्यप्रदेश में शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही पूर्व मंत्रियों को मंत्री न बनाए जाने पर उनमें निराशा और हताशा दिखाई दी। इन मंत्रियों ने कहा कि सिंधिया समर्थकों के कारण वे मंत्री नहीं बन पाए।
पूर्व मंत्री हरीषंकर खटीक को जब यह जानकारी मिली कि उनका नाम मंत्रिमंडल की सूची में नहीं हैं,तो वे आज सुबह प्रदेष भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां पर उन्होंने पदाधिकारियों से चर्चा की। खटीक का कहना था कि कांगे्रस से आए सिंधिया समर्थकों के कारण भाजपा संगठन तो बढ़ा हैं, इनके कारण ही हमारी सरकार भी बन पाई है। ऐसे में सभी को मंत्री बनाया जाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लायक थे, उन्हें मंत्री बनाया गया, वैसे हम भी काबिल हैं, मगर दुख नहीं है कि मंत्री नहीं बनाया गया। संगठन हमारी जो भूमिका तय करेगा आगे हम कार्य करेंगे।
पूर्व मंत्री रामपाल सिंह ने भी अपने निवास पर बैठकर टीवी पर ही मंत्रिमंडल विस्तार देखा। उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय है और हम पार्टी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे. उनका कहना है कि भाजपा सिंधिया के कारण सत्ता में आई है, ऐसे में उनका सम्मान करना होगा और नए मेहमान जो होते हैं तो जान से प्यारे होते हैं
। सिंह शिवराज सरकार में कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी पहले भी संभाल चुके हैं। वहीं पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन मंत्री न बनाए जाने से हताश हैं। उनका कहना है कि सिंधिया समर्थकों की वजह से उनका नाम कटा है. लेकिन, पार्टी ने जो फैसला लिया है, वह हमें स्वीकार है।
विंध्य की उपेक्षा से नाराज गौतम
गिरीश गौतम ने कहा कि, विंध्य के विधायकों को क्यों मौका नहीं दिया गया, यह मुख्यमंत्री शिवराज संगठन और जनता जानें, उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनकी किसी नेता से कोई चर्चा नहीं हुई है. नाराजगी जताते हुए गौतम ने कहा कि, सीधी और रीवा को मिलाकर 15 सीटें हैं, 14 सीटें भाजपा के खाते में गई थी, इसलिए उम्मीद थी कि, एक-दो तो मंत्री सीधी, रीवा के होना ही चाहिए थे।
पार्टी की कोई तो मजबूरी रही होगी
पूर्व मंत्री संजय पाठक ने कहा कि पार्टी की कोई तो मजबूरी रही होगी, जिसके चलते पूर्व मंत्रियों को मंत्रिमंडल में षामिल नहीं किया गया। वर्तमान समय में एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति थी। उन्होंने कहा कि सिंधिया के कारण सरकार बनी है। ऐसे में सिंधिया के लोगों को सम्मान देना जरूरी था। हालांकि पाठक ने एक इशारा जरूर किया है कि जल्दी पार्टी में उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलेगी।
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