मंगलवार, 7 जुलाई 2020

कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पर सरकार ने कसा शिकंजा


निर्माणाधीन पेट्रोल पंप पर लगाई रोक, जमीन को सरकारी जमीन में बदलने के दिए आदेश

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में न जाने पर सरकार की ओर से कांग्रेस नेताओं पर शिकंजा कसा जा रहा है। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत इस कार्रवाई की जद में आए है। उनके विजयपुर स्थित जमीन को सरकार ने ष्षासकीय जमीन घोषित कर दिया है और निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है।
रामनिवास रावत की संस्था श्री गणेष शिक्षा संस्थान की जमीन को मुरैना कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव ने भूदान की जमीन बताकर जमीन को सरकारी जमीन में बदलने के आदेश दिए हैं। इस जमीन पर निजी कालेज और स्कूल बिल्डिंग बनी हुई है। इसके अलावा रावत के बेटे का ष्ष्योपुर में एक पेट्रोल पंप भी बन रहा है, जिसका करीब 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। इस निर्माणाधीन कार्य को भी रोक दिया गया है। उनके पेट्रोल पंप की एनओसी को निरस्त कर दिया गया है। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरकार की इस कार्रवाई को लेकर  कांग्रेस का कहना है, जो कांग्रेसी ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में नहीं गए हैं, उन्हें तरह-तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है. लेकिन कांग्रेस पार्टी डरेगी नहीं, पूरी पार्टी रामनिवास रावत के साथ खड़ी हुई ह। कांग्रेस पार्टी महल के सामने झुकेगी नहीं, अब महल को सड़कों पर आना होगा।
सत्ताधारी दल के एजेंट बनने से बचें अधिकारी: दिग्विजय
राज्य सभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष  राम निवास रावत के पुत्र अनिरूद्ध रावत द्वारा सभी एन.ओ.सी. लेने के बाद श्योपुर कलेक्टर ने इंडियन ऑयल का पेट्रोल पंप स्थापित करने की अनुमति 24 फरवरी  को दी थी। कांग्रेस नेता के पुत्र ने सारी औपचारिकता पूर्ण करने के बाद श्योपुर में विधिवत निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया था। इस बीच 23 मार्च  को भाजपा की सरकार बन गई और कांग्रेस पार्टी की सरकार गिर गई। भारी दलबदल के बीच पूर्व मंत्री और ग्वालियर चंबल क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेता राम निवास रावत पूरी ताकत से पार्टी के साथ खड़े रहे। पार्टी के प्रति उनकी असीम निष्ठा के चलते भाजपा के इशारे पर सरकारी तंत्र के माध्यम से उन्हें परेशान कराया जा रहा है। सिर्फ 24 घंटे के भीतर श्योपुर कलेक्टर ने पेट्रोल पंप निर्माण की अनुमति निरस्त करने के  लिए 1 जुलाई को प्रकरण दर्ज किया। चंबल संभागीय आयुक्त को आदेश के पुनरीक्षण के लिए प्रतिवेदन भेजा। दूसरे ही दिन 2 जुलाई को आयुक्त चंबल ने अनुमति प्रदान कर दी। 2 जुलाई को ही कलेक्टर श्योपुर ने पेट्रोल पंप निर्माण के लिये पूर्व में दी गई अनुमति स्थगित कर निर्माण पर रोक लगा दी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा द्वारा अधिकारियों के माध्यम से किए जा रहे घोर अनैतिक कार्य की निंदा की है। उन्होने कहा कि अधिकारियों को भी सत्ताधारी दल का एजेंट बनने से बचना चाहिए। 


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