गुरुवार, 16 जुलाई 2020

कमलनाथ बताएं, 15 महीनों में भ्रष्टाचार के अलावा और क्या किया?ः शर्मा


विकास के साथ सम्मान और भारत माता की शान को बनाएं चुनावी मुद्दाः पटेल

भोपाल 16 जुलाई
 कमलनाथ ने सत्ता में आने के लिए प्रदेश के किसानों, युवाओं, बेटियों, बुजुर्गों, महिलाओं को धोखा दिया। 15 महीने के कार्यकाल में प्रदेश में भ्रष्टाचार के अलावा और कुछ नहीं किया। कोरोना संकट से मुकाबले के लिए एक भी मीटिंग नहीं ली और इंदौर में आइफा अवार्ड की तैयारी में लग गए। मेहगांव विधानसभा का प्रत्येक कार्यकर्ता यह जानता है कि कमलनाथ ने प्रदेश को लूटा है। मेहगांव और पूरे प्रदेश की जनता कमलनाथ से पूछना चाहती है कि बताइए आपने इतना भ्रष्टाचार कहां से किया?
यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने गुरुवार को मेहगांव की वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कही। शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में दुर्भाग्य से 15 महीने पहले एक उद्योगपति सत्ता की कुर्सी पर बैठ गए, जिन्होंने पूरे प्रदेश को छोड़कर केवल छिंदवाड़ा के लिए ही काम किया। कमलनाथ सरकार के वरिष्ठ मंत्री ही कहते थे कि सरकार को कमलनाथ नहीं, पर्दे के पीछे से दिग्विजय सिंह चला रहे हैं। इस सरकार ने गरीबों के लिए बनाई गई संबल योजना को बंद करके गरीबों का हक छीन लिया।कमलनाथ ने बेटियों को कन्यादान योजना में 51 हजार रूपए देने की बात कही, जो आज तक किसी बेटी को नहीं मिला। शादियां हो गईं, बच्चे हो गए और अभी भी वो बेटियां कन्यादान की राशि के लिए आंदोलन कर रही हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश के लिए लाखों आवास स्वीकृत किए, लेकिन कमलनाथ सरकार ने इन आवासों को लौटाकर गरीबों के सिर से छत छीन ली। शर्मा ने कहा कि 2003 के पूर्व दिग्विजय सिंह की सरकार ने प्रदेश को भ्रष्टाचार में डुबाकर बंटाढार कर दिया था। किसी भी राष्ट्रवादी विचार और काम पर प्रहार करना दिग्विजय अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। इसके बाद आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने 15 वर्षो में स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाया।
विकास और भारत माता के गौरव की ही बात करें कार्यकर्ता
वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि मुझे एक बार एक शहीद के अंतिम संस्कार में मेहगांव जाने का अवसर मिला है। मैंने देखा है कि वहां के लोगों में दो चीजें सामान्य रूप से पाई जाती हैं। एक तो उनमें मान-सम्मान की चाहत होती है और दूसरी बात यह कि वह देश के लिए मर मिटने को तैयार होते हैं। इसलिए हमें विकास के साथ सम्मान और भारत माता के यश-गौरव को चुनावी मुद्दा बनाना चाहिए।सभी कार्यकर्ताओं से मेरा आग्रह है कि चुनाव में विकास और भारत माता की ही चर्चा हो, किसी व्यक्ति की नहीं। इस तरह जो जीत हासिल होगी,  वह भी भारतीय जनता पार्टी की जीत होगी। इसके लिए संकल्प करें और आगे बढ़ें।

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