मध्यप्रदेष में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए 20 जुलाई से ष्षुरु होने वाले मानसून सत्र को स्थगित कर दिया गया। सत्र स्थगित करने का फैसला आज सर्वदलीय बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
प्रदेष में कोरोना संक्रमण के आंकड़े लगातार बढ़ रहे है। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में ये प्रतिदिन सौ और सौ से ज्यादा संक्रमित प्रतिदिन पाजिटिव आ रहे हैं, इसे देखते हुए आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 20 जुलाई से ष्षुरु होने वाले मानसून सत्र को स्थगित कर दिया जाए। इसके बाद सर्वदलीय बैठक के निर्णय को राज्यपाल के पास भेज दिया गया। राज्यपाल की अनुमति के बाद सत्र स्थगित किए जाने की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। आज सत्र को लेकर बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता प्रोक्टम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने की। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ , पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजपति और संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी मौजूद थे।
बजट नहीं होगा पेष
सत्र स्थगित होने से एक बार फिर प्रदेश में इस साल का बजट पेश नहीं हो सकेगा। इसके चलते एक बार फिर सरकार अध्यादेश के जरिए बजट लाएगी। इसके पहले भी मार्च में बजट सत्र के दौरान कमलनाथ सरकार बजट पारित करने से पहले ही गिर गई थी। जिसके चलते सरकार को कामकाज सुचारु रूप से चलाने के लिए अध्यादेश लाना पड़ा था।
कोरोना के चलते संभव नहीं सत्र करानाः शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि, कोरोना के चलते जिस तरह की परिस्थितिया फिलहाल हैं, ऐसे हालातों में विधानसभा का सत्र आयोजित कराया जाना सही नहीं था। जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति से सभी ने सत्र को स्थगित किए जाने का फैसला स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि, फिलहाल सभी का लक्ष्य कोरोना को रोकना है, इसलिए अभी सत्र नहीं किया जाएगा.
सत्र स्थगित कराने का फैसला सहीः कमलनाथ
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी बजट सत्र को टालने पर सहमति जताते हुए कहा कि, जिस तरीके से पूरे देश में कोरोना वायरस का संक्रमण फैल रहा है, ऐसे में गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार कोई भी बड़े कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सकते हैं. विधानसभा सत्र के दौरान हजारों की संख्या में लोग एक ही जगह इकट्ठा होते हैं, सेंट्रल हॉल की वजह से संक्रमण का खतरा ज्यादा था. इसलिए सभी ने सत्र को टालने का निर्णय लिया है.
गृह मंत्रालय की गाइड लाइन का पालन करना जरुरी
प्रोटेम स्पीकर रामेस्वर शर्मा ने कहा कि, गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार 20 से ज्यादा लोग एक जगह इकट्ठे नहीं होने चाहिए. इसलिए सत्र को स्थगित किया गया है. जबकि विधायकों और अधिकारियों- कर्मचारियों की सुरक्षा के चलते भी ये फैसला लिया गया है. सत्र को स्थगित किए जाने का प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा जाएगा.
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