मंगलवार, 28 जुलाई 2020

भाजपा की अंतर्कलह दूर करेंगे रघुनंदन शर्मा


 असंतुष्ट  नेताओं का नेतृत्व कर नाराजगी दूर करेंगे

मध्यप्रदेष भाजपा में असंतुष्ट नेताओं का नेतृत्व अब वरिष्ठ नेता रघुनंदन ष्षर्मा करेंगे। शर्माइन नेताओं की नाराजगी दूर करने के लिए सरकार और संगठन से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी में आए दूसरे दलों के नेताओं को पद देना अनुचित है।
मध्यप्रदेष भाजपा में उपचुनाव के पहले एक बार फिर असंतुष्ट नेता भाजपा के लिए परेशानी बन रहे है। इन नेताओं ने अब पूर्व सांसद और वरिष्ठ  नेता रघुनंदन षर्मा के नेतृत्व में संगठन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपनी बात रखने का फैसला लिया है। इसके चलते आज वीडियो कालिंग के जरिए रघुनंदन शर्मासे राज्य के पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा और दीपक जोषी के अलावा कुछ अन्य नेताओं ने बातचीत भी की। असंतुष्ट नेताओं की एक दौर की बातचीत 9 अगस्त होने की संभावना बताई जा रही है। इस बातचीत के बाद शर्माके नेतृत्व में असंतुष्ट नेता अपनी बात संगठन तक पहुंचाएंगे। आज हुई चर्चा में असंतुश्ट नेताओं से शर्माको साफ कहा कि दूसरे दलों के नेताओं को सरकार और संगठन में पद मिल रहे हैं, जबकि लंबे समय से पार्टी से जुड़े नेताओं की अनदेखी की जा रही है।
असंतुष्ट नेताओं से हुई बातचीत के बाद शर्माने कहा कि पार्टी में इन दिनों संवादहीनता का दौर चल रहा है। इसके चलते कई वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी की जा रही है, जो अनुचित है। संवादहीनता के कारण पहले मंत्रिमंडल विस्तार मंे देरी हुई और फिर मंत्रियों के बीच कार्यविभाजन करने में भी लंबी जददोजहद करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उपचुनाव के पहले यह संवादहीनता को दूर करना होगा, नाराज चल रहे नेताओं को सक्रिय करना होगा।
विधायकी छोड़कर आने वालों को पद देना गलत
भाजपा में ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों के आने के बाद से अंतर्कलह उपजी है, जो अब तक थम नहीं रही है। इसके बाद कुछ और विधायक, विधायकी छोड़कर भाजपा में ष्षामिल हुए जिन्हें पद दिया जा रहा है। इसके असंतुष्ट नेताओं की नाराजगी और भी बढ़ गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्माने कहा कि जिन लोगों ने मंत्री पद छोड़ा उन्हें मंत्री बनाना तो सही है, मगर विधायकी छोड़कर जो भाजपा में ष्षामिल हो रहे हैं, उन्हें पद दिया जाना उचित नहीं है। पार्टी के वरिश्ठ नेताओं की अनेदेखी होगी तो संगठन में नाराजगी बढ़ेगी। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें