राजस्थान में कांग्रेस द्वारा सचिन पायलट को पदों से हटाने केे बाद मध्यप्रदेष में भी सियासी पारा तेज हो गया है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इसे लेकर कहा कि राहुल गांधी 75 साल के बुजुर्गों को सत्ता सौंपते हैं, युवाओं को वे उभने नहीं देते। वहीं राज्य के मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने इसे गुर्जर समाज का अपमान बताते हुए कहा कि गुर्जर समाज इसका बदला राज्य में होने वाले उपचुनाव में लेगा, वह कांग्रेस के पक्ष में मतदान नहीं करेगा।
राजस्थान में कांग्रेस द्वारा सचिन पायलट को पदों से हटाने के बाद राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पायलट का समर्थन किया और कहा वे जागे तो, मगर देर से जागे। मिश्रा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं जो अपनी पार्टी के बुजुर्ग नेताओं की चिंता कर रही हैं और बहन बंगले की चिंता में डूबी हैं, ये पार्टी की चिंता कर रहे हैं तो बहुत है। टुकड़े-टुकड़े गैंग का साथ देने वाले लोग जनता का विश्वास खो चुके हैं। मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं को उभरने नहीं देते, 75 साल के बुजुर्गों को सत्ता सौंपते हैं। कांग्रेस तो परिस्थितियों के कारण और झूठ बोलकर सत्ता में आई थी। अब जैसे मध्यप्रदेश में खुद ही टूटकर बिखर गई वैसे ही राजस्थान में टूट रही है।
उपचुनाव में दिखेगा असर
राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति में चल रहे उठापटक के बाद प्रदेष भाजपा नेता कांग्रेस पर हमलावर हो गए हैं। हाल में मंत्री बने ऐंदल सिंह कंसाना ने सचिन पायलट को लेकर बयान दिया कि उन्हें कांग्रेस ने जिस तरह पदों से हटाया, उसका असर मध्यप्रदेष की सियासत पर दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं सचिन से बात करेंगे। कंसाना ने कहा कि सचिन का नहीं, बल्कि गुर्जर समाज का अपमान है। उपचुनाव में मध्यप्रदेष का गुर्जर मतदाता कांग्रेस का साथ नहीं देगा। कंसाना ने कहा कि उपचुनाव में 7 सीटें ऐसी हैं, जिन पर गुर्जर समाज परिणामों को प्रभावित करता रहा है।
राजनीति में सब्र होना चाहिएः दिग्विजय
राजस्थान में राजनीतिक उठापटक को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि राजनीति में सब्र होना चाहिए। सब्र से ही इंसान आगे बढ़ता है। कितने ऐसे लोग हैं, जो इतनी जल्दी राजनीतिक पायदान पर उपर चढ़ते हैं। सिंह ने कहा कि सचिन पायलट को सांसद, केन्द्रीय मंत्री, राजस्थान पार्टी प्रमुख और डिप्टी सीएम बनाया गया, उनकी उम्र क्या है? वह अभी भी युवा है, उसे थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। उनकी हरकतें पार्टी के अनुशासन के खिलाफ हैं।
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